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हिमाचल: अब कैंसर इलाज के लिए तैयार होंगे विशेषज्ञ तकनीकी पेशेवर, आईजीएमसी और टांडा में शुरू होगा नया कोर्स
Sun, 06 Sep 2026 02:52 PM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 06 Sep 2026 02:52 PM IST
हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य शिक्षा को बड़ा विस्तार मिलने जा रहा है। आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में 2026-27 से बैचलर ऑफ रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी कोर्स शुरू होगा। दोनों संस्थानों में 30-30 सीटें होंगी। वहीं हमीरपुर में 330 सीटों वाला एलाइड एवं हेल्थकेयर कॉलेज स्थापित किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (IGMC) शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा में अब बैचलर ऑफ रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। दोनों संस्थानों में वर्ष 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से इस पाठ्यक्रम में हर साल 30-30 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा।
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रेडिएशन थेरेपी कैंसर के उपचार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में इस क्षेत्र में प्रशिक्षित तकनीकी पेशेवर तैयार होने से प्रदेश के अस्पतालों में विशेषज्ञ सेवाओं को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि नए पाठ्यक्रमों के विस्तार से विद्यार्थियों को अपने ही राज्य में आधुनिक चिकित्सा क्षेत्रों में प्रशिक्षण लेने का अवसर मिलेगा और उन्हें इसके लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
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हमीरपुर में 330 सीटों वाला एलाइड हेल्थकेयर कॉलेज
राज्य सरकार ने हमीरपुर में एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय स्थापित करने का भी निर्णय लिया है। इस संस्थान में विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की कुल 330 सीटें होंगी। इनमें बीएससी लेबोरेटरी साइंसेज, बीएससी रेडियोलॉजी, बीएससी एनेस्थीसिया, बीएससी ऑप्टोमेट्री और बीएससी फिजियोथेरेपी की 60-60 सीटें शामिल हैं। इसके अलावा डायलिसिस टेक्नीशियन की 30 सीटें होंगी। कॉलेज के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक मशीनरी और उपकरणों की खरीद के लिए सरकार ने 6.87 करोड़ रुपये जारी करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य प्रदेश में एलाइड और हेल्थकेयर क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है।
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पहले बढ़ाई जा चुकी हैं सीटें
सरकार ने वर्ष 2025 में भी आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में एलाइड हेल्थकेयर पाठ्यक्रमों की सीटों में बड़ा इजाफा किया था। आईजीएमसी में बीएससी मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नीक, बीएससी रेडियो एंड इमेजिंग तथा बीएससी एनेस्थीसिया एंड ओटी टेक्नीक की सीटें 10 से बढ़ाकर 50-50 की गई थीं। वहीं, टांडा मेडिकल कॉलेज में बीएससी मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नीक, बीएससी रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग तथा बीएससी एनेस्थीसिया और ओटी टेक्नीक की सीटें 18 से बढ़ाकर 50-50 कर दी गई थीं।
युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे
वर्तमान में दोनों मेडिकल कॉलेजों में रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी और डायलिसिस टेक्नोलॉजी जैसे एलाइड एवं हेल्थकेयर पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। नए पाठ्यक्रम शुरू होने से इन क्षेत्रों में प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को गुणवत्तापूर्ण और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के साथ युवाओं के लिए व्यावसायिक शिक्षा और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और अन्य चिकित्सा पेशेवरों को सहयोग देने तथा आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी व्यवस्था के लिए एलाइड एवं हेल्थकेयर शिक्षा को मजबूत करना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमीरपुर में एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय तथा आईजीएमसी शिमला और टांडा में रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम शुरू होने से विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रशिक्षण के अवसर बढ़ेंगे। सरकार का लक्ष्य उभरते स्वास्थ्य क्षेत्रों में चिकित्सा शिक्षा की बुनियादी अधोसंरचना को लगातार मजबूत करना है, ताकि प्रदेशवासियों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उनके घर के नजदीक उपलब्ध हो सकें।
वर्तमान में दोनों मेडिकल कॉलेजों में रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी और डायलिसिस टेक्नोलॉजी जैसे एलाइड एवं हेल्थकेयर पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। नए पाठ्यक्रम शुरू होने से इन क्षेत्रों में प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को गुणवत्तापूर्ण और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के साथ युवाओं के लिए व्यावसायिक शिक्षा और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और अन्य चिकित्सा पेशेवरों को सहयोग देने तथा आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी व्यवस्था के लिए एलाइड एवं हेल्थकेयर शिक्षा को मजबूत करना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमीरपुर में एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय तथा आईजीएमसी शिमला और टांडा में रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम शुरू होने से विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रशिक्षण के अवसर बढ़ेंगे। सरकार का लक्ष्य उभरते स्वास्थ्य क्षेत्रों में चिकित्सा शिक्षा की बुनियादी अधोसंरचना को लगातार मजबूत करना है, ताकि प्रदेशवासियों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उनके घर के नजदीक उपलब्ध हो सकें।