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हिमाचल: पहाड़ों पर बढ़ते कचरे को लेकर राज्यपाल चिंतित, बोले- बाहरी लोगों से पहले स्थानीय लोग सोचें

Wed, 14 Oct 2026 02:41 PM IST
Ankesh Dogra न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Ankesh Dogra Updated Wed, 14 Oct 2026 02:41 PM IST
सार
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हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने पहाड़ों पर बढ़ते कचरे को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि बाहरी लोगों के चिंता जताने से पहले स्थानीय लोगों को प्रदेश की स्वच्छता के बारे में सोचना चाहिए। 

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Himachal Governor Kavinder Gupta on Mountain Pollution and Local Languages Book Launch
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों पर बढ़ते कचरे और प्रदूषण को लेकर राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने चिंता जताई है। हिंदी पार्श्व गायिका सोना महापात्रा की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि इस विषय पर बाहरी लोगों के सोचने से पहले स्थानीय लोगों को विचार करने की जरूरत है। प्रदेश को अपने घर की तरह स्वच्छ रखने का प्रयास किया जाना चाहिए।

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राज्यपाल बुधवार को लोकभवन में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति सत्य प्रकाश बंसल की पुस्तक ‘अक्षर से आत्मबोध तक’ के लोकार्पण के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने स्वच्छता, पर्यटन, भाषा, नौतोड़ और नौणी विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।

कचरे से प्रभावित होती है पहाड़ों की सुंदरता
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि किसी बाहरी व्यक्ति के चिंता जताने से पहले स्थानीय लोगों को हिमाचल को अपना घर समझकर इसकी स्वच्छता के बारे में सोचना चाहिए। कचरे के कारण प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता प्रभावित होती है और बाहर से आने वाले लोगों के बीच भी गलत संदेश जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को स्वच्छ रखने से पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इसके लिए प्रदेश सरकार के साथ-साथ समाज की भागीदारी भी जरूरी है।
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राष्ट्रीय एकता में महत्वपूर्ण है भाषा
‘अक्षर से आत्मबोध तक’ पुस्तक के लोकार्पण पर राज्यपाल ने लेखक सत्य प्रकाश बंसल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पुस्तक त्रिभाषा सूत्र पर केंद्रित है और नई शिक्षा नीति में इसे मजबूती से शामिल करने की आवश्यकता है।

राज्यपाल ने कहा कि भाषा राष्ट्रीय एकता का महत्वपूर्ण घटक है। शिक्षण संस्थानों में भारतीय भाषाओं को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने स्थानीय भाषाओं की लिपि तैयार करने की जरूरत पर भी जोर दिया और कहा कि ऐसा नहीं होने पर इन भाषाओं के लुप्त होने का खतरा है।
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नौतोड़ के मामले पर मांगी जानकारी
नौतोड़ के मुद्दे पर राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 1997 तक नियम था कि 2,000 रुपये से कम आय वाले लोगों को इसका लाभ मिलता था। उन्होंने बताया कि इस संबंध में लोकभवन में उपायुक्त से जानकारी मांगी गई है। आने वाले दिनों में इस मामले पर काम किया जाएगा।

नौणी विश्वविद्यालय के विवाद पर क्या बोले राज्यपाल?
नौणी विश्वविद्यालय में कुलपति और रजिस्ट्रार के बीच हुए विवाद पर राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि चर्चा के बाद मामले को सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विवाद होना कोई बड़ी बात नहीं है और कई बार घरों में भी मतभेद हो जाते हैं।

अशोक सिंघल को दी श्रद्धांजलि
राज्यपाल ने अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश में सनातन और हिंदुत्व को जागृत करने में अशोक सिंघल की बड़ी भूमिका रही है। राम मंदिर निर्माण में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। राज्यपाल ने देशवासियों से अपनी संस्कृति, हिंदुत्व और सनातन परंपराओं को समझने तथा इनके महत्व से नई पीढ़ी को परिचित करवाने की अपील की।

मातृभाषा की ताकत पहचानें युवा : सत्य प्रकाश बंसल
पुस्तक के लेखक और हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति सत्य प्रकाश बंसल ने कहा कि उन्होंने इस पुस्तक के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपनी मातृभाषा की ताकत पहचानने और उसे आगे बढ़ाने का संदेश देने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास में भाषा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। नई शिक्षा नीति में त्रिभाषा नीति के माध्यम से विकसित भारत का रोडमैप तैयार किया जा सकता है। इसके लिए शिक्षण संस्थानों में स्वदेशी भाषाओं को विकसित करने पर जोर देना जरूरी है।
 

सत्य प्रकाश बंसल ने कहा कि संविधान में 22 भाषाओं को मान्यता दी गई है और देश ने किसी एक भाषा को राष्ट्रभाषा घोषित नहीं किया है। ऐसे में स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने और युवा पीढ़ी को उनके महत्व से परिचित करवाने की जरूरत है।
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