फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Sri Ganganagar News ›   Multiple insurance policies against a single land parcel fraudulent claim of ₹31.15 lakh in Sri Ganganagar

Rajasthan: एक ही खसरे पर कई बीमा पॉलिसियां, श्रीगंगानगर में 31.15 लाख रुपये का फर्जी क्लेम; एफआईआर के निर्देश

Thu, 20 Aug 2026 03:21 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीगंगानगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीगंगानगर Published by: शबाहत हुसैन Updated Thu, 20 Aug 2026 03:21 PM IST
सार
Register For Event

श्रीगंगानगर के कालूसर गांव में 10.37 हेक्टेयर जमीन पर कई फसल बीमा पॉलिसियां बनाकर 31.15 लाख रुपये का क्लेम उठाने का मामला सामने आया। कृषि विभाग ने किसानों और ई-मित्र संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन
Multiple insurance policies against a single land parcel fraudulent claim of ₹31.15 lakh in Sri Ganganagar
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फर्जीवाड़े का मामला सामने आने का सिलसिला जारी है। टोंक और जयपुर के बाद अब श्रीगंगानगर जिले में भी बीमा पॉलिसियों के नाम पर गड़बड़ी सामने आई है। सूरतगढ़ तहसील के कालूसर गांव में वास्तविक क्षेत्रफल से करीब सात गुना अधिक जमीन का फसल बीमा कराकर 31.15 लाख रुपये से ज्यादा का क्लेम उठाने का मामला सामने आया है। कृषि विभाग ने मामले में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन

एक ही खसरे पर कई पॉलिसियां
कालूसर गांव के खसरा नंबर 281/91 की कुल भूमि 10.37 हेक्टेयर है। इसके बावजूद इसी जमीन पर अलग-अलग पॉलिसियां जारी कराकर बीमा क्लेम लिया गया। प्राथमिक जांच के अनुसार कृषक बनवारी लाल ने अपनी 10.37 हेक्टेयर जमीन पर ऋणी किसान के रूप में मूंगफली की फसल का बीमा कराया।

विज्ञापन

बनवारी लाल ने सीएससी यानी ई-मित्र संचालक विकास कुमार के माध्यम से 10.37 हेक्टेयर और संचालक बिजेश के माध्यम से 10.30 हेक्टेयर जमीन का अलग-अलग बीमा कराया। इन पॉलिसियों के आधार पर बनवारी लाल ने कुल 23,35,319 रुपये का बीमा क्लेम हासिल किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

बटाईदार ने भी उसी जमीन पर कराया बीमा
मामला यहीं नहीं रुका। बनवारी लाल ने इसी खसरा नंबर की जमीन रिछपाल नामक व्यक्ति को बटाई पर दे रखी थी। रिछपाल ने भी इसी जमीन पर बोई गई मूंगफली की फसल का बीमा करा लिया। इस पॉलिसी के आधार पर उसे 7,80,195 रुपये का बीमा क्लेम मिला। इस तरह दोनों ने मिलकर कुल 31,15,514 रुपये का अनुचित लाभ उठाया। हालांकि, इसी जमीन पर अन्य लोगों की ओर से कराई गई कुछ पॉलिसियों को बीमा कंपनी ने निरस्त कर दिया था।


पढ़ें: साइबर केस निपटाने के लिए मांगे 10 हजार; 3500 की रिश्वत लेते SI राजेंद्र यादव को ACB ने दबोचा

टोंक और जयपुर में भी सामने आया फर्जीवाड़ा
खरीफ 2026 के दौरान टोंक जिले की मालपुरा तहसील और जयपुर जिले की शाहपुरा तहसील में भी फर्जी फसल बीमा को लेकर शिकायतें मिली थीं। कृषि विभाग की जांच में शिकायतें सही पाई गईं। इसके बाद कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने संबंधित पुलिस थानों में प्राथमिकी दर्ज कराकर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

विभाग ने टोंक जिले की मालपुरा तहसील के किसान मुकेश सैनी पुत्र फूलचंद सैनी, सीताराम सैनी पुत्र फूलचंद सैनी और फूलचंद पुत्र हजारी लाल सैनी तथा जयपुर जिले की शाहपुरा तहसील के दीपक सैनी पुत्र दिनेश सैनी और विनिता सैनी पत्नी सीताराम सैनी सहित संबंधित ई-मित्र संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज कराने का फैसला किया है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीना ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना समेत किसी भी सरकारी योजना में फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed