गोवा के मुख्यमंत्री और रक्षामंत्री का कार्यभार संभालने वाले मनोहर परिकर ने कल 17 मार्च को अपनी अंतिम सांस ली। परिकर का बचपन से ही राजनिति में रुझान ज्यादा था। चूंकि वे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से बचपन में ही जुड़ गए इसलिए वे अपनी जनता को भी देश प्रेम के लिए प्रेरित करते थे।
मनोहर परिकर 24 अक्टूबर 2000 में गोवा के मुख्यमंत्री बने। मनोहर परिकर अपने राजनीति कार्यकाल में 3 साल रक्षामंत्री के पद के साथ 4 बार मुख्यमंत्री बने। मनोहर परिकर सन 1988 में भाजपा से तो जुड़े ही साथ ही वे उस दौरान राम जन्मभूमि आंदोलन, जो उस वक्त का सबसे अहम टॉपिक था, का भी प्रमुख हिस्सा रहे।
मनोहर परिकर का पूरा नाम मनोहर गोपालकृष्ण परिकर था। मापुसा में 13 दिसंबर, 1955 में इनका जन्म हुआ। 1978 में आईआईटी बॉम्बे से मेटालर्जिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन कर वे 26 की उम्र में मापुसा में ही संघचालक बन गए।
परिकर फरवरी 2018 से कैंसर बीमारी से पीड़ित थे। उनके निधन की खबर के बाद, राजकीय शोक की घोषणा की गई। कल राज्य के सभी स्कूलों और संस्थानों के साथ-साथ सरकारी कार्यालयों में भी छुट्टी की घोषणा की गई।
खास बात ये थी कि चाहे कैसा भी घोटाला हो उनका नाम कभी किसी घोटाले में नहीं लिया गया, शायद यही कारण था कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुड लिस्ट में आज भी शामिल हैं।
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