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सास-ससुर बहू को घर से निकाल सकते हैं? जानिए ससुराल की संपत्ति पर क्या कहता है कानून

Fri, 25 Sep 2026 10:10 AM IST
दीक्षा पाठक यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला Published by: दीक्षा पाठक Updated Fri, 25 Sep 2026 10:10 AM IST
सार
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Property and Shared Household: शादी के बाद ससुराल में रहने वाली महिला के अधिकार सिर्फ इसलिए खत्म नहीं हो जाते क्योंकि घर उसके नाम पर नहीं है। साझा घर में रहने का अधिकार कानून में दिया गया है। वहीं पति या ससुराल वालों को महिला के स्त्रीधन पर अपना अधिकार नहीं मिल जाता। हालांकि संपत्ति में मालिकाना हक अलग विषय है और यह इस बात पर निर्भर करता है कि संपत्ति किसके नाम है और वह किस तरह की संपत्ति है।
 

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Wife Rights in Husbands Property and Shared Household
घर सास-ससुर के नाम है तो क्या बहू का कोई हक नहीं? - फोटो : AI

शादी के बाद जब कोई महिला ससुराल में रहती है तो अक्सर उसके मन में यह सवाल आता है कि अगर घर सास-ससुर के नाम है तो क्या उसे वहां रहने का अधिकार है? क्या सास-ससुर अपनी मर्जी से उसे घर से निकाल सकते हैं? वहीं शादी में मिले गहने, पैसे और दूसरे सामान को लेकर भी कई बार विवाद हो जाता है। ऐसे में महिलाओं के लिए यह समझना जरूरी है कि ससुराल के घर में रहने का अधिकार और संपत्ति में मालिकाना हक दो अलग-अलग बातें हैं।

Wife Rights in Husbands Property and Shared Household
घर सास-ससुर के नाम है तो क्या बहू का कोई हक नहीं? - फोटो : Adobe Stock
साझा घर में रहने का अधिकार
घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के तहत महिला को साझा घर में रहने का अधिकार दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट भी साफ कर चुका है कि केवल इस वजह से महिला का रहने का अधिकार खत्म नहीं हो जाता कि घर उसके नाम पर नहीं है। यानी किसी महिला का उस घर में मालिक होना जरूरी नहीं है, अगर वह कानून के मुताबिक साझा घर की श्रेणी में आता है।

इसका मतलब यह भी नहीं है कि महिला ससुराल की हर संपत्ति की मालिक बन जाती है। घर किसके नाम है, संपत्ति कैसे खरीदी गई है और परिवार का उसमें क्या अधिकार है, ये अलग कानूनी सवाल हैं। इसलिए ससुराल के घर में रहने का अधिकार और घर में हिस्सा मिलने का अधिकार एक ही बात नहीं है।
 
Wife Rights in Husbands Property and Shared Household
घर सास-ससुर के नाम है तो क्या बहू का कोई हक नहीं? - फोटो : adobe stock/amar ujala

क्या सास-ससुर बहू को घर से निकाल सकते हैं?
सिर्फ अपनी मर्जी से महिला को साझा घर से निकाल देना कानून की नजर में इतना सीधा मामला नहीं है। कानून में महिला को साझा घर से बेदखल करने या बाहर करने पर सुरक्षा दी गई है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार महिला को साझा घर से केवल कानून में तय प्रक्रिया के मुताबिक ही बाहर किया जा सकता है। अगर महिला के साथ घरेलू हिंसा या जबरदस्ती जैसी स्थिति है तो वह कानूनी मदद ले सकती है। ऐसे मामलों में अदालत से सुरक्षा और रहने से जुड़े आदेश भी मांगे जा सकते हैं।

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Wife Rights in Husbands Property and Shared Household
घर सास-ससुर के नाम है तो क्या बहू का कोई हक नहीं? - फोटो : freepik.com

स्त्रीधन पर किसका अधिकार?
शादी के समय या शादी के पहले और बाद में महिला को मिले गहने, पैसे और दूसरे उपहार कई परिस्थितियों में उसके स्त्रीधन का हिस्सा हो सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि स्त्रीधन महिला की अपनी संपत्ति है और पति का उस पर अपने आप मालिकाना हक नहीं हो जाता। इसलिए शादी में मिले गहने या महिला को दिए गए दूसरे सामान को सिर्फ इस वजह से पति या ससुराल वालों की संपत्ति नहीं माना जा सकता कि वे ससुराल में रखे हुए हैं।

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Wife Rights in Husbands Property and Shared Household
घर सास-ससुर के नाम है तो क्या बहू का कोई हक नहीं? - फोटो : freepik.com

पति की संपत्ति में क्या अधिकार है?
यहां एक बात समझना जरूरी है। शादी हो जाने भर से पत्नी पति की हर संपत्ति की अपने आप मालिक नहीं बन जाती। पति की संपत्ति में पत्नी का अधिकार कई बातों पर निर्भर कर सकता है, जैसे संपत्ति किसके नाम है, वह पैतृक है या खुद खरीदी गई है और उस पर लागू उत्तराधिकार के नियम क्या हैं।

इसलिए ससुराल की संपत्ति, साझा घर में रहने का अधिकार और स्त्रीधन तीनों को अलग-अलग समझना चाहिए। किसी खास विवाद में संपत्ति के कागजात और मामले की स्थिति देखकर ही सही कानूनी स्थिति तय होती है।


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