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गजब की प्रतिभा: आकाश की टोपी बचाएगी किसानों की जान, दिव्यांशी का मॉडल करेगा अंतरिक्ष की सफाई
Thu, 05 Nov 2026 10:55 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 05 Nov 2026 10:55 AM IST
आगरा की जनपदस्तरीय विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अपनी अनूठी वैज्ञानिक सोच से सभी को प्रभावित किया। आकाश चौरसिया ने किसानों को आकाशीय बिजली से बचाने के लिए तीन लेयर वाली इंसुलेटर कैप का मॉडल बनाया, जबकि दिव्यांशी ने अंतरिक्ष का कचरा साफ करने के लिए चुंबक आधारित सैटेलाइट की परिकल्पना प्रस्तुत की।
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विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
किसानों को आकाशीय बिजली से बचाने के लिए तीन लेयर वाला इंसुलेटर कैप और अंतरिक्ष में बढ़ते कचरे को साफ करने के लिए चुंबक आधारित सैटेलाइट। जनपदस्तरीय विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने इसके मॉडल प्रस्तुत करके अपनी प्रतिभा दिखाई।
बुधवार को एमडी जैन इंटर कॉलेज, हरीपर्वत में आयोजित प्रदर्शनी में 67 विद्यालयों के 214 विद्यार्थियों ने मॉडल प्रस्तुत किए। इनमें स्मार्ट सिटी, चंद्रयान-3, ऑटोमेटिक ब्रिज, ब्लाइंड स्टिक, रोड सेफ्टी और कचरा प्रबंधन के मॉडल भी आकर्षण का केंद्र रहे। जिला विज्ञान क्लब की ओर से आयोजित प्रदर्शनी का शुभारंभ जिलाधिकारी मनीष बंसल ने किया।
प्रदर्शनी में एमडी जैन इंटर कॉलेज के कक्षा 12 के छात्र आकाश चौरसिया ने वज्र-एक्स 3000 मॉडल बनाया। आकाश ने बताया कि खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए आकाशीय बिजली गंभीर खतरा है। इसी समस्या को देखते हुए उन्होंने यह टोपी तैयार किया है। इसमें तीन लेयर वाला इंसुलेटर लगाया गया है। पहली लेयर लेदर, दूसरी फोम और तीसरी एडवांस्ड लेदर की बनाई गई है। इसके साथ एल्युमिनियम फॉयल का भी इस्तेमाल किया गया है। उनका उद्देश्य इन परतों के माध्यम से बिजली गिरने के प्रभाव को कम करने वाली तकनीक विकसित करना है।
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गोपीचंद शिवहरे सनातन धर्म कॉलेज की कक्षा 11 की छात्रा दिव्यांशी ने स्पेस स्टैबलिस क्लीनर सैटेलाइट का मॉडल प्रस्तुत किया। दिव्यांशी ने बताया कि अंतरिक्ष में विभिन्न प्रयोगों और उपग्रहों के संचालन के कारण स्पेस डेब्रिस यानी अंतरिक्ष में कचरे की समस्या बढ़ रही है। इससे उपग्रहों के संचालन में बाधा आ सकती है। इसके समाधान के लिए उन्होंने चुंबक आधारित तकनीक का मॉडल बनाया है। इसमें अंतरिक्ष में मौजूद धातु के टुकड़ों और इलेक्ट्रॉनिक कचरे को चुंबकीय आकर्षण से एकत्र करने की परिकल्पना की गई है।
जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक डॉ. निखिल जैन ने बताया कि प्रतियोगिता में आकाश चौरसिया ने पहला, सेंट जोसेफ गर्ल्स इंटर कॉलेज की बुलबुल और अनुष्का ने दूसरा और गणेशराम नागर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर की साक्षी शर्मा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज शाहगंज की कनिष्का और डीएवी इंटर कॉलेज की रानी व तनिष्का को संयुक्त रूप से सांत्वना पुरस्कार मिला। 10 अन्य मॉडल भी मंडल स्तर के लिए चुने गए। निर्णायक मंडल में डॉ. रामनाथ गौतम, डॉ. प्रभात किरण वार्ष्णेय, डॉ. रामवीर सिंह चौहान, डॉ. सुनील कुमार पाठक और डॉ. राखी गुप्ता शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रीनेश मित्तल ने किया। प्रधानाचार्य डॉ. संजय गर्ग सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
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बुधवार को एमडी जैन इंटर कॉलेज, हरीपर्वत में आयोजित प्रदर्शनी में 67 विद्यालयों के 214 विद्यार्थियों ने मॉडल प्रस्तुत किए। इनमें स्मार्ट सिटी, चंद्रयान-3, ऑटोमेटिक ब्रिज, ब्लाइंड स्टिक, रोड सेफ्टी और कचरा प्रबंधन के मॉडल भी आकर्षण का केंद्र रहे। जिला विज्ञान क्लब की ओर से आयोजित प्रदर्शनी का शुभारंभ जिलाधिकारी मनीष बंसल ने किया।
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प्रदर्शनी में एमडी जैन इंटर कॉलेज के कक्षा 12 के छात्र आकाश चौरसिया ने वज्र-एक्स 3000 मॉडल बनाया। आकाश ने बताया कि खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए आकाशीय बिजली गंभीर खतरा है। इसी समस्या को देखते हुए उन्होंने यह टोपी तैयार किया है। इसमें तीन लेयर वाला इंसुलेटर लगाया गया है। पहली लेयर लेदर, दूसरी फोम और तीसरी एडवांस्ड लेदर की बनाई गई है। इसके साथ एल्युमिनियम फॉयल का भी इस्तेमाल किया गया है। उनका उद्देश्य इन परतों के माध्यम से बिजली गिरने के प्रभाव को कम करने वाली तकनीक विकसित करना है।
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गोपीचंद शिवहरे सनातन धर्म कॉलेज की कक्षा 11 की छात्रा दिव्यांशी ने स्पेस स्टैबलिस क्लीनर सैटेलाइट का मॉडल प्रस्तुत किया। दिव्यांशी ने बताया कि अंतरिक्ष में विभिन्न प्रयोगों और उपग्रहों के संचालन के कारण स्पेस डेब्रिस यानी अंतरिक्ष में कचरे की समस्या बढ़ रही है। इससे उपग्रहों के संचालन में बाधा आ सकती है। इसके समाधान के लिए उन्होंने चुंबक आधारित तकनीक का मॉडल बनाया है। इसमें अंतरिक्ष में मौजूद धातु के टुकड़ों और इलेक्ट्रॉनिक कचरे को चुंबकीय आकर्षण से एकत्र करने की परिकल्पना की गई है।
जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक डॉ. निखिल जैन ने बताया कि प्रतियोगिता में आकाश चौरसिया ने पहला, सेंट जोसेफ गर्ल्स इंटर कॉलेज की बुलबुल और अनुष्का ने दूसरा और गणेशराम नागर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर की साक्षी शर्मा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज शाहगंज की कनिष्का और डीएवी इंटर कॉलेज की रानी व तनिष्का को संयुक्त रूप से सांत्वना पुरस्कार मिला। 10 अन्य मॉडल भी मंडल स्तर के लिए चुने गए। निर्णायक मंडल में डॉ. रामनाथ गौतम, डॉ. प्रभात किरण वार्ष्णेय, डॉ. रामवीर सिंह चौहान, डॉ. सुनील कुमार पाठक और डॉ. राखी गुप्ता शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रीनेश मित्तल ने किया। प्रधानाचार्य डॉ. संजय गर्ग सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।