BS4 Vehicles Entry Ban in Delhi: भारत में जब भी हम कोई नई गाड़ी खरीदते हैं या पुरानी गाड़ी चलाते हैं, तो अक्सर बीएस4 और बीएस6 इंजन का नाम जरूर सुनने को मिलता है। प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरण को साफ-सुथरा रखने के लिए सरकार समय-समय पर गाड़ियों के इंजन के नियमों में बदलाव करती रहती है। इसी कड़ी में बीएस4 के बाद अब देश भर में कड़े नियमों वाले बीएस6 इंजन को अनिवार्य कर दिया गया है।
इन दोनों इंजनों की बनावट और प्रदूषण छोड़ने की क्षमता में बहुत बड़ा अंतर होता है, जिसका सीधा असर हमारी हवा और जेब पर पड़ता है। आइए इस लेख में जानते हैं कि बीएस4 और बीएस6 इंजन में क्या मुख्य अंतर है और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में किन पुरानी गाड़ियों की एंट्री पर रोक लगी हुई है।
2 of 5
BS4 Engine
- फोटो : Adobestock
उत्सर्जन और प्रदूषण में अंतर?
- बीएस4 और बीएस6 इंजनों के बीच सबसे बड़ा और मुख्य अंतर हानिकारक गैसों के उत्सर्जन का होता है।
- पुरानी तकनीक वाले बीएस4 इंजनों की तुलना में नए बीएस6 इंजन वाली गाड़ियां बहुत कम प्रदूषण फैलाती हैं, क्योंकि ये आधुनिक तकनीक से लैस होकर हवा में छोड़ने वाली जहरीली और हानिकारक गैसों के स्तर को काफी हद तक नियंत्रित रखती हैं।
3 of 5
BS4 Engine Car
- फोटो : Adobe Stock
ईंधन की गुणवत्ता का अंतर?
- बीएस6 इंजनों को सुचारू रूप से चलाने और उनका बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने के लिए अत्यधिक शुद्ध और कम सल्फर वाले आधुनिक पेट्रोल व डीजल की आवश्यकता होती है।
- इसके विपरीत, पुराने बीएस4 इंजनों में ईंधन की गुणवत्ता का पैमाना अलग था, लेकिन बीएस6 वाहनों को स्वच्छ ईंधन की अनिवार्यता के साथ ही डिजाइन किया गया है।
दिल्ली में किन गाड़ियों पर रोक?
- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने बेहद कड़े कदम उठाए हैं।
- वर्तमान नियमों के तहत दिल्ली में सभी पुराने बीएस4 डीजल और पेट्रोल वाहनों की सीधी एंट्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है, ताकि शहर की हवा को जहरीला होने से बचाया जा सके।
5 of 5
नियम तोड़ने पर क्या सजा?
- फोटो : अमर उजाला
नियम तोड़ने पर क्या सजा?
- अगर कोई वाहन चालक दिल्ली की सीमा के भीतर प्रतिबंधित बीएस4 या पुराने नियमों के विरुद्ध वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो मोटर व्हीकल एक्ट के तहत उससे भारी-भरकम नकद जुर्माना वसूला जा सकता है।
- इसके अलावा, ऐसे नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को ट्रैफिक पुलिस द्वारा मौके पर ही जब्त भी किया जा सकता है।