Tatkal Waiting Ticket Cancellation Charges: ट्रेन यात्रा के दौरान कंफर्म टिकट न मिलने पर कई यात्री तत्काल कोटे में टिकट बुक करते हैं, लेकिन वेटिंग रह जाने पर उन्हें इसे कैंसिल कराना पड़ता है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या तत्काल वेटिंग टिकट कैंसिल करने पर पूरा पैसा वापस मिलता है या रेलवे कोई चार्ज काटता है।
नियमों की सही जानकारी न होने के कारण कई बार यात्रियों को पैसों का नुकसान उठाना पड़ता है। भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार तत्काल टिकट और सामान्य टिकट के कैंसिलेशन चार्ज में कुछ अंतर होता है। आइए इस लेख में समझते हैं कि तत्काल वेटिंग टिकट कैंसिल करने पर रेलवे कितना शुल्क काटता है और इससे जुड़े नियम क्या हैं।
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Indian Railways
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क्या तत्काल वेटिंग टिकट कैंसिल करने पर रिफंड मिलता है?
- हां, अगर आपका तत्काल टिकट वेटिंग लिस्ट में रह जाता है और आप उसे चार्ट बनने से पहले कैंसिल करते हैं, तो आपके कुछ पैसा काटकर रिफंड मिल जाता है।
- बता दें कि तत्काल वेटिंग टिकट के लिए सभी श्रेणी (यानी स्लीपर, एसी आदि) में एक बराबर पैसा कटता है।
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तत्काल वेटिंग टिकट कैंसिल करने पर क्या नियम लागू होते हैं?
- चार्ट बनने के बाद भी अगर आपकी टिकट वेटिंग में ही रहती है, तो ई-टिकट अपने आप कैंसिल होकर बैंक खाते में रिफंड आ जाता है।
- वहीं काउंटर टिकट के मामले में आपको यह टिकट ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से कम से कम 30 मिनट पहले तक काउंटर पर जाकर कैंसिल कराना होता है।
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Indian Railways, भारतीय रेलवे
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तत्काल वेटिंग टिकट पर कितना कैंसिलेशन चार्ज काटा जाता है?
- भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक, प्रति यात्री फिक्स्ड कैंसिलेशन चार्ज (क्लरिकल चार्ज) काटा जाता है।
- अगर तत्काल टिकट वेटिंग में है तो टिकट कैंसिल होने पर क्लर्कल चार्ज 60 रुपये और टैक्स काटकर बाकी पैसा वापस मिल जाता है।
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तत्काल कंफर्म और वेटिंग टिकट के कैंसिलेशन में अंतर
- तत्काल टिकट अगर बुक होते ही कंफर्म हो जाए, तो उसे कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलता है।
- वहीं टिकट वेटिंग में रहती है, तो नियम के अनुसार क्लर्कल चार्ज 60 रुपये और टैक्स काटकर पैसा ओरिजिनल पेमेंट अकाउंट में रिफंड मिल जाता है।