फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   himachal-employees-regularisation-rules-relaxation-march-september-appointments

हिमाचल: कर्मचारियों को बड़ी राहत, मार्च-सितंबर के अंतिम दिनों में नियुक्ति वालों के नियमितीकरण में बदले नियम

Wed, 30 Sep 2026 02:34 PM IST
Ankesh Dogra न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Ankesh Dogra Updated Wed, 30 Sep 2026 02:34 PM IST
सार
Register For Event

हिमाचल प्रदेश सरकार ने मार्च और सितंबर के अंतिम दिनों में नियुक्ति पाने वाले कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर महत्वपूर्ण राहत दी है। कार्मिक विभाग ने 28 सितंबर 2026 को नए निर्देश जारी किए हैं। इनके अनुसार निर्धारित समय के भीतर अप्रैल या अक्टूबर में कार्यभार संभालने वाले कर्मचारियों के नियुक्ति पत्र और जॉइनिंग के बीच की अवधि को नियमितीकरण की पात्रता के लिए माफ माना जाएगा। यह बदलाव उच्च न्यायालय के फैसले के बाद किया गया है।

विज्ञापन
himachal-employees-regularisation-rules-relaxation-march-september-appointments
हिमाचल प्रदेश सरकार। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मार्च और सितंबर महीने के अंतिम दिनों में नियुक्ति पत्र पाने वाले कर्मचारियों को अब जॉइनिंग के बीच की अवधि को लेकर पहले जैसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

विज्ञापन

प्रदेश के कार्मिक विभाग ने 28 सितंबर 2026 को नए निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत यदि किसी कर्मचारी को मार्च या सितंबर के अंतिम दिनों में नियुक्ति पत्र जारी होता है और वह अगले महीने की पहली तारीख यानी 1 अप्रैल या 1 अक्टूबर को अथवा नियुक्ति पत्र में निर्धारित अवधि के भीतर सेवा में शामिल हो जाता है, तो नियुक्ति और कार्यभार संभालने के बीच के समय को नियमितीकरण की पात्रता के लिए माफ माना जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्या था पूरा मामला?
इससे पहले 6 अप्रैल 2022 को जारी निर्देशों में ऐसी परिस्थितियों को लेकर प्रावधान किया गया था, जब मार्च या सितंबर के अंतिम कार्य दिवस पर नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद छुट्टियों के कारण कर्मचारी उसी महीने कार्यभार नहीं संभाल पाता था। हालांकि, अंतिम दिनों में नियुक्ति पत्र जारी होने और उसके बाद अगले महीने की पहली तारीख को कर्मचारी के कार्यभार संभालने की स्थिति को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी।
विज्ञापन

इसी मामले में उच्च न्यायालय के ‘सपना कुमारी व अन्य बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार’ मामले में 22 जुलाई 2025 को दिए गए फैसले के बाद स्थिति स्पष्ट हुई। सरकार ने इसी फैसले के अनुपालन में अब संशोधित निर्देश जारी किए हैं।

जॉइनिंग के बीच की अवधि माफ मानी जाएगी
नए निर्देशों के अनुसार मार्च या सितंबर के अंतिम दिनों में नियुक्ति पत्र पाने वाला कर्मचारी यदि 1 अप्रैल या 1 अक्टूबर, अथवा नियुक्ति पत्र में निर्धारित कार्यभार ग्रहण करने की समय सीमा के भीतर सेवा में शामिल होता है, तो नियुक्ति पत्र जारी होने और जॉइनिंग के बीच का समय नियमितीकरण के उद्देश्य से माफ माना जाएगा। खास बात यह है कि इस व्यवस्था में बीच की अवधि में सरकारी अवकाश रहा हो या नहीं, इससे पात्रता पर असर नहीं पड़ेगा।

नियमितीकरण की गणना के लिए कट-ऑफ तारीख भी स्पष्ट
सरकार ने नियमितीकरण की पात्रता तय करने के लिए कट-ऑफ तारीख को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। इसके लिए नियुक्ति आदेश जारी होने की तारीख अथवा मार्च या सितंबर का अंतिम दिन, जो भी बाद में हो, उसे आधार माना जाएगा। इससे उन कर्मचारियों को नियमितीकरण की पात्रता की गणना में राहत मिलने का रास्ता साफ हुआ है, जिन्हें महीने के अंतिम दिनों में नियुक्ति मिली थी।

वित्तीय लाभ कब से मिलेंगे?
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जॉइनिंग और नियमितीकरण की पात्रता में राहत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि कर्मचारी को पीछे की तारीख से सभी वित्तीय लाभ मिलेंगे। वास्तविक वित्तीय लाभ वास्तविक जॉइनिंग की तारीख या विभाग की ओर से जारी नियमितीकरण आदेश की प्रभावी तारीख से ही देय होंगे।

पुराने मामलों को दोबारा नहीं खोला जाएगा
नए निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन मामलों का पहले ही अंतिम रूप से निपटारा हो चुका है, उन्हें नए आदेश के आधार पर दोबारा नहीं खोला जाएगा। वहीं, कार्मिक विभाग की ओर से 6 अप्रैल 2022 को जारी पिछला आदेश अब प्रभावी नहीं रहेगा।

सभी विभागों को पालन के निर्देश
कार्मिक विभाग की ओर से जारी नए निर्देशों की प्रतियां राजभवन, हिमाचल प्रदेश विधानसभा, उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग और हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग समेत संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भेजी गई हैं। सरकार ने सभी विभागों को नए प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

इस फैसले से उन कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी नियुक्ति मार्च या सितंबर के अंतिम दिनों में हुई थी और जिन्होंने अगले महीने की शुरुआत में निर्धारित समय के भीतर कार्यभार संभाला था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed