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पंजाब: इस जिले में दोगुना हुए पराली जलाने के मामले, वायु गुणवत्ता प्रबंधन ने डीसी और एसपी को भेजा नोटिस
Tue, 03 Nov 2026 09:21 PM IST
शाहिल शर्मा
पीटीआई, गुरदासपुर
पीटीआई, गुरदासपुर
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Tue, 03 Nov 2026 09:21 PM IST
आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, गुरदासपुर जिले में 15 सितंबर से 2 नवंबर 2026 के बीच पराली जलाने की 100 घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 53 था।
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पराली जलाने के मामले
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में बढ़ोतरी को लेकर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके अलावा कपूरथला के डीसी और एसएसपी को भी इसी मामले में नोटिस भेजे गए हैं।
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आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, गुरदासपुर जिले में 15 सितंबर से 2 नवंबर 2026 के बीच पराली जलाने की 100 घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 53 था। यानी एक साल में खेतों में आग लगाने की घटनाओं में करीब दोगुना बढ़ोतरी हुई है।पराली जलाने की घटनाओं में बढ़ोतरी को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है। आयोग ने यह कदम खेतों में फसल अवशेष जलाने पर रोक लगाने और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के प्रयासों के तहत उठाया है।
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दिवाली से पहले प्रदूषित हुई पंजाब की हवा
दिवाली से पहले ही पंजाब की हवा प्रदूषित होने लगी है। कई शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खराब श्रेणी में पहुंच गया है। पटियाला का एक्यूआई सबसे अधिक 239 दर्ज किया गया, जबकि लुधियाना में यह 214 रहा।
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अमृतसर और तरनतारन को भी नोटिस
प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी एक्यूआई येलो जोन में है। वहीं, पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। अमृतसर और तरनतारन में सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने अमृतसर के डीसी व एसएसपी और तरनतारन के एसएसपी को पहले ही नोटिस जारी कर पांच दिन में जवाब मांगा है। नोटिस की प्रति पंजाब के मुख्य सचिव को भी भेजी गई है।