New Vehicle PUC Certificate Validity: नई कार या बाइक खरीदने के बाद अक्सर वाहन मालिकों के मन में प्रदूषण सर्टिफिकेट यानी पीयूसीसी की वैधता को लेकर काफी भ्रम रहता है। बहुत से लोगों के मन में ये भ्रम रहता है कि नई गाड़ी का प्रदूषण सर्टिफिकेट 3 साल या 5 साल के लिए मान्य होता है। हालांकि, भारतीय मोटर वाहन नियम के तहत ऐसा सोचना एक बड़ी भूल साबित हो सकता है।
वास्तव में, नए बीएस-4 या बीएस-6 मानक वाले वाहनों के लिए कंपनी द्वारा मिलने वाला प्रदूषण सर्टिफिकेट खरीद की तारीख से केवल 1 साल तक ही वैध होता है। एक साल की अवधि समाप्त होने के बाद हर वाहन मालिक को समय-समय पर अपनी गाड़ी का प्रदूषण टेस्ट कराना बहुत जरूरी होता है। आइए इस लेख में समझते हैं कि इससे जुड़े क्या नियम हैं।
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एक साल बाद कितने समय में कराना होगा पीयूसीसी टेस्ट?
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एक साल बाद कितने समय में कराना होगा पीयूसीसी टेस्ट?
- नई गाड़ी खरीदने के पहले 1 साल तक आपको अलग से प्रदूषण जांच कराने की जरूरत नहीं होती।
- मगर 1 साल पूरा होने के बाद आपको अपनी गाड़ी की नियमित जांच करानी पड़ती है।
- इसके बाद पेट्रोल और सीएनजी गाड़ियों के लिए प्रदूषण सर्टिफिकेट आमतौर पर 1 साल के लिए ही जारी किया जाता है।
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पुरानी और डीजल गाड़ियों के लिए पीयूसीसी नियम
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पुरानी और डीजल गाड़ियों के लिए पीयूसीसी नियम
- अगर आपकी गाड़ी थोड़ी पुरानी है या डीजल इंजन वाली है, तो कुछ राज्यों में उसके लिए 6 महीने की वैधता वाला प्रदूषण सर्टिफिकेट जारी किया जाता है।
- इसलिए अपनी गाड़ी के प्रकार और ईंधन के हिसाब से समय पर प्रदूषण जांच केंद्र जाकर नया पीयूसीसी बनवाना जरूरी है।
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वैध पीयूसी न होने पर भारी ट्रैफिक चालान का प्रावधान
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वैध पीयूसी न होने पर भारी ट्रैफिक चालान का प्रावधान
- अगर आप बिना वैध प्रदूषण सर्टिफिकेट के सड़क पर गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाते हैं, तो आपका बड़ा चालान कट सकता है।
- नए मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार वैध पीयूसी न होने पर 10,000 रुपये तक का भारी जुर्माना और 3 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस रद्द होने का प्रावधान है।
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समय पर पीयूसीसी बनवाएं और जुर्माने से बचें
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समय पर पीयूसीसी बनवाएं और जुर्माने से बचें
- अपनी गाड़ी के प्रदूषण सर्टिफिकेट की एक्सपायरी डेट हमेशा ध्यान में रखें और समय समाप्त होने से पहले ही नजदीकी पेट्रोल पंप या अधिकृत जांच केंद्र से नया सर्टिफिकेट बनवा लें।
- इससे आप न सिर्फ भारी चालान से बचेंगे, बल्कि आपकी गाड़ी भी हमेशा सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनी रहेगी।