फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Will the two-child rule apply if a third child is born after securing a job HC seeks response from government.

एमपी: नौकरी के बाद तीसरा बच्चा होने पर क्या लागू होगा दो-संतान नियम? हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

Wed, 26 Aug 2026 07:38 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: शबाहत हुसैन Updated Wed, 26 Aug 2026 07:38 PM IST
सार
Register For Event

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी नौकरी के बाद तीसरा बच्चा होने पर दो-संतान नियम लागू होने या नहीं होने को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने दो सप्ताह में नियम की स्पष्ट व्याख्या और अवैध खनन मामलों की एफआईआर का रिकॉर्ड मांगा।

विज्ञापन
Will the two-child rule apply if a third child is born after securing a job HC seeks response from government.
ग्वालियर हाई कोर्ट खंडपीठ बेंच। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने अवैध खनन से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी नौकरी में दो-संतान नियम की वैधता और उसकी व्याख्या को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने पूछा कि यदि किसी कर्मचारी के सरकारी सेवा में नियुक्त होने के बाद तीसरा बच्चा होता है, तो क्या ऐसी स्थिति में भी दो-संतान संबंधी नियम लागू होगा। यह सवाल ग्वालियर में पदस्थ खनिज अधिकारी पंकजध्वज मिश्रा के तीन बच्चे होने का तथ्य सामने आने के बाद उठा।

विज्ञापन


नियुक्ति के बाद भी लागू होगा नियम?
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने सेवा नियमों का हवाला देते हुए कहा कि सरकारी नौकरी के आवेदक के दो से अधिक बच्चे नहीं होने चाहिए। इस पर न्यायालय ने पूछा कि क्या यह शर्त केवल नियुक्ति के समय लागू होती है या सरकारी सेवा में आने के बाद भी कर्मचारी पर प्रभावी रहती है। अदालत ने टिप्पणी की कि यदि नौकरी मिलने के बाद तीसरा बच्चा होने पर दो-संतान नियम का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है, तो फिर दो बच्चों की सीमा तय करने का प्रशासनिक उद्देश्य ही निष्फल हो जाएगा।
विज्ञापन


पढे़ं: गुरु दक्षिणा कहकर बनाए संबंध? ज्ञानदास महाराज की अग्रिम जमानत खारिज, हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
विज्ञापन
विज्ञापन


दो सप्ताह में जवाब देने का निर्देश
राज्य सरकार के अधिवक्ता तत्काल इस सवाल पर स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। उन्होंने शासन का रुख स्पष्ट करने और नियमों की व्याख्या समझने के लिए समय मांगा। न्यायालय ने अनुरोध स्वीकार करते हुए सरकार को दो सप्ताह के भीतर नियम की स्पष्ट व्याख्या और विस्तृत जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने खनिज अधिकारी पंकजध्वज मिश्रा को भी तीसरे बच्चे के संबंध में अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है।

तीन खदानों पर रोक जारी
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अशोक यादव की तीन खदानों के संचालन पर पहले लगाई गई रोक को अगले आदेश तक जारी रखने का फैसला किया। अदालत ने अवैध खनन के मामलों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया और पिछले पांच वर्षों में दर्ज अवैध खनन से संबंधित सभी एफआईआर का रिकॉर्ड सरकार से तलब किया है। राज्य सरकार को दो सप्ताह में दो-संतान नियम की स्थिति और अवैध खनन से संबंधित एफआईआर की विस्तृत जानकारी अदालत में पेश करनी होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed