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Potassium Deficiency: मांसपेशियों में रहती है ऐंठन और शरीर में कमजोरी? कहीं आपमें पोटैशियम की कमी तो नहीं

Fri, 21 Aug 2026 07:18 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Fri, 21 Aug 2026 07:18 PM IST
सार
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मांसपेशियों में बार-बार ऐंठन, कमजोरी और थकान कई कारणों से हो सकती है, जिनमें पोटैशियम की कमी भी शामिल है। हालांकि केवल लक्षणों के आधार पर कमी की पुष्टि नहीं की जा सकती। बिना डॉक्टर की सलाह के पोटैशियम सप्लीमेंट लेना नुकसानदायक हो सकता है।

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पोटैशियम की कमी के कारण होने वाली दिक्कतें - फोटो : Amarujala.com/AI

क्या आपके भी पैर की मांसपेशियों में अक्सर तेज क्रैंप होता है, सीढ़ियां चढ़ते हुए पैरों में अजीब सी कमजोरी महसूस होती है या फिर थोड़ा सा काम करने के बाद शरीर जवाब देने लगता है? इन परेशानियों को हम अक्सर थकान, कमजोरी या ज्यादा काम का नतीजा समझकर इग्नोर कर देते हैं। लेकिन बार-बार ऐसा होना शरीर में कुछ जरूरी  खनिजों की कमी की ओर संकेत भी हो सकता है।



स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पोटैशियम की कमी के कारण मांसपेशियों में ऐंठन और थकान जैसी दिक्कतें देखी जाती हैं। पोटैशियम हमारे शरीर के लिए एक जरूरी मिनरल है। यह नसों से संदेश पहुंचाने, मांसपेशियों को सही तरीके से सिकुड़ने और शरीर में तरल पदार्थ का संतुलन बनाए रखने जैसे जरूरी काम करता है। पोटैशियम बहुत कम या बहुत ज्यादा होना दोनों ही शरीर के लिए परेशानी पैदा कर सकता है।

तो हर बार मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन को शरीर की कमजोरी मानने की भूल नहीं करनी चाहिए।

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डाइट में पोटैशियम जरूरी - फोटो : Freepik.com

पोटैशियम शरीर में करता क्या है?

पोटैशियम शरीर के अंदर कई महत्वपूर्ण काम करता है। यह नसों के सामान्य कामकाज और मांसपेशियों के संकुचन में मदद करता है। दिल की धड़कन को सामान्य बनाए रखने में भी शरीर के इलेक्ट्रोलाइट संतुलन में ये जरूरी होती है। 
 

  • पोटैशियम की मात्रा शरीर में एक निश्चित सीमा के भीतर रहना जरूरी है। बहुत कम या बहुत अधिक दोनों स्थितियां समस्या पैदा कर सकती हैं।
  • डॉक्टर बताते हैं, पौष्टिक आहार के सेवन से आसानी से उसकी पूर्ति हो सकती है। आइए जानते हैं कि कहीं आपके शरीर में इसकी कमी तो नहीं है?
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मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन की दिक्कत - फोटो : Freepik.com

मांसपेशियों में ऐंठन हो सकता है संकेत

पोटैशियम कम होने पर कुछ लोगों में मांसपेशियों की कमजोरी या ऐंठन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि केवल ऐंठन देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि पोटैशियम ही कम है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहना, ज्यादा व्यायाम, पानी की कमी और दूसरे इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन भी ऐंठन का कारण बन सकते हैं। 
 

  • अगर ऐंठन बार-बार हो रही है, बहुत दर्दनाक है या इसके साथ कमजोरी भी महसूस होती है तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। जरूरत पड़ने पर रक्त जांच से पोटैशियम और दूसरे इलेक्ट्रोलाइट्स की स्थिति देखी जा सकती है।
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अक्सर थकान की समस्या - फोटो : Freepil.com

लगातार कमजोरी और थकान को नजरअंदाज न करें

पोटैशियम की ज्यादा कमी होने पर मांसपेशियों की कमजोरी महसूस हो सकती है। आपको सामान्य काम करने में भी पहले की तुलना में ज्यादा मेहनत लग सकती है।
 

  • थकान और कमजोरी के पीछे भी बहुत सारे कारण हो सकते हैं। खून या नींद की कमी, तनाव, पोषक तत्वों की की कमी के कारण भी कमजोरी और थकान होती रहती है।
  • पर अगर समस्या लगातार बनी हुई है या बढ़ रही है तो डॉक्टर से मिलकर कारण की जांच कराना जरूरी हो जाता है।
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खुद से न लें कोई भी सप्लीमेंट - फोटो : freepik.com

बहुत ज्यादा पसीना आने पर भी ध्यान दें

गर्मी में लंबे समय तक बाहर रहने या भारी व्यायाम करने से शरीर में तरल और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन प्रभावित हो सकता है।सामान्य परिस्थितियों में संतुलित भोजन और पर्याप्त तरल से शरीर अपनी जरूरत पूरी कर सकता है। लंबे समय तक अत्यधिक पसीना, कमजोरी, चक्कर या मांसपेशियों में ऐंठन होने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

पोटैशियम की कमी का पता लगाने के लिए डॉक्टर पोटैशियम की जांच की सलाह दे सकते हैं। यदि पोटैशियम कम आता है तो डॉक्टर आहार में सुधार और कुछ सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दे सकते हैं। केले से इसकी आसानी से पूर्ति की जा सकती है। हालांकि खुद से पोटैशियम की गोलियां लेने की गलती न करें। 




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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