हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों, खासकर उत्तर भारत के राज्यों में जिस तरह से तेज बारिश का प्रकोप देखा गया, इसने मच्छर जनित बीमारियों के खतरे को काफी बढ़ा दिया है। बारिश के कारण जलजमाव की स्थिति हो गई है, जो मच्छरों के प्रजनन को बढ़ाने वाली हो सकती है। इसी खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को डेंगू-मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों को लेकर और ज्यादा सावधान हो जाने की सलाह दे रहे हैं।
अलर्ट: बुखार डेंगू जैसा लेकिन बीमारी कुछ और, डेंगू से मिलते-जुलते लक्षणों वाली इन बीमारियों को भी जानिए
Dengue Fever: तेज बुखार, बदन दर्द और कमजोरी केवल डेंगू के लक्षण नहीं हैं। चिकनगुनिया, मलेरिया, टाइफाइड और लेप्टोस्पायरोसिस जैसी बीमारियां भी मिलते-जुलते संकेत दे सकती हैं। बीमारी की पहचान के लिए टेस्ट कराना जरूरी माना जाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, चिकनगुनिया, मलेरिया, टाइफाइड, लेप्टोस्पायरोसिस और कुछ दूसरी संक्रमण वाली बीमारियां भी डेंगू जैसी दिखाई दे सकती हैं। कई मामलों में शुरुआती लक्षण इतने मिलते-जुलते होते हैं कि केवल लक्षण देखकर बीमारी की सही पहचान करना मुश्किल हो सकता है।
यही वजह है कि तेज बुखार होने पर खुद से डेंगू मान लेना या बिना जांच के इलाज शुरू कर देना नुकसानदायक हो सकता है। आइए जानते हैं कि और किन बीमारियों में डेंगू जैसी दिक्कतें हो सकती हैं?
चिकनगुनिया में भी होता है जोड़ों का दर्द
चिकनगुनिया और डेंगू दोनों मच्छरों से होने वाली बीमारियां हैं और इनके शुरुआती लक्षण भी एक जैसे हो सकते हैं।
- चिकनगुनिया में तेज बुखार के साथ जोड़ों में बहुत ज्यादा दर्द और सूजन हो सकते हैं। जोड़ का दर्द कई बार लंबे समय तक बना रह सकता है।
- डेंगू में भी शरीर और मांसपेशियों में दर्द हो सकता है, लेकिन दोनों के कुछ संकेत अलग हो सकते हैं।
- डेंगू में प्लेटलेट कम होने और ब्लीडिंग जैसी समस्या अधिक देखी जाती है, जबकि जोड़ों में सूजन की दिक्कत चिकनगुनिया में ज्यादा देखी जाती है।
मलेरिया और टाइफाइड में भी हो सकते हैं डेंगू जैसे लक्षण
- मलेरिया में बुखार के साथ ठंड लगने, कमजोरी, मतली-उल्टी, पेट से जुड़ी समस्याओं के साथ और मांसपेशियों में दर्द हो सकता है। इसकी पहचान के लिए ब्लड टेस्ट में परजीवी की जांच की जाती है।
- टाइफाइड में लंबे समय तक बुखार, पेट दर्द और कुछ मामलों में त्वचा पर दाने हो सकते हैं। ये सभी दिक्कतें डेंगू के लक्षणों से मिलती-जुलती होती हैं।
यहां जानना जरूरी है कि डेंगू मच्छर के काटने से होने वाली बीमारी है जबकि टाइफाइड साल्मोनेला टाइफी नामक बैक्टीरिया के कारण होता है जो मुख्य रूप से दूषित पानी और अस्वच्छ भोजन के जरिए फैलता है।
लेप्टोस्पायरोसिस की समस्या
कई बार डेंगू की ही तरह के लक्षण लेप्टोस्पायरोसिस रोग में भी दिखाई दे सकते हैं। लेप्टोस्पायरोसिस एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है जो दूषित पानी या मिट्टी के माध्यम से इंसानों और जानवरों में फैलता है। इसमें भी डेंगू की तरह बुखार, तेज सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और आंखों में लालिमा जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसलिए केवल बुखार देखकर डेंगू की दवा नहीं शुरू करनी चाहिए।
कब जाएं डॉक्टर के पास?
अगर तेज बुखार के साथ लगातार उल्टी, पेट में तेज दर्द, खून आने और अत्यधिक कमजोरी जैसी दिक्कतें हो तो अलर्ट हो जाना चाहिए। इसके अलावा सांस लेने में परेशानी, बेहोशी या भ्रम जैसी समस्या हो तो इसे सामान्य बुखार मानकर घर पर इंतजार नहीं करना चाहिए।
डेंगू की पहचान के लिए खून की जांच जरूरी है। कुछ मामलों में एक से ज्यादा संक्रमण भी हो सकते हैं, जैसे डेंगू-मलेरिया की बीमारी कई लोगों को एक साथ हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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