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पीएसईबी बदलेगा तरीका: 9वीं से 12वीं तक के प्रश्नपत्रों में होगा बदलाव, बच्चों की तार्किक सोच होगी विकसित

Fri, 16 Oct 2026 10:37 AM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली Published by: Nivedita Updated Fri, 16 Oct 2026 10:37 AM IST
सार
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अब परीक्षाओं में केवल रटे हुए उत्तर लिखने के बजाय विद्यार्थियों की विषयों को समझने, तार्किक सोच विकसित करने, ज्ञान का व्यावहारिक इस्तेमाल करने और समस्याओं का समाधान निकालने की क्षमता को प्राथमिकता दी जाएगी।

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PSEB to change its approach Question papers for classes 9 to 12 will be revised to foster logical thinking
पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (PSEB) - फोटो : Self {X(@PSEB_Official)}

विस्तार

पंजाब में स्कूली शिक्षा के तहत परीक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी और विद्यार्थियों की वास्तविक योग्यता परखने वाला बनाने की दिशा में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी ) ने पहल की है।

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अब परीक्षाओं में केवल रटे हुए उत्तर लिखने के बजाय विद्यार्थियों की विषयों को समझने, तार्किक सोच विकसित करने, ज्ञान का व्यावहारिक इस्तेमाल करने और समस्याओं का समाधान निकालने की क्षमता को प्राथमिकता दी जाएगी। इसी उद्देश्य से बोर्ड की ओर से 13 और 14 अक्टूबर को कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लिए दक्षता आधारित प्रश्न तैयार करने संबंधी दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
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कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के परख केंद्र के सहयोग से किया गया। पीएसईबी के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह (सेवानिवृत्त ) के नेतृत्व में आयोजित इस प्रशिक्षण में शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों को नए तरीके से प्रश्न तैयार करने की जानकारी दी गई।
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पीएसईबी चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने कहा कि परीक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों की याददाश्त जांचना नहीं होना चाहिए, बल्कि यह भी परखना जरूरी है कि वे किसी विषय को कितना समझते हैं और वास्तविक जीवन में उसका इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं। इसके लिए शिक्षकों को ऐसे प्रश्न तैयार करने में सक्षम बनाना होगा, जो बच्चों में तर्कशक्ति, समस्या समाधान और स्वतंत्र रूप से सोचने की क्षमता विकसित करें।

परख केंद्र, एनसीईआरटी की सीईओ एवं प्रमुख डॉ. इंद्राणी भादुड़ी ने भी सीखने के निर्धारित परिणामों के अनुरूप मूल्यांकन प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया।

प्रशिक्षण के दौरान परख टैक्सोनॉमी के तहत जागरूकता, संवेदनशीलता और रचनात्मकता जैसे पहलुओं पर चर्चा की गई। शिक्षकों को प्रश्न बैंक तैयार करने, प्रश्नपत्रों की रूपरेखा बनाने, मूल्यांकन योजना तैयार करने और प्रश्नपत्रों की समीक्षा व संशोधन की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।


इस दौरान शिक्षकों ने विभिन्न विषयों के व्यावहारिक अभ्यास के जरिए दक्षता आधारित प्रश्न भी तैयार किए। बोर्ड का मानना है कि इस पहल से प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यार्थियों में वास्तविक जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी।

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