फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Bribe notes picked up with a towel to avoid leaving fingerprints scientific investigation exposes the SHO

राजस्थान: हाथ न लग जाएं इसलिए तौलिए से उठाए रिश्वत के नोट, वैज्ञानिक जांच में खुली एसएचओ की पोल

Thu, 17 Sep 2026 06:30 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Thu, 17 Sep 2026 06:30 PM IST
सार
Register For Event

जयपुर के सांभरलेक थाने के एसएचओ राममिलन मीणा को 50 हजार रुपये की मासिक रिश्वत लेते एसीबी ने गिरफ्तार किया। केमिकल जांच से बचने के लिए उसने नोट तौलिए से उठाए, लेकिन तौलिए की वैज्ञानिक जांच में रिश्वतखोरी की पुष्टि हो गई।

विज्ञापन
Bribe notes picked up with a towel to avoid leaving fingerprints scientific investigation exposes the SHO
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जयपुर जिले के सांभरलेक थाने में तैनात एसएचओ राममिलन मीणा को 50 हजार रुपये की मासिक रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस अधिकारी ने एसीबी की ट्रैप कार्रवाई से बचने के लिए रिश्वत की रकम को सीधे हाथ से छूने के बजाय तौलिए के जरिए उठाने की कोशिश की। हालांकि, एसीबी की सतर्कता और वैज्ञानिक जांच के सामने उसकी यह तरकीब काम नहीं आई।

विज्ञापन

मासिक बंधी की मांग
सड़क निर्माण कार्य से जुड़े एक परिवादी ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि एसएचओ राममिलन मीणा सड़क निर्माण में लगे डंपर और अन्य वाहनों को थाने में बंद करने की धमकी दे रहा था। वाहनों को बिना रुकावट चलने देने और परेशान नहीं करने के एवज में वह हर महीने 50 हजार रुपये की बंधी मांग रहा था। लगातार धमकियों से परेशान होकर परिवादी ने एसीबी से शिकायत की। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद एसीबी ने आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया।

विज्ञापन

टेबल और तौलिए के जरिए रिश्वत लेने की कोशिश
एसीबी टीम ने ट्रैप कार्रवाई के लिए रिश्वत की रकम पर विशेष रसायन लगाया था। एसएचओ राममिलन मीणा केमिकल जांच की प्रक्रिया से परिचित था। जब परिवादी 50 हजार रुपये लेकर थाने पहुंचा, तो एसएचओ ने नोट सीधे अपने हाथ में लेने के बजाय उन्हें टेबल पर रखने को कहा। इसके बाद उसने हाथों का इस्तेमाल करने के बजाय सफेद तौलिए की मदद से नोट उठाए और उन्हें अपनी टेबल की रैक में रख दिया। आरोपी को लगा कि नोटों को सीधे हाथ से नहीं छूने पर वह रासायनिक जांच में बच जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें: कोटा: घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था, अब पूर्व संयुक्त निदेशक के खिलाफ रिश्वतखोरी का एक और मामला दर्ज

तौलिए की जांच में खुली पोल
एसीबी टीम ने एसएचओ के दोनों हाथ सोडियम कार्बोनेट के घोल से धुलवाए, लेकिन घोल का रंग नहीं बदला। इससे आरोपी को लगा कि उसकी योजना सफल हो गई है। हालांकि, एसीबी ने जांच केवल उसके हाथों तक सीमित नहीं रखी और उस सफेद तौलिए को भी कब्जे में ले लिया, जिससे उसने रिश्वत के नोट उठाए थे। तौलिए के जिस हिस्से से नोट पकड़े गए थे, उसे रासायनिक घोल में धोया गया तो घोल का रंग गुलाबी हो गया। इससे रिश्वत की रकम के संपर्क में तौलिए के आने की पुष्टि हुई।

पूछताछ में किया रिश्वत लेने से इनकार
गिरफ्तारी और पूछताछ के दौरान आरोपी राममिलन मीणा ने रिश्वत लेने से इनकार किया। उसने दावा किया कि परिवादी अपनी एक कार छुड़ाने के लिए थाने आया था, जिसे दुर्घटना के मामले में जब्त किया गया था। हालांकि, एसीबी की तौलिए की रासायनिक जांच में रसायन मिलने के बाद आरोपी का यह दावा टिक नहीं पाया। एसीबी ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed