हिमाचल: राहुल-प्रियंका की हिरासत पर शिमला में कांग्रेस का प्रदर्शन, सुक्खू बोले- आवाज उठाने के अधिकार पर हमला
दिल्ली में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में हिमाचल कांग्रेस ने शिमला में लोकभवन के बाहर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, मंत्री, विधायक और पार्टी कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। पढ़ें पूरी खबर...
विस्तार
दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद हिमाचल प्रदेश में भी कांग्रेस ने विरोध जताया। बुधवार को शिमला में लोकभवन के बाहर हिमाचल कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली की कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी की और कहा कि विपक्ष को अपने सवाल उठाने तथा लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेताओं की हिरासत पर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जिस तरह पुलिस ने विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया, उससे कांग्रेस के अनुसार लोकतंत्र में असहमति की आवाज दबाने का सवाल खड़ा होता है। सुक्खू ने कहा कि राहुल गांधी उस समय हिरासत में लिए गए, जब वह करीब 300 सांसदों के साथ मार्च कर अपनी बात रखने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने राहुल गांधी को लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष करने वाला नेता बताते हुए कहा कि वह सड़कों पर उतरकर अपनी बात जनता तक पहुंचा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में राहुल गांधी की राजनीतिक पृष्ठभूमि का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि पूर्व प्रधानमंत्री के बेटे और पोते को अपनी बात रखने के लिए सड़कों पर क्यों उतरना पड़ रहा है। सुक्खू ने राहुल गांधी की ओर से उठाए जा रहे 'वोट चोरी' के आरोप का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को लेकर जवाब मांग रही है। ये आरोप कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे हैं।
6 अक्तूबर को INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद से निर्वाचन आयोग की ओर मार्च किया था। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने मार्च को निर्वाचन आयोग के कार्यालय के पास रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेता आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए। करीब आठ घंटे बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया।
दिल्ली की घटना के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य लोगों के खिलाफ आकाशवाणी भवन परिसर में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में शिकायत/एफआईआर की कार्रवाई भी सामने आई है। दिल्ली पुलिस से जुड़ी रिपोर्टों में इस मामले का उल्लेख किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस और पुलिस के पक्ष अलग-अलग हैं। कांग्रेस ने कार्रवाई को विपक्ष की आवाज से जोड़कर सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस की ओर से प्रदर्शन और परिसर में प्रवेश को लेकर कानून-व्यवस्था से संबंधित कार्रवाई की बात सामने आई है।
शिमला में लोकभवन के बाहर प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में बृहस्पतिवार को पूरे हिमाचल प्रदेश में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी अपनी बात आगे भी उठाती रहेगी। लोकभवन के बाहर प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से शिमला में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं।
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