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हिमाचल: चंद पैसों के लिए माता-पिता ने ठेकेदार को बेच दिया नाबालिग, सिरमौर से किया रेस्क्यू

Wed, 26 Aug 2026 05:15 AM IST
Krishan Singh अशोक चौहान, शिमला।
अशोक चौहान, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 26 Aug 2026 05:15 AM IST
सार
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 एक दंपती ने पैसों के लिए अपना नाबालिग बच्चा ठेकेदार को बेच दिया। ठेकेदार उसे हिमाचल लाया और सिरमौर जिले में एक व्यक्ति के घर पर काम करने के लिए रखा गया। 

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Himachal: Stepparents from Jammu sold minor for a small sum; rescued from Sirmaur.
चंद पैसों के लिए सौतेली मां ने पिता के साथ मिलकर बेच दिया नाबालिग। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

जम्मू-कश्मीर से हिमाचल लाकर नाबालिग से मजदूरी करवाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि राजोरी क्षेत्र के एक दंपती ने पैसों के लिए अपना नाबालिग बच्चा ठेकेदार को बेच दिया। ठेकेदार उसे हिमाचल लाया और सिरमौर जिले में एक व्यक्ति के घर पर काम करने के लिए रखा गया। शिकायत मिलने के बाद चाइल्ड लाइन और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने सिरमौर पुलिस की मदद से नाबालिग को रेस्क्यू कर शिमला के शेल्टर होम में पहुंचाया।

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ये है पूरा मामला
यह मामला कुछ महीने पहले का है। करीब 15-16 साल के एक नाबालिग से सिरमौर में एक घर पर जबरन काम करवाए जाने की शिकायत मिली थी। चाइल्डलाइन और बाल कल्याण परिषद की टीम ने पुलिस की मदद से इसे रेस्क्यू किया। जिस घर से इसे बरामद किया गया, उसके मालिक का कहना था कि यह खुद काम करने को तैयार था जिसके बाद इसे रखा था। शिमला पहुंचने के बाद नाबालिग से कई बार बातचीत की गई, लेकिन शुरुआत में वह अपने घर का पता नहीं बता पाया। इसके बाद उसकी काउंसलिंग कराने का निर्णय लिया गया। 

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काउंसलिंग के दौरान बच्चे ने दी पूरी घटना की जानकारी
 मनोवैज्ञानिक मनोज सहगल की काउंसलिंग के दौरान बच्चे ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। नाबालिग ने बताया कि उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली है। आरोप है कि सौतेली मां ने पिता के साथ मिलकर उसे कुछ महीने पहले एक ठेकेदार को बेच दिया। इसके बाद ठेकेदार उसे हिमाचल ले आया और सिरमौर में एक व्यक्ति के घर पर काम करवाया गया। बच्चे ने बातचीत के दौरान अपने स्कूल के बारे में जानकारी दी। इसी आधार पर बाल कल्याण समिति ने उसके राजोरी स्थित घर का पता लगाया। माता-पिता से संपर्क करने पर उन्होंने पहले टालमटोल की, लेकिन बाद में बच्चे को अपना बेटा स्वीकार किया।

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घर नहीं जाना चाहता है नाबालिग
हालांकि, नाबालिग ने घर लौटने की इच्छा नहीं जताई है। उसे आशंका है कि माता-पिता उसे दोबारा किसी अन्य व्यक्ति को सौंप सकते हैं। इसी वजह से अब उसे सीधे अभिभावकों को सौंपने के बजाय जम्मू-कश्मीर की चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के संरक्षण में भेजने की तैयारी की जा रही है। वहां उसे बालिग होने तक संरक्षण दिए जाने की प्रक्रिया होगी।

वापस भेजने की औपचारिकताएं पूरी कर रहे : संतोष
सूचना मिलते ही चाइल्ड लाइन और सीडब्ल्यूसी की टीम ने नाबालिग को सिरमौर से रेस्क्यू किया। उसे शिमला के शेल्टर होम में सुरक्षित रखा गया है। अब जम्मू-कश्मीर भेजने के लिए सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। -संतोष शर्मा, चेयरपर्सन बाल कल्याण समिति

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