शरीर को स्वस्थ रखने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अपना खान-पान ठीक रखने की सलाह देते हैं। डाइट में ऐसी चीजों की मात्रा अधिक से अधिक रखना जरूरी है जिससे जरूरी पोषक तत्वों की आसानी से पूर्ति हो सके। इसके लिए रंग-बिरंगी सब्जियां, नट्स और सीड्स के साथ मौसमी फल खाना आपके लिए बहुत लाभकारी हो सकता है।
डाइट टिप्स: रोज फल खाते हैं तो क्या इससे भी हो सकता है डायबिटीज का खतरा? डायटीशियन से जानिए
रोज फल खाना आम तौर पर डायबिटीज का कारण नहीं माना जाता। साबुत फल जूस से बेहतर विकल्प है, जबकि सूखे फल और बहुत ज्यादा मात्रा में फल खाने पर सावधानी जरूरी है। आम, केला या अंगूर को पूरी तरह बंद करने के बजाय मात्रा, कुल डाइट और जीवनशैली पर ध्यान देना चाहिए।
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फलों में होती है प्राकृतिक मिठास
आहार विशेषज्ञ पारुल चौहान कहती हैं, फलों में फ्रुक्टोज समेत प्राकृतिक शुगर होती है, लेकिन पूरा फल सिर्फ शुगर नहीं होता। इसमें फाइबर, पानी और दूसरे पोषक तत्व भी होते हैं।
- फाइबर पाचन को धीमा करता है और इससे पूरे फल का ग्लूकोज प्रभाव आम तौर नुकसानदायक नहीं होता है।
- इसी वजह से फल को सिर्फ उसमें मौजूद शुगर देखकर डायबिटीज बढ़ाने वाला मानना सही नहीं है।
- ऐडेड शुगर और प्राकृतिक शुगर दोनों अलग चीज हैं, प्राकृतिक शुगर को सेहत के लिए हानिकारक नहीं माना जाता है।
फल को जूस बनाकर पीना कम कर सकता है पोषण
डायटीशियन कहती हैं, फल खाने से आमतौर पर शुगर बढ़ने का खतरा नहीं होता है।असली गलती है फल को जूस बनाकर पीने से है। जूस बनाकर पीने से फल का फाइबर कम हो जाता है। जूस में फलों का गूदा निकल जाता है जिसमें फाइबर की अधिकतर मात्रा पाई जाती है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन भी पूरे साबुत फल को जूस के मुकाबले प्राथमिकता देने की सलाह देता है।
इसी तरह पैकेज्ड फ्रूट ड्रिंक से और ज्यादा सावधानी जरूरी है, क्योंकि उनमें एडेड शुगर की मात्रा भी अधिक होती है जिससे शुगर लेवल बढ़ने का जोखिम हो सकता है।
ड्राई फ्रूट्स को लेकर सावधानी
आहार विशेषज्ञ कहते हैं, मौसमी फल सेहत के लिए ज्यादा अच्छे होते हैं। इसकी जगह ड्राई फ्रूट जैसे किशमिश, खजूर, सूखे अंजीर जैसे फल खाना आपका शुगर लेवल तेजी से बढ़ाने वाला हो सकता है। फलों को सुखाकर खाने से उसकी संरचना और शुगर की मात्रा पर प्रभाव पड़ता है यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ डायबिटीज में ड्राई फ्रूट्स का चयन सावधानी से करने की सलाह देते हैं।
डायबिटीज में फल खाएं या नहीं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर डायबिटीज का डर है तो फल बंद करना समाधान नहीं है। हमेशा साबुत फल खाएं और ऐसे फलों का चयन करें जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। जूस और मीठे शेक से बचें। किशमिश-अंजीर जैसे सूखे फल की मात्रा भी कम रखें। फलों के साथ ही वजन, व्यायाम और पूरी डाइट पर ध्यान देना भी बहुत जरूरी है।
- डायबिटीज का खतरा किसी एक फल से तय नहीं होता। इंसुलिन रेजिस्टेंस, वजन बढ़ना, उम्र, फैमिली हिस्ट्री और शारीरिक गतिविधियां भी आपके शुगर लेवल को प्रभावित करने वाली हो सकती हैं। इसपर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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