महाराष्ट्र में इस साल गणेशोत्सव पर छाया कोरोना संकट, सादगी से मनेगा पर्व
- ठाकरे बोले- सादगी से मनाएं पर्व, अभी नहीं टला है कोरोना का खतरा
- 22 अगस्त को गणेश चतुर्थी के दिन से 10 दिनों का गणेशोत्सव शुरू
विस्तार
महाराष्ट्र के प्रसिद्ध गणेशोत्सव त्योहार पर भी कोरोना का संकट छा गया है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस साल सादगी से गणेश उत्सव मनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव सादगी से मनाने का दायरा भी हम सभी को मिलकर तय करना पड़ेगा। क्योंकि अभी संकट टला नहीं है।
गुरुवार को गणेशोत्सव के मद्देनजर कानून- सुव्यवस्था को लेकर आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ठाकरे ने यह बात कही। मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि कोरोना की स्थिति को देखते हुए राज्य में गणेशोत्सव सामाजिक चेतना कार्यक्रम आयोजित करके सादगी से मनाया जाए।
महाराष्ट्र में मिशन बिगिन अगेन के तहत हर कदम सावधानी से उठाया जा रहा है। इसलिए गणेश उत्सव भी एक दायरे में रहकर मनाना पड़ेगा। यह सही है कि हमेशा की तरह इस बार गणेश उत्सव बड़े धूमधाम से नहीं मनाया जा सकता है।
कोरोना के मद्देनजर सभी प्रकार की सावधानी बरतनी होगी। लेकिन इसका भी ध्यान रखा जाए कि कोई परंपरा खंडित न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुणे सहित कई गणेश मंडलों ने इस बार कोरोना के कारण गणेशोत्सव अत्यंत सादगी से मनाने का फैसला किया है। गणेश मंडलों ने सरकार के फैसले को समर्थन देने का कहा है।
इसके लिए सभी गणेश मंडलों को धन्यवाद देता हूं। उद्धव ने शिर्डी संस्था, सिद्धि विनायक ट्रस्ट सहित कई गणेश मंडलों द्वारा मुख्यमंत्री सहायता निधि में मदद पर धन्यवाद दिया।
इस बैठक में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, गृहमंत्री अनिल देशमुख और प्रमुख अधिकारियों सहित बृहन्मुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समिति के अध्यक्ष नरेश दहीबावकर, राज्य भर के गणेश मंडल के प्रतिनिधि, मूर्तिकार संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
इस साल 22 अगस्त को है गणेशोत्सव
गणेशोत्सव महाराष्ट्र का सबसे लोकप्रिय त्योहार है। इसलिए हर साल मुंबई और पुणे सहित पूरे राज्य में बड़े धूमधाम के साथ गणेशोत्सव मनाया जाता है। इस साल 22 अगस्त को गणेश चतुर्थी के दिन से 10 दिनों का गणेशोत्सव शुरू हो रहा है।
ठाकरे ने विभिन्न गणेशोत्सव मंडलों के साथ वीडियो कांफ्रेंस में कहा कि उन्हें अपनी समाजिक जिम्मेदारी का ध्यान रखते हुए दुनिया के सामने उदाहरण पेश करना चाहिए।