शरीर को स्वस्थ और फिट बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को नियमित रूप से व्यायाम करने की सलाह देते हैं। व्यायाम की आदत रक्त संचार को बढ़ाने से लेकर, पाचन, मानसिक स्वास्थ्य और कई गंभीर क्रॉनिक बीमारियों के खतरे को भी कम करने में मददगार हो सकती है। विशेषज्ञ कहते हैं, सभी वयस्कों के लिए हफ्ते में कम से कम 150 मिनट का व्यायाम बहुत जरूरी माना जाता है। ये आपकी सेहत को ठीक रखने में मददगार हो सकती है।
Health Checkups: जिम जाने की सोच रहे हैं तो पहले करा लें ये जरूरी ब्लड टेस्ट, वरना भारी पड़ सकती है मेहनत
जिम शुरू करने से पहले हर व्यक्ति को ढेरों ब्लड टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होती। हालांकि लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर, पुरानी बीमारी या हृदय रोग के जोखिम वाले लोगों में डॉक्टर कुछ जरूरी जांचों की सलाह दे सकते हैं। सही जांच से शरीर की स्थिति समझकर सुरक्षित तरीके से एक्सरसाइज शुरू करने में मदद मिल सकती है।
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जिम शुरू करने के बाद हो सकती हैं कई दिक्कतें
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कई बार ऐसा होता है कि जिम शुरू करने के कुछ ही दिनों बाद बहुत ज्यादा थकान महसूस होने लगती है। चक्कर आते हैं, मांसपेशियों में ऐंठन शुरूहो जाती है या फिर धड़कन तेज महसूस होने लगती है। कुछ लोगों को लगता है कि यह एक्सरसाइज का सामान्य असर है और शरीर धीरे-धीरे इसकी आदत डाल लेगा। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस तरह की स्थितियां असल में आपके के लिए चेतावनी हो सकती हैं।
अगर आप लंबे समय से व्यायाम नहीं कर रहे हैं, उम्र ज्यादा है, पहले से कोई बीमारी है या आपको लगातार कमजोरी और थकान रहती है तो अलर्ट हो जाना चाहिए।
आइए जानते हैं कि जिम जाने से पहले कौन-कौन से टेस्ट जरूर करा लेने चाहिए?
कंप्लीट ब्लड काउंट से मिल सकती है खून की कमी की जानकारी
कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) एक सामान्य रक्त जांच है, जिससे लाल रक्त कोशिकाओं, सफेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स समेत कई चीजों का अंदाजा मिलता है।
- अगर शरीर में हीमोग्लोबिन कम है तो आपको जल्दी थकान, कमजोरी, सांस फूलने या चक्कर जैसी परेशानी हो सकती है। ऐसे में जिम में भारी व्यायाम करना मुश्किल लग सकता है।
- जिन लोगों को पहले से कमजोरी, लगातार थकान, पीलिया या सांस फूलने की शिकायत रही है उन्हें डॉक्टर की सलाह पर ही जिम शुरू करना चाहिए।
कोलेस्ट्रॉल की जांच
अगर आप अचानक भारी व्यायाम शुरू करने जा रहे हैं तो अपने हृदय संबंधी जोखिमों को समझना जरूरी है।
- लिपिड प्रोफाइल से रक्त में बैड और गुड कोलेस्ट्रॉल के साथ ट्राइग्लिसराइड्स की स्थिति का पता चलता है।
- यह जांच खासकर उन लोगों के लिए अधिक महत्वपूर्ण है जिनका वजन अधिक है, धूम्रपान करते हैं या परिवार में किसी को दिल की बीमारी रही है।
- अगर टेस्ट में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ा हुआ आया है तो डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
सोडियम और पोटैशियम की जांच
पोटैशियम, सोडियम और दूसरे इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर में मांसपेशियों और नसों के सामान्य कामकाज के लिए महत्वपूर्ण हैं। अगर आपको बार-बार मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी, अत्यधिक पसीना आता है तो डॉक्टर इलेक्ट्रोलाइट जांच की सलाह दे सकते हैं। इनकी कमी या अधिकता दोनों समस्याएं पैदा कर सकती हैं। जिम जाने से पहले शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स बैलेंस पर ध्यान देना भी जरूरी है।
आयरन, विटामिन बी12 और विटामिन डी की जांच
जिम या भारी वर्कआउट शुरू करने से पहले आयरन, विटामिन बी12 और विटामिन डी जैसे जांच भी एहतियातन करा लेने चाहिए।
ये टेस्ट थकान-कमजोरी, हाथ-पैरों में झनझनाहट, हड्डियों या मांसपेशियों से जुड़ी शिकायत समस्याओं का पता लगाने में मदद करते हैं। शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने पर व्यायाम के बाद रिकवरी प्रभावित हो सकती है और आपको मांसपेशियों की दिक्कत हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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