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शारदीय नवरात्र 2026: हिमाचल के शक्तिपीठों में धूम, रात को भी होंगे माता रानी के दर्शन; सुरक्षा के कड़े इंतजाम
Sun, 11 Oct 2026 09:47 AM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला/धर्मशाला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला/धर्मशाला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 11 Oct 2026 09:47 AM IST
हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठ शारदीय नवरात्र के लिए सज गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिरों में विशेष दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा बलों की तैनाती और धार्मिक अनुष्ठानों के प्रबंध किए गए हैं। ज्वालाजी मंदिर को 51 क्विंटल फूलों से सजाया जा रहा है, जबकि कई मंदिरों में रात तक दर्शन की सुविधा मिलेगी।
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51 क्विंटल फूलों से सजा ज्वालाजी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
शारदीय नवरात्र के लिए हिमाचल की शक्तिपीठ सज चुकी हैं। मां नयना देवी, छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी, ज्वालाजी, बज्रेश्वरी और चामुंडा मंदिर को भी विदेशी फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। रविवार से नौ दिन मां के नौ रूपों का विशेष पूजन होगा। इस बार 19 अक्तूबर को अष्टमी, नवमी के अनुष्ठान हो सकेंगे।
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श्री नयना देवी मंदिर में मंदिर के कपाट साढ़े 21 घंटे खुले रहेंगे। रात 12 से दो बजे तक मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी। इसके अलावा मध्याह्न आरती के दौरान दोपहर 12 से 12:30 बजे तक मंदिर के कपाट बंद रहेंगे। प्रतिदिन करीब ढाई घंटे मंदिर में दर्शन बंद रहेंगे। शेष समय में श्रद्धालु माता के दर्शन कर सकेंगे। पांच पहर की आरती होगी। लाउडस्पीकर, ढोल-नगाड़े, बैंड-बाजे एवं अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। 11 से 20 अक्तूबर तक किसी भी व्यक्ति के अस्त्र-शस्त्र, गोला-बारूद, दूर से मार करने वाले हथियार, तेजधार हथियार आदि उठाकर चलने पर प्रतिबंध लगाया गया है। मंदिर को ऑस्ट्रेलिया और थाईलैंड के फूलों से सजाया गया है। कांगड़ा की तीनों प्रमुख शक्तिपीठों के कपाट सुबह पांच बजे खोल दिए जाएंगे।
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वहीं, ज्वालामुखी में छठी, सप्तमी और अष्टमी को मंदिर 24 घंटे दर्शन के लिए खुला रहेगा। नवरात्र के मद्देनजर ज्वालामुखी मंदिर परिसर को 51 क्विंटल देसी-विदेशी और रंग-बिरंगे फूलों से सजाया जा रहा है। नवरात्र मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए 250 पुलिस जवान और 75 होमगार्ड तैनात रहेंगे। पूरे शहर को सात सेक्टरों में बांटा गया है। मंदिर और शहर के विभिन्न हिस्सों में लगे 80 सीसीटीवी कैमरों से कंट्रोल रूम के माध्यम से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा ड्रोन कैमरों से भी क्षेत्र पर नजर रखी जाएगी। श्रद्धालुओं को मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। कांगड़ा के बज्रेश्वरी मंदिर में 60 वर्ष से ऊपर वाले श्रद्धालुओं के लिए खास सुविधा दी गई है। यह श्रद्धालु या इनके परिजन 200 रुपये की पर्ची कटवाकर वीआईपी दर्शन कर सकते हैं।
मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि शारदीय नवरात्र मेलों के दौरान श्रद्धालुओं के लिए माता चिंतपूर्णी मंदिर के कपाट सुबह 4 बजे खोल दिए जाएंगे और रात 10 बजे बंद होंगे। भीड़ की स्थिति देखते हुए समय के बदलाव का निर्णय लिया जा सकता है।
चामुंडा में 61 पंडित नौ दिन करेंगे शतचंडी पाठ
श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 61 पंडित और संस्कृत महाविद्यालय के 20 छात्र नौ दिनों तक शतचंडी, रामायण पाठ, गायत्री पाठ, रुद्राभिषेक पाठ करेंगे। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 45 पुलिस जवान और 30 होमगार्ड जवान तैनात किए जाएंगे, जबकि 12 होमगार्ड के जवान पहले से ही मंदिर परिसर में तैनात हैं।
श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 61 पंडित और संस्कृत महाविद्यालय के 20 छात्र नौ दिनों तक शतचंडी, रामायण पाठ, गायत्री पाठ, रुद्राभिषेक पाठ करेंगे। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 45 पुलिस जवान और 30 होमगार्ड जवान तैनात किए जाएंगे, जबकि 12 होमगार्ड के जवान पहले से ही मंदिर परिसर में तैनात हैं।