फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal Education Directorate: TGTs to receive higher pay scale upon completing two years of regular service;

हिमाचल शिक्षा निदेशालय: दो साल की नियमित सेवा पूरी करते ही टीजीटी को मिलेगा उच्च वेतनमान, आदेश जारी

Wed, 07 Oct 2026 05:30 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 07 Oct 2026 05:30 AM IST
सार
Register For Event

स्कूल शिक्षा निदेशालय ने हाईकोर्ट के निर्देशों पर पूनम कुमारी व अन्य मामले में फैसला सुनाते हुए उन शिक्षकों को दो साल की नियमित सेवा पूरी होने पर उच्च वेतनमान का लाभ देने के आदेश जारी किए हैं, जिनकी प्रारंभिक नियुक्ति 3 जनवरी 2022 से पहले अनुबंध आधार पर हुई थी।

विज्ञापन
Himachal Education Directorate: TGTs to receive higher pay scale upon completing two years of regular service;
हिमाचल स्कूल शिक्षा निदेशालय। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत टीजीटी शिक्षकों को उच्च वेतनमान देने का रास्ता साफ हो गया है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने हाईकोर्ट के निर्देशों पर पूनम कुमारी व अन्य मामले में फैसला सुनाते हुए उन शिक्षकों को दो साल की नियमित सेवा पूरी होने पर उच्च वेतनमान का लाभ देने के आदेश जारी किए हैं, जिनकी प्रारंभिक नियुक्ति 3 जनवरी 2022 से पहले अनुबंध आधार पर हुई थी। इस निर्णय से वर्ष 2019, 2020 और 2021 में अनुबंध पर नियुक्त होकर बाद में नियमित हुए टीजीटी कला, मेडिकल और नॉन-मेडिकल शिक्षकों को राहत मिलेगी। संबंधित शिक्षकों के वेतन का पुनर्निर्धारण किया जाएगा और नियमानुसार एरियर का भुगतान भी होगा।

विज्ञापन
Trending Videos

मामला उन शिक्षकों से जुड़ा था, जिन्होंने दलील दी थी कि उनकी सेवा 3 जनवरी 2022 से पहले शुरू हो चुकी थी। ऐसे में संशोधित वेतन नियमों के तहत उन्हें दो वर्ष की नियमित सेवा पूरी होने पर उच्च वेतनमान का लाभ मिलना चाहिए। इसी मांग को लेकर पूनम कुमारी व अन्य शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने पांच जनवरी 2026 को शिक्षा निदेशक को मामले की विस्तृत जांच कर स्पष्ट आदेश जारी करने के निर्देश दिए थे। साथ ही मोहित शर्मा मामले में दिए गए पूर्व निर्णय को भी ध्यान में रखने को कहा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद शिक्षा निदेशालय ने नियुक्ति और नियमितीकरण संबंधी रिकॉर्ड की जांच की। जांच में पाया गया कि याचिकाकर्ताओं का मामला मोहित शर्मा केस से मेल खाता है। इसी आधार पर उन्हें उच्च वेतनमान का लाभ देने का निर्णय लिया गया। निदेशालय ने सभी संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारियों (डीडीओ) को नियमानुसार वेतन निर्धारण कर लाभ देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शिक्षकों से एक अंडरटेकिंग भी ली जाएगी, ताकि भविष्य में किसी स्तर पर अधिक भुगतान या न्यायिक स्थिति में बदलाव होने पर अतिरिक्त राशि की वसूली की जा सके।

विज्ञापन

एलपीए के अंतिम फैसले पर टिकी रहेगी आगे की स्थिति
शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि यह लाभ मोहित शर्मा मामले में राज्य सरकार की ओर से दायर लेटर्स पेटेंट अपील (एलपीए) के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। यदि अपील में कोई अलग फैसला आता है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

संदेह की स्थिति में निदेशालय भेजना होगा मामला
उप शिक्षा निदेशकों, प्रधानाचार्यों और डीडीओ को निर्देश दिए गए हैं कि जिन मामलों में आदेश की पात्रता को लेकर कोई संदेह हो, उन्हें अपने स्तर पर निपटाने के बजाय पूरा रिकॉर्ड निदेशालय को भेजा जाए। वहीं पात्र मामलों में लाभ प्रदान कर अनुपालन रिपोर्ट शीघ्र भेजने को कहा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed