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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Kangana Ranaut said: Youth falling prey to drugs in Kullu is a major failure of the police.

हिमाचल: कंगना रणाैत बोलीं- कुल्लू में युवाओं का नशे की गिरफ्त में आना पुलिस की बड़ी नाकामी

Mon, 07 Sep 2026 05:39 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू।
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू। Published by: Krishan Singh Updated Mon, 07 Sep 2026 05:39 PM IST
सार
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कुल्लू में दिशा की बैठक के बाद सांसद कंगना रणाैत ने सोमवार को कुल्लू में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में जिले में बढ़ते नशे के मामलों को लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। 

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Kangana Ranaut said: Youth falling prey to drugs in Kullu is a major failure of the police.
सांसद कंगना रणौत। - फोटो : संवाद

विस्तार

 युवाओं का नशे की गिरफ्त में आना पुलिस की बड़ी नाकामी है। पुलिस को इसके लिए उचित कदम उठाने की जरूरत है। दिशा की बैठक में गैर सरकारी सदस्यों की तरफ से आई शिकायत पर मंडी की सांसद कंगना रणौत पुलिस पर तल्ख हुईं और उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। सोमवार को कुल्लू में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में नशे के मुद्दे को लेकर उन्होंने कहा कि युवाओं का नशे की गिरफ्त में आना पुलिस प्रशासन की बड़ी नाकामी है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक अभिषेक को नशे के काले धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

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उन्होंने कहा कि जिले में नशा तस्करी में जो भी लोग संलिप्त हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जाए और उनकी संपत्ति को भी जब्त किया जाए। दिशा की बैठक में गैर सरकारी सदस्य एवं पंचायत प्रधान बिमला ठाकुर ने जब ढाबों में चिट्टा उपलब्ध होने का मामला उठाया तो सांसद कंगना रणौत ने तल्ख तेवर में पुलिस अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यह पुलिस की सरेआम नाकामी है। इसके अलावा लगवैली में अवैध खनन के मामले में उन्होंने वन और खनन विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई।
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प्रदेश सरकार ऐसे ही कर्ज लेती रही तो डूब जाएंगे हम : कंगना
कुल्लू जिले में दिशा की बैठक के बाद सांसद कंगना रणौत ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ऐसे ही कर्ज लेती रही तो हम सब जल्द डूब जाएंगे। प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के बजाय कर्ज में डुबोया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैठक में सांसद निधि से जुड़े कार्यों और विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा की गई। कुछ विभागों की कार्यप्रणाली में सुधार की जरूरत है। जिले में सांसद निधि के तहत करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। अधिकारियों को शेष कार्य भी जल्द पूरा कर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए। कंगना ने अधिकारियों को सुझाव दिया कि अधिकारी लकीर का फकीर बनना छोड़ दें। वे सरकार की तरफ ही न देखते रहें, स्वयं भी जिले को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास करें ताकि लोगों को सुविधाएं स्थानीय स्तर पर भी उपलब्ध करवाई जा सके। संवाद
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कंगना में राजनीतिक अनुभव की कमी : चौहान
उधर, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने भाजपा सांसद कंगना रनौत के अधिकारियों को फटकार लगाने वाले बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सिस्टम में कमी हो सकती है और किसी अधिकारी से भी गलती हो सकती है, लेकिन अधिकारियों से काम लेने का भी एक मर्यादित तरीका होता है। सोशल मीडिया पर कंगना की ओर से अधिकारियों को लताड़ने का वीडियो उन्होंने भी देखा है और व्यक्तिगत तौर पर वह इस तरह के व्यवहार का समर्थन नहीं करते। चौहान ने कहा कि बैठक का उद्देश्य अधिकारियों से बातचीत करना, सरकार की योजनाओं पर फीडबैक लेना और यह पता करना होता है कि किस योजना में किस स्तर पर दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि कंगना रनौत को राजनीति का अनुभव कम होने के कारण राजनीतिक परिपक्वता की कमी नजर आती है।

वह जिस क्षेत्र से आई हैं, वहां और राजनीति में काफी अंतर है। लोगों की सेवा करना और उनसे जुड़े काम करवाना उतना आसान नहीं है, जितना बाहर से दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि कंगना ने अपनी सांसद निधि के करीब 11 करोड़ रुपये खर्च नहीं होने को लेकर अधिकारियों पर नाराजगी जताई। अगर काम नहीं हो रहा है तो जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि को सवाल पूछने का पूरा अधिकार है, लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों का अपना सम्मान और स्वाभिमान भी होता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी काम में देरी कर रहा है तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए, लेकिन उसकी भी एक मर्यादा और तरीका है। प्रदेश में अधिकारी और कर्मचारी विकास कार्यों में सरकार का सहयोग करते हैं। ऐसे में यह कहना कि हिमाचल में अधिकारी काम नहीं करते, बिल्कुल गलत है। उन्होंने कंगना पर लगातार विवादों के जरिए सुर्खियों में रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि मंडी की जनता को इसका नुकसान भुगतना पड़ रहा है।

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