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जयपुर: बुजुर्ग दंपति हत्याकांड का खुलासा, पड़ोसी निकला मास्टरमाइंड; बेड के बॉक्स में छिपाए थे शव
Fri, 28 Aug 2026 06:56 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Fri, 28 Aug 2026 06:56 PM IST
Rajasthan News: राजस्थान पुलिस ने सायरा थाना क्षेत्र के पुनावाली गांव में एक बुजुर्ग दंपति की हत्या के मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, यह वारदात दंपति को लूटने के इरादे से की गई थी। मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है। वारदात में इस्तेमाल वाहन भी बरामद कर लिया गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान के पुनावाली गांव में बुजुर्ग दंपति की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पड़ोसी कुशल उर्फ खुशी पालीवाल ने कर्ज चुकाने के लिए लूट की साजिश रची थी। आरोपियों ने बुजुर्ग दंपति की हत्या के बाद शवों को बेड के स्टोरेज बॉक्स में छिपा दिया था और गहने-नकदी लूटकर फरार हो गए थे।
14 अगस्त को बेड के बॉक्स में मिले थे शव
जिला पुलिस अधीक्षक अमृता दुहन के अनुसार, मृतक लहरीलाल पालीवाल और उनकी पत्नी राधाबाई पुनावाली में रहते थे। 11 अगस्त की रात गुजरात में रहने वाले उनके बेटे मनोहर लाल ने राधाबाई से फोन पर बात की थी। अगले दिन दंपति के घर पर नहीं मिलने पर तलाश शुरू हुई। 14 अगस्त को दोनों के शव घर में रखे एक बॉक्स में मिले।
कर्ज में डूबा था मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में सामने आया कि पड़ोसी कुशल उर्फ खुशी पालीवाल करीब डेढ़ साल से वारदात की योजना बना रहा था। पुलिस के अनुसार, उसने लोगों और बैंकों से कर्ज लिया था और उसे चुकाने में परेशानी हो रही थी। उसे पता था कि बुजुर्ग दंपति अक्सर घर में अकेले रहते हैं और उनके पास गहने व नकदी रहती है।
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पहले रेकी, फिर होटल में बनी पूरी प्लानिंग
9 अगस्त को कुशल अपने साथियों चंदन यादव, विकास खरवाड़ और दिलीप चौधरी के साथ पुनावाली पहुंचा। आरोपियों ने घर और आसपास के इलाके की रेकी की। इसके बाद गोगुंडा टोल प्लाजा के पास एक होटल में रुककर वारदात की योजना को अंतिम रूप दिया।
खाना खिलाने के बहाने घर में घुसा पड़ोसी
10 अगस्त को कुशल और चंदन दोबारा लहरीलाल के घर पहुंचे। पड़ोसी होने के कारण कुशल को घर में प्रवेश मिल गया। राधाबाई ने दोनों को खाना भी खिलाया। इसी दौरान कुशल ने घर में मिली हथौड़ी अपने कपड़ों के नीचे छिपा ली, लेकिन आसपास हलचल देखकर दोनों वहां से चले गए।
बाथरूम में छिपा रहा आरोपी
11 अगस्त की रात किशन और जीवन कुंडली दिखाने के बहाने घर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने राधाबाई का ध्यान भटकाया, जबकि कुशल घर में घुसकर बाथरूम में छिप गया। बाद में उसके मैसेज पर किशन और जीवन वहां से चले गए। इसके बाद कुशल ने चंदन, दिलीप और विकास को अंदर बुला लिया।
हथौड़े से वार, गला घोंटकर हत्या
पुलिस के अनुसार, आरोपी ऊपर गए और लहरीलाल के सिर पर हथौड़े से वार कर उनकी हत्या कर दी। वहीं राधाबाई की गला घोंटकर हत्या की गई। इसके बाद दोनों शवों को प्लास्टिक की थैलियों में रखकर बेड के स्टोरेज बॉक्स में छिपा दिया गया और सामान से ढक दिया गया।
चाबी से अलमारी खोली, गहने-नकदी लूटी
आरोपियों ने राधाबाई की चाबियों का इस्तेमाल कर अलमारी खोली और गहने व नकदी चुरा ली। दोनों के मोबाइल फोन भी ले गए और बाद में उन्हें हाईवे पर फेंक दिया। पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने ऐसा सीन बनाने की कोशिश की, जिससे लगे कि दंपति अपनी मर्जी से घर से कहीं गए हैं।
संदिग्ध कार ने खोला राज
पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन डेटा का विश्लेषण करने के साथ स्थानीय लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान एक संदिग्ध कार सामने आई, जिसे 9 से 11 अगस्त की रात और 12 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे इलाके में देखा गया था। खेरवाड़ा टोल प्लाजा पर भी इसकी मौजूदगी दर्ज हुई।
