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गजब का हाल: ड्यूटी रोस्टर में मनमानी, रेलवे कंट्रोलरों को साप्ताहिक विश्राम नहीं, 23 कर्मचारियों ने की शिकायत
Tue, 03 Nov 2026 10:31 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 03 Nov 2026 10:31 AM IST
आगरा रेल मंडल के 23 सेक्शन कंट्रोलरों ने ड्यूटी रोस्टर में मनमानी और 30 घंटे का साप्ताहिक विश्राम नहीं मिलने की शिकायत की है। कर्मचारियों ने वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक को पत्र सौंपकर रोस्टर सुधार, प्रशिक्षण और पदोन्नति की स्पष्ट नीति की मांग की है।
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कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
रेल मंडल के नियंत्रण कार्यालय में तैनात सेक्शन कंट्रोलरों ने ड्यूटी रोस्टर में मनमानी और साप्ताहिक विश्राम नहीं मिलने के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 23 कंट्रोलरों के हस्ताक्षर वाला सामूहिक शिकायती पत्र वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक को सौंपा गया है।
कर्मचारियों का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हो रहा है। शिकायत में कहा गया है कि इंटेंसिव श्रेणी के सेक्शन कंट्रोलरों को रेलवे के नियमों के तहत 30 घंटे का लगातार साप्ताहिक विश्राम मिलना चाहिए लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। उनकी नींद और स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ रहा है। कर्मचारियों ने इसे रेल संचालन की सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय बताया है।
कंट्रोलरों का आरोप है कि उन्हें लगातार मानसिक दबाव में काम करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने ड्यूटी रोस्टर नियमित करने, ग्रेड पे 4800 के पात्र कर्मचारियों को वरिष्ठता के आधार पर डिप्टी गुड्स और डिप्टी पंक्चुअलिटी पदों पर अवसर देने, प्रशिक्षण कराने और पदोन्नति की स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है। उन्होंने नियमित संवाद बैठकें कराने की भी मांग उठाई है।
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कर्मचारियों का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हो रहा है। शिकायत में कहा गया है कि इंटेंसिव श्रेणी के सेक्शन कंट्रोलरों को रेलवे के नियमों के तहत 30 घंटे का लगातार साप्ताहिक विश्राम मिलना चाहिए लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। उनकी नींद और स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ रहा है। कर्मचारियों ने इसे रेल संचालन की सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय बताया है।
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कंट्रोलरों का आरोप है कि उन्हें लगातार मानसिक दबाव में काम करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने ड्यूटी रोस्टर नियमित करने, ग्रेड पे 4800 के पात्र कर्मचारियों को वरिष्ठता के आधार पर डिप्टी गुड्स और डिप्टी पंक्चुअलिटी पदों पर अवसर देने, प्रशिक्षण कराने और पदोन्नति की स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है। उन्होंने नियमित संवाद बैठकें कराने की भी मांग उठाई है।
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