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Shimla News: सहारा योजना के ऑनलाइन पंजीकरण में बाधा बन रही वेबसाइट
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वेबसाइट की धीमी गति से हो रही दिक्कत, सरकार ने कल्याण विभाग को सौंपा है सहारा योजना का जिम्मा
4050 लाभार्थियों को वर्तमान में मिल रहा योजना का लाभ
आदित्य सोफत
शिमला। सहारा योजना में विभाग ने ऑनलाइन पंजीकरण शुरू कर दिया है, लेकिन इसकी जानकारी लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पा रही है। अभी भी लाभार्थी स्वास्थ्य विभाग के पास योजना में शामिल होने के लिए आवेदन कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में जाने के बाद उन्हें कल्याण विभाग की वेबसाइट पर आवेदन करने के लिए कहा जाता है। इससे पंजीकरण करवाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। वहीं जो लाभार्थी ऑनलाइन पंजीकरण कर रहे हैं, उन्हें भी वेबसाइट की धीमी गति के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे लाभार्थी पंजीकरण नहीं करवा पा रहे हैं। हालांकि, लाभार्थियों के लिए पंजीकरण की कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है, लेकिन इसके बावजूद लोग असमंजस में हैं। वर्तमान में 4050 लाभार्थियों को कल्याण विभाग की ओर से योजना का लाभ दिया जा रहा है। यह आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग की ओर से कल्याण विभाग को उपलब्ध करवाया है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के पास 36,000 लाभार्थियों ने योजना के लिए पंजीकरण करवाया था। अब नए सिरे से पंजीकरण किया जा रहा है। बीते माह सरकार ने सहारा योजना का जिम्मा कल्याण विभाग को दिया है। सरकार की ओर से गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को राहत देने के लिए सहारा योजना चलाई गई है। यह योजना पहले स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित की जाती थी। इसमें कैंसर, लकवा, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और क्रोनिक रीनल फेल्योर जैसी बीमारियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कई दिव्यांग भी योजना का लाभ ले रहे हैं। सहारा योजना में पंजीकरण करने के बाद जिला स्तरीय कमेटी लाभार्थियों का सत्यापन करेगी। सत्यापन के बाद ही योजना का लाभ दिया जाएगा। पंजीकरण के साथ ही जिला स्तरीय कमेटी को डाटा कल्याण विभाग की ओर से भेजा जा रहा है।
को
प्रदेश में सहारा योजना में कवर होने वाले लाभार्थियों का ऑनलाइन पंजीकरण साइट पर चल रहा है। ऑनलाइन पंजीकरण में अगर दिक्कत आ रही है तो आईटी विभाग के माध्यम से इसका समाधान किया जाएगा। लाभार्थियों के पंजीकरण के बाद जिला स्तर पर कमेटी सत्यापन करेगी। वर्तमान में 4050 लाभार्थियों को योजना का लाभ मिल रहा है।
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-सुरेश शर्मा, संयुक्त निदेशक, कल्याण विभाग
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4050 लाभार्थियों को वर्तमान में मिल रहा योजना का लाभ
आदित्य सोफत
शिमला। सहारा योजना में विभाग ने ऑनलाइन पंजीकरण शुरू कर दिया है, लेकिन इसकी जानकारी लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पा रही है। अभी भी लाभार्थी स्वास्थ्य विभाग के पास योजना में शामिल होने के लिए आवेदन कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में जाने के बाद उन्हें कल्याण विभाग की वेबसाइट पर आवेदन करने के लिए कहा जाता है। इससे पंजीकरण करवाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। वहीं जो लाभार्थी ऑनलाइन पंजीकरण कर रहे हैं, उन्हें भी वेबसाइट की धीमी गति के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे लाभार्थी पंजीकरण नहीं करवा पा रहे हैं। हालांकि, लाभार्थियों के लिए पंजीकरण की कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है, लेकिन इसके बावजूद लोग असमंजस में हैं। वर्तमान में 4050 लाभार्थियों को कल्याण विभाग की ओर से योजना का लाभ दिया जा रहा है। यह आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग की ओर से कल्याण विभाग को उपलब्ध करवाया है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के पास 36,000 लाभार्थियों ने योजना के लिए पंजीकरण करवाया था। अब नए सिरे से पंजीकरण किया जा रहा है। बीते माह सरकार ने सहारा योजना का जिम्मा कल्याण विभाग को दिया है। सरकार की ओर से गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को राहत देने के लिए सहारा योजना चलाई गई है। यह योजना पहले स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित की जाती थी। इसमें कैंसर, लकवा, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और क्रोनिक रीनल फेल्योर जैसी बीमारियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कई दिव्यांग भी योजना का लाभ ले रहे हैं। सहारा योजना में पंजीकरण करने के बाद जिला स्तरीय कमेटी लाभार्थियों का सत्यापन करेगी। सत्यापन के बाद ही योजना का लाभ दिया जाएगा। पंजीकरण के साथ ही जिला स्तरीय कमेटी को डाटा कल्याण विभाग की ओर से भेजा जा रहा है।
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प्रदेश में सहारा योजना में कवर होने वाले लाभार्थियों का ऑनलाइन पंजीकरण साइट पर चल रहा है। ऑनलाइन पंजीकरण में अगर दिक्कत आ रही है तो आईटी विभाग के माध्यम से इसका समाधान किया जाएगा। लाभार्थियों के पंजीकरण के बाद जिला स्तर पर कमेटी सत्यापन करेगी। वर्तमान में 4050 लाभार्थियों को योजना का लाभ मिल रहा है।
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-सुरेश शर्मा, संयुक्त निदेशक, कल्याण विभाग