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जयपुर: अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों की ठगी करने वाला कॉल सेंटर पकड़ा, 10 लोग डिटेन

Tue, 20 Oct 2026 02:43 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Tue, 20 Oct 2026 02:43 PM IST
सार
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जयपुर के भांकरोटा में पुलिस ने अमेरिकी नागरिकों को आईफोन टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर ठगने वाले फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया। मौके से आठ पुरुषों और दो महिलाओं को डिटेन किया गया। पुलिस ने 19 मोबाइल, 12 लैपटॉप और अन्य उपकरण जब्त किए हैं।

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Jaipur Police Bust Fake Tech Support Call Center Targeting US Citizens
साइबर ठगी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जयपुर में अमेरिकी नागरिकों को तकनीकी सहायता देने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले साइबर गिरोह का खुलासा हुआ है। भांकरोटा थाना क्षेत्र में चल रहे फर्जी टेक्निकल सपोर्ट कॉल सेंटर पर पुलिस ने दबिश देकर आठ युवकों और दो युवतियों सहित 10 लोगों को डिटेन किया है। मौके से 19 मोबाइल फोन, 12 लैपटॉप और बड़ी मात्रा में लैपटॉप एक्सेसरीज बरामद की गई हैं।

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पुलिस के अनुसार, गिरोह आईफोन में तकनीकी समस्या दूर करने के बहाने अमेरिकी नागरिकों से संपर्क करता था। मदद के नाम पर लोगों को बातचीत में उलझाकर उनसे पैसे वसूले जाते थे। इसके अलावा, बैंक खातों की गोपनीय जानकारी हासिल कर रकम निकालने का भी आरोप है।

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आईफोन की समस्या दूर करने के नाम पर बनाते थे शिकार

स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि कॉल सेंटर में काम करने वाले लोग  एक्स-लाइट  सॉफ्टवेयर और टीएफएन नंबरों के जरिए अमेरिकी नागरिकों से संपर्क करते थे। वे आईफोन में तकनीकी परेशानी का समाधान करने का भरोसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और सहायता के नाम पर शुल्क लेते थे।

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पुलिस के मुताबिक, गिरोह में शामिल एक युवती बैंक अधिकारी बनकर ग्राहकों से बात करती थी। विश्वास में लेने के बाद वह उनसे बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करती थी। इसके बाद यह जानकारी टेलीग्राम ग्रुप में साझा की जाती थी। गिरोह के संचालकों पर इन जानकारियों का दुरुपयोग कर बैंक खातों से रकम निकालने का आरोप है।


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एक्स-लाइट सॉफ्टवेयर और टेलीग्राम से चल रहा था नेटवर्क

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि गिरोह तकनीकी सहायता के नाम पर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाता था। संपर्क के लिए  एक्स-लाइट सॉफ्टवेयर और टीएफएन नंबरों का इस्तेमाल किया जाता था, जबकि बैंक खातों से जुड़ी जानकारी टेलीग्राम ग्रुप में साझा होती थी।

पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने की आशंका है। फिलहाल ठगी की कुल रकम, गिरोह के संचालकों और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

पुलिस टीम की दबिश में 10 लोग डिटेन

जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल और स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के निर्देशन में साइबर अपराधों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत मंगलवार को कॉल सेंटर पर दबिश दी गई। पुलिस के अनुसार, सीएसटी की एनडीपीएस टीम से मिली सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

मौके से बरामद मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य उपकरणों की जांच की जा रही है। डिटेन किए गए सभी 10 लोगों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए भांकरोटा थाना पुलिस को सौंपा गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य संपर्कों, कथित संचालकों और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।

इन 10 लोगों को किया डिटेन

पुलिस के अनुसार, डिटेन किए गए लोगों में हर्ष चौहान, कृष्ण, आकाशी लाबा, खोजा, केवी, निशांत, रविंद्र कुमार, अंकित, दिया गुरुजी और लिशीनी शामिल हैं। ये अलग-अलग राज्यों के निवासी बताए गए हैं। मामले में पुलिस की जांच जारी है। जांच के बाद ही कथित ठगी की रकम, प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका और नेटवर्क के अन्य सदस्यों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।

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