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हिमाचल: सीएम सुक्खू बोले- संस्कृत महाविद्यालयों में कर्मकांड पुरोहित कोर्स की कक्षाएं आरंभ करने पर विचार

Mon, 31 Aug 2026 05:52 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Mon, 31 Aug 2026 05:52 PM IST
सार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे संस्कृत महाविद्यालयों में कर्मकांड पुरोहित कोर्स की कक्षाएं आरंभ करने पर विचार किया जाएगा।  इसके तहत डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जाएंगे। सुक्खू ने कहा कि सामंजस्य और भाईचारे से ही आदर्श समाज का निर्माण संभव है क्योंकि इससे सामाजिक एकता को मजबूती मिलती है।

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CM sukhvinder Sukhu said – considering starting classes for ritual priest course in Sanskrit colleges.
सीएम सुक्खू ने की ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता। - फोटो : आईपीआर विभाग

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को हिमाचल प्रदेश ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे संस्कृत महाविद्यालयों में कर्मकांड पुरोहित कोर्स की कक्षाएं आरंभ करने पर विचार किया जाएगा। इसके तहत डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जाएंगे। सुक्खू ने कहा कि सामंजस्य और भाईचारे से ही आदर्श समाज का निर्माण संभव है क्योंकि इससे सामाजिक एकता को मजबूती मिलती है। ऐसे वातावरण में शांति, सद्भाव और सहयोग की भावना विकसित होती है, जो किसी भी समाज की प्रगति और समृद्धि की मजबूत नींव बनती है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में संचालित 222 गो सदनों व गो अभयारण्यों में 23018 गोवंश को आश्रय प्रदान किया गया है। सात गो सदनों व अभयारण्यों का निर्माण कार्य पूर्ण होने पर 2200 से 2500 बेसहारा गोवंश को आश्रय प्रदान किया जाएगा। गो सेवा आयोग द्वारा गोसदनों व गो अभयारण्यों में पल रहे बेसहारा गोवंश के पालन-पोषण के लिए प्रतिमाह 1200 रुपये प्रति गोवंश सहायता राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश सरकार की ओर से बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है।

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सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से राज्य के समग्र विकास के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क सहित विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए व्यवस्था परिवर्तन के ध्येय से अनेक पहल की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवाईयां एवं निशुल्क जांच तथा आवश्यक मशीनरी उपकरण उपलब्ध हैं। इसके अतिरक्ति सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवाइयां उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्षेत्रीय अस्पतालों, नागरिक अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 484 प्रकार की दवाइयां व 134 उपभोग्य वस्तुएं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रो के लिए 170 प्रकार की दवाइयां व 48 उपभोग्य वस्तुएं तथा उप स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 91 प्रकार की दवाइयां व 28 उपभोग्य वस्तुओं को आवश्यक दवाइयों की सूची में अधिसूचित किया गया है।

उन्होंने कहा कि इन दवाइयों की स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 573 प्रकार की दवाइयां व उपभोग्य वस्तुएं राज्य दर संविदा में उपलब्ध हैं तथा 866 प्रकार की दवाइयां व उपभोग्य वस्तुएं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में नैदानिक जांच सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए सरकार ने ई-निविदा के माध्यम से निजी क्षेत्र की कंपनी करसना डायग्नोसटिक्स के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 63, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 96, नागरिक अस्पतालों में 110 तथा जोनल व क्षेत्रीय अस्पतालों में 133 प्रयोगशालाएं जांच रोगियों के लिए निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सभी आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन तथा प्रयोगशाला जांच की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।


 
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त्रिवेणी धाम रिवालसर के लिए 1.28 करोड़ रुपये का प्राकलन 
 सुक्खू ने कहा कि जिला मंडी में त्रिवेणी धाम रिवालसर की परिक्रमा की क्षतिग्रस्त एवं गिरने के खतरे वाली चारदीवारी के पुनर्निर्माण के लिए 1.28 करोड़ रुपये का प्राकलन तैयार किया गया है। उन्हांेने डॉ. वाईएस परमार ऋण योजना, सीबीएसई पाठ्यक्रम विद्यालय सहित विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने समाज के सभी वर्गों से प्रदेश सरकार द्वारा मादक पदार्थ चिट्टा के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक जन जागरूकता अभियान में सक्रिय सहयोग का आग्रह किया। बैठक में विभिन्न सदस्यों द्वारा प्रस्तुत विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। सचिव सामान्य प्रशासन आशीष सिंहमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और बोर्ड की कार्यप्रणाली से अवगत करवाया। विशेष सचिव हरबंस सिंह ब्रसकोन ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। बैठक में मुख्य सचिव केके पंत, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रशासनिक सचिव और बोर्ड के सदस्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने किया आपातकालीन संचालन केंद्र का निरीक्षण
शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार को एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र और राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में स्थापित त्वरित घटना रिपोर्टिंग प्रणाली के विभिन्न निगरानी कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न डैमों से पानी छोड़ने और बरसात के दौरान नुकसान की स्थिति का सटीक डेटा तैयार करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य सचिव केके पंत उपस्थित रहे। 

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