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हिमाचल विधानसभा सत्र: प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाने का प्रस्ताव पारित, केंद्र को भेजा जाएगा मामला

Thu, 27 Aug 2026 07:55 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 27 Aug 2026 07:55 PM IST
सार
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 भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार बढ़ती निर्माण लागत को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली आवास सहायता बढ़ाने का प्रस्ताव विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष की सहमति से संशोधित रूप में ध्वनिमत से पारित हो गया। 

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Himachal Assembly Session: Proposal to increase Pradhan Mantri Awas Yojana funds passed
हिमाचल प्रदेश विधानसभा शिमला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार बढ़ती निर्माण लागत को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली आवास सहायता बढ़ाने का प्रस्ताव विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष की सहमति से संशोधित रूप में ध्वनिमत से पारित हो गया। सदन ने केंद्र सरकार से पात्र लाभार्थियों को मिलने वाली राशि 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 3.63 लाख रुपये करने की सिफारिश की है। दुर्गम क्षेत्रों के लिए इससे भी अधिक सहायता देने का प्रस्ताव रखा गया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने संकल्प को आवश्यक बताते हुए कहा कि मौजूदा महंगाई में 1.30 लाख रुपये की राशि हिमाचल जैसे पहाड़ी प्रदेश में पक्का मकान बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है।

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सीमेंट, ईंट, सरिया, रेत और मजदूरी की लागत बढ़ने के साथ ही दुर्गम क्षेत्रों तक निर्माण सामग्री पहुंचाने में भी अतिरिक्त खर्च आता है। मंत्री ने बताया कि वर्ष 2023-24 से 2025-26 के दौरान प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 87,707 मकान स्वीकृत हुए हैं। इनमें 55,207 मकान पूरे हो चुके हैं, जबकि 32,497 मकान निर्माणाधीन हैं। वर्ष 2030 तक प्रदेश में 2.37 लाख से अधिक आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पक्के मकान के लिए 3.63 लाख रुपये प्रति इकाई देने का प्रस्ताव 15 फरवरी 2026 को केंद्र सरकार को भेजा गया था, लेकिन 12 अगस्त की बैठक में इसे मंजूरी नहीं मिली।

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अब सदन की भावना के अनुरूप संशोधित प्रस्ताव फिर केंद्र को भेजा जाएगा। मंत्री ने कहा कि केंद्र सहायता बढ़ाता है तो राज्य सरकार भी अपने योगदान को करीब 50 हजार रुपये तक बढ़ाने पर विचार कर सकती है। इससे पहले संकल्प प्रस्तुत करते हुए विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने आवास सहायता कम से कम तीन लाख रुपये करने की मांग उठाई। विधायक विनोद कुमार ने कहा कि पहाड़ी राज्यों में निर्माण लागत का निर्धारण स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर होना चाहिए। उनका कहना था कि गरीब परिवार को पक्का घर मिलने से उनका आत्मसम्मान बढ़ता है और कोई भी पात्र परिवार आवास से वंचित नहीं रहना चाहिए।

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