Indian Railways Rules For Loco Pilot: भारतीय रेलवे में लोको पायलट की जिम्मेदारी सिर्फ ट्रेन चलाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा भी उनके हाथों में होती है। ऐसे में अगर ड्यूटी के दौरान उनके घर से किसी इमरजेंसी की खबर आ जाए, जैसे परिवार में किसी की तबीयत अचानक बिगड़ जाए या कोई गंभीर घटना हो जाए, तो क्या वह ट्रेन को बीच रास्ते में छोड़कर घर जा सकते हैं?
इसका जवाब रेलवे के सुरक्षा नियमों में छिपा है। लोको पायलट की व्यक्तिगत परेशानी महत्वपूर्ण है, लेकिन ट्रेन को सुरक्षित तरीके से चलाना और अपनी ड्यूटी की जिम्मेदारी पूरी करना भी जरूरी है। इसलिए आप यहां जान सकते हैं कि इमरजेंसी होने पर आखिर लोको पायलट क्या करता है। आप आगे इस बारे में जान सकते हैं...
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घर में इमरजेंसी हो तो क्या ट्रेन छोड़ सकता है लोको पायलट?
- फोटो : AdobeStock
क्या कहता है रेलवे का नियम?
- भारतीय रेलवे के नियमों के तहत ड्यूटी के दौरान लोको पायलट इंजन या ट्रेन को नहीं छोड़ सकता, चाहे वह स्टेशन पर खड़ा हो या किसी रनिंग लाइन पर हो
- ऐसा इसलिए क्योंकि यहां पर ट्रेन में मौजूद सभी यात्रियों की सुरक्षा का सवाल होता है
- हालांकि, नियम ये भी कहता है कि कुछ स्थितियों में लोको पायलट ट्रेन की जिम्मेदारी दूसरे किसी सक्षम लोको पायलट को जरूर दे सकता है
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घर में इमरजेंसी हो तो क्या ट्रेन छोड़ सकता है लोको पायलट?
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घर में इमरजेंसी हो तो क्या कर सकता है लोको पायलट?
- अगर लोको पायलट को ड्यूटी के दौरान घर से किसी गंभीर घटना की सूचना मिलती है
- तो उसे सबसे पहले रेलवे कंट्रोल ऑफिस या अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी होती है
- इसके बाद रेलवे अधिकारी परिस्थिति के अनुसार ट्रेन के संचालन और दूसरे लोको पायलट की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए राहत की व्यवस्था कर सकते हैं
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घर में इमरजेंसी हो तो क्या ट्रेन छोड़ सकता है लोको पायलट?
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- वहीं, जब तक उचित व्यवस्था नहीं हो जाती यानी जब तक दूसरा लोको पायलट ट्रेन में नहीं आ जाता, तब तक लोको पायलट ट्रेन को नहीं छोड़ सकता
- ट्रेन को कहां रोका जाएगा और आगे संचालन कैसे होगा, यह निर्णय सुरक्षा नियमों और परिचालन व्यवस्था के अनुसार लिया जाता है
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क्या ट्रेन बीच रास्ते में रोकी जा सकती है?
- नहीं, लोको पायलट कहीं बीच में अपने मन से ट्रेन को नहीं रोक सकता और न ही छोड़कर जा सकता है
- इसके लिए जहां पर रेलवे अधिकारियों द्वारा तय किया जाता है, वहां ट्रेन को लोको पायलट लाता है और फिर नए लोको पायलट के आने पर पहले वाला लोको पायलट जाता है
- वहीं, अगर कोई लोको पायलट बिना अनुमति या गलत तरीके से अपनी ड्यूटी छोड़कर जाता है तो उस पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है