गर्भावस्था के दौरान सफर करना कई महिलाओं के लिए चिंता का विषय रहता है। खासकर जब यात्रा ट्रेन से करनी हो तो मन में सवाल आता है कि आखिर प्रेग्नेंसी के किस महीने तक ट्रेन में सफर किया जा सकता है? क्या रेलवे ने इसके लिए कोई खास नियम बनाया है? दरअसल, गर्भवती महिलाओं के लिए ट्रेन यात्रा को लेकर सबसे जरूरी बात यह है कि अपनी स्थिति को समझें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लें। तो आज की इसी खबर में हम आपको इसी विषय को लेकर विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
Pregnant Women: गर्भवती महिलाएं कितने महीने तक कर सकती हैं ट्रेन में यात्रा? जानिए रेलवे का नियम
Pregnant Women Travel by Train: गर्भावस्था में ट्रेन से सफर करने के लिए भारतीय रेलवे की ओर से कोई ऐसी तय समय-सीमा नहीं है कि एक निश्चित महीने के बाद महिला यात्रा नहीं कर सकती। हालांकि गर्भावस्था के दौरान सफर की सुरक्षा महिला की सेहत और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करती है। लंबे सफर से पहले जरूरी सावधानी बरतना बेहतर है।
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रेलवे ने तय नहीं की कोई आखिरी तारीख
भारतीय रेलवे में गर्भवती महिलाओं के लिए ऐसा कोई सामान्य नियम नहीं है कि एक निश्चित महीने या सप्ताह के बाद ट्रेन में सफर करने पर रोक हो। यानी सिर्फ गर्भावस्था के किसी खास चरण में पहुंच जाने की वजह से ट्रेन यात्रा अपने आप प्रतिबंधित नहीं हो जाती। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर महिला गर्भावस्था के आखिरी दिनों तक बिना किसी परेशानी के यात्रा कर सकती है। हर प्रेग्नेंसी अलग होती है और यात्रा का फैसला स्वास्थ्य की स्थिति को देखकर करना चाहिए।
किस समय ज्यादा सावधानी जरूरी?
गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में अगर महिला को ज्यादा उल्टी, कमजोरी या दूसरी परेशानी है तो लंबा सफर थकान बढ़ा सकता है। वहीं गर्भावस्था के आखिरी चरण में लंबे समय तक बैठना भी असहज हो सकता है। ऐसे में सफर से पहले डॉक्टर से सलाह लेना समझदारी है।
ट्रेन से सफर करना हो तो रखें इन बातों का ध्यान
अगर डॉक्टर ने यात्रा की अनुमति दी है तो कोशिश करें कि बहुत लंबी यात्रा से बचें। सफर के दौरान समय-समय पर पैर हिलाते रहें और संभव हो तो थोड़ी देर चलें। पानी पीते रहें और अपने साथ जरूरी दवाएं रखें। ट्रेन में चढ़ते और उतरते समय जल्दबाजी न करें। भारी सामान उठाने से बचें। कोशिश करें कि सीट ऐसी जगह हो जहां आने-जाने में आसानी रहे और जरूरत पड़ने पर शौचालय तक पहुंचने में परेशानी न हो।
कब यात्रा टालना बेहतर है?
अगर गर्भावस्था में ब्लीडिंग, तेज पेट दर्द, पानी निकलना, चक्कर या कोई दूसरी गंभीर परेशानी हो रही है तो खुद से यात्रा का फैसला न लें। ऐसी स्थिति में पहले डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। खासकर जिन महिलाओं की प्रेग्नेंसी हाई रिस्क है, उन्हें ट्रेन से लंबी दूरी की यात्रा करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
सफर से पहले करें छोटी सी तैयारी
ट्रेन यात्रा से पहले मेडिकल रिकॉर्ड, डॉक्टर की सलाह, जरूरी दवाएं और पानी अपने पास रखें। परिवार के किसी सदस्य या साथ यात्रा कर रहे व्यक्ति को भी अपनी स्थिति के बारे में बताएं।इसलिए गर्भावस्था में ट्रेन से सफर को लेकर कोई एक नियम सभी महिलाओं पर लागू नहीं होता। सबसे अहम है मां और बच्चे की सुरक्षा। यात्रा से पहले अपनी सेहत और डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता देना ही सबसे बेहतर तरीका है।
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