Difference Between Counter Ticket And Online IRCTC: आज के समय में भारतीय रेलवे से सफर करने के लिए टिकट बुक करना बहुत आसान हो गया है। यात्री अपनी सुविधा के अनुसार रेलवे स्टेशन के पीआरएस काउंटर पर जाकर या फिर घर बैठे आईआरसीटीसी एप व वेबसाइट से ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं।
हालांकि, कई आम यात्रियों को यह समझ नहीं आता कि काउंटर और ऑनलाइन टिकट में क्या मुख्य अंतर होता है और किसके क्या फायदे या नुकसान हैं। दोनों ही माध्यमों के अपने अलग नियम, शुल्क और सुविधाएं हैं। आइए इस लेख में सरल भाषा में समझते हैं कि काउंटर और ऑनलाइन बुकिंग में क्या अंतर है और आपके लिए कौन सा विकल्प सही रहेगा।
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सुविधा और समय की बचत में अंतर
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सुविधा और समय की बचत में अंतर
- ऑनलाइन टिकट आप अपने मोबाइल या लैपटॉप से 24 घंटे में कभी भी और कहीं से भी बुक कर सकते हैं, जिससे स्टेशन जाने और लंबी लाइनों में लगने का समय बचता है।
- वहीं काउंटर से टिकट लेने के लिए आपको खुद स्टेशन या रेलवे आरक्षण केंद्र तक जाना पड़ता है और लाइन में लगना होता है।
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वेटिंग टिकट पर यात्रा के नियम
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वेटिंग टिकट पर यात्रा के नियम
- अगर आप काउंटर से वेटिंग टिकट लेते हैं, तो आप ट्रेन के अनारक्षित कोच में यात्रा कर सकते हैं।
- इसके विपरीत, अगर आपने ऑनलाइन वेटिंग टिकट बुक किया है और वह चार्ट बनने तक कंफर्म नहीं होता है, तो वह अपने आप कैंसिल हो जाता है और उस पर यात्रा करने की अनुमति नहीं होती है।
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कन्वीनियंस फीस और पेमेंट चार्ज का अंतर
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कन्वीनियंस फीस और पेमेंट चार्ज का अंतर
- ऑनलाइन टिकट बुक करते समय आईआरसीटीसी आपसे थोड़ा अतिरिक्त कन्वीनियंस चार्ज और पेमेंट गेटवे शुल्क लेती है, जिससे टिकट थोड़ी महंगी हो जाती है।
- काउंटर से टिकट खरीदने पर आपको केवल ट्रेन का मूल किराया ही देना होता है, वहां कोई अतिरिक्त ऑनलाइन चार्ज नहीं लगता है।
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टिकट रद्द करने और रिफंड की प्रक्रिया
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टिकट रद्द करने और रिफंड की प्रक्रिया
- ऑनलाइन टिकट रद्द करना बेहद आसान होता है और रिफंड का पैसा सीधे आपके बैंक खाते में 2-3 दिनों में आ जाता है।
- वहीं काउंटर टिकट को रद्द कराने के लिए आपको रेलवे स्टेशन के काउंटर पर ही जाना पड़ता है और कागजी प्रक्रिया पूरी करके नकद रिफंड लेना होता है।