पांच आरोपी गिरफ्तार, एक संदिग्ध हिरासत में
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने कुशल पालीवाल और उसके साथियों की भूमिका का पता लगाया। गिरफ्तार आरोपियों में कुशल उर्फ खुशी पालीवाल (26), चंदन यादव (27), दिलीप चौधरी (30), किशन पालीवाल (21) और जीवन पालीवाल (21) शामिल हैं। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
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14 अगस्त को बेड के बॉक्स में मिले थे शव
जिला पुलिस अधीक्षक अमृता दुहन के अनुसार, मृतक लहरीलाल पालीवाल और उनकी पत्नी राधाबाई पुनावाली में रहते थे। 11 अगस्त की रात गुजरात में रहने वाले उनके बेटे मनोहर लाल ने राधाबाई से फोन पर बात की थी। अगले दिन दंपति के घर पर नहीं मिलने पर तलाश शुरू हुई। 14 अगस्त को दोनों के शव घर में रखे एक बॉक्स में मिले।
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कर्ज में डूबा था मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में सामने आया कि पड़ोसी कुशल उर्फ खुशी पालीवाल करीब डेढ़ साल से वारदात की योजना बना रहा था। पुलिस के अनुसार, उसने लोगों और बैंकों से कर्ज लिया था और उसे चुकाने में परेशानी हो रही थी। उसे पता था कि बुजुर्ग दंपति अक्सर घर में अकेले रहते हैं और उनके पास गहने व नकदी रहती है।
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पहले रेकी, फिर होटल में बनी पूरी प्लानिंग
9 अगस्त को कुशल अपने साथियों चंदन यादव, विकास खरवाड़ और दिलीप चौधरी के साथ पुनावाली पहुंचा। आरोपियों ने घर और आसपास के इलाके की रेकी की। इसके बाद गोगुंडा टोल प्लाजा के पास एक होटल में रुककर वारदात की योजना को अंतिम रूप दिया।
खाना खिलाने के बहाने घर में घुसा पड़ोसी
10 अगस्त को कुशल और चंदन दोबारा लहरीलाल के घर पहुंचे। पड़ोसी होने के कारण कुशल को घर में प्रवेश मिल गया। राधाबाई ने दोनों को खाना भी खिलाया। इसी दौरान कुशल ने घर में मिली हथौड़ी अपने कपड़ों के नीचे छिपा ली, लेकिन आसपास हलचल देखकर दोनों वहां से चले गए।
बाथरूम में छिपा रहा आरोपी
11 अगस्त की रात किशन और जीवन कुंडली दिखाने के बहाने घर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने राधाबाई का ध्यान भटकाया, जबकि कुशल घर में घुसकर बाथरूम में छिप गया। बाद में उसके मैसेज पर किशन और जीवन वहां से चले गए। इसके बाद कुशल ने चंदन, दिलीप और विकास को अंदर बुला लिया।
हथौड़े से वार, गला घोंटकर हत्या
पुलिस के अनुसार, आरोपी ऊपर गए और लहरीलाल के सिर पर हथौड़े से वार कर उनकी हत्या कर दी। वहीं राधाबाई की गला घोंटकर हत्या की गई। इसके बाद दोनों शवों को प्लास्टिक की थैलियों में रखकर बेड के स्टोरेज बॉक्स में छिपा दिया गया और सामान से ढक दिया गया।
चाबी से अलमारी खोली, गहने-नकदी लूटी
आरोपियों ने राधाबाई की चाबियों का इस्तेमाल कर अलमारी खोली और गहने व नकदी चुरा ली। दोनों के मोबाइल फोन भी ले गए और बाद में उन्हें हाईवे पर फेंक दिया। पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने ऐसा सीन बनाने की कोशिश की, जिससे लगे कि दंपति अपनी मर्जी से घर से कहीं गए हैं।
संदिग्ध कार ने खोला राज
पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन डेटा का विश्लेषण करने के साथ स्थानीय लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान एक संदिग्ध कार सामने आई, जिसे 9 से 11 अगस्त की रात और 12 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे इलाके में देखा गया था। खेरवाड़ा टोल प्लाजा पर भी इसकी मौजूदगी दर्ज हुई।
पांच आरोपी गिरफ्तार, एक संदिग्ध हिरासत में
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने कुशल पालीवाल और उसके साथियों की भूमिका का पता लगाया। गिरफ्तार आरोपियों में कुशल उर्फ खुशी पालीवाल (26), चंदन यादव (27), दिलीप चौधरी (30), किशन पालीवाल (21) और जीवन पालीवाल (21) शामिल हैं। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।