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अलीगढ़: हाईकोर्ट के आदेश पर एडीए का एक्शन, तुलसी अपार्टमेंट की पांचवीं मंजिल पर अवैध निर्माण ध्वस्त, हंगामा
Fri, 16 Oct 2026 10:48 AM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Fri, 16 Oct 2026 10:48 AM IST
करीब 800 वर्गमीटर क्षेत्र में बने तुलसी अपार्टमेंट में लगभग 40 फ्लैट हैं। पांचवीं मंजिल पर अतिरिक्त निर्माण पर बिल्डर और शिकायतकर्ता के बीच विवाद चल रहा है। स्वीकृत मानचित्र से अधिक निर्माण के नियमितीकरण की प्रक्रिया के दौरान भी कुछ हिस्से को ध्वस्त करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन निर्माण नहीं हटाया गया।
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तुलसी रेजिडेंसी की ऊपरी मंजिल को तोड़ती टीम, हाथ जोड़ती महिला
- फोटो : संवाद
विस्तार
अलीगढ़ के दुबे पड़ाव स्थित तुलसी अपार्टमेंट की पांचवीं मंजिल पर अवैध निर्माण को हटाने के लिए एडीए ने बृहस्पतिवार को अभियान चलाया। महिलाओं के विरोध और हंगामे के बीच महिला पुलिस व पीएसी की मौजूदगी में करीब साढ़े पांच घंटे तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इस दौरान आधे से अधिक हिस्से को तोड़ दिया गया।
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हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में की गई इस कार्रवाई के लिए एडीए की टीम करीब 30 मजदूरों के साथ पहुंची थी। सुबह करीब 11:30 बजे शुरू हुई कार्रवाई में टीम ने पांचवीं मंजिल पर बने कमरों, बेडरूम, वाशरूम, सीढ़ियों, छत की चारदीवारी और गेट को तोड़ा। कार्रवाई शुरू होते ही अपार्टमेंट की महिलाओं ने विरोध करते हुए पांचवीं मंजिल पर ताला लगा दिया। इसके बाद एसीएम प्रथम विवेक भदौरिया और सीओ द्वितीय धनंजय सिंह की मौजूदगी में ताला खुलवाया गया और अंदर रखा सामान बाहर निकलवाया गया। पुलिस बल की निगरानी में ड्रिल मशीन, कटर और हथौड़ों से निर्माण हटाने का काम जारी रहा। शाम करीब 4:45 बजे तक कार्रवाई चली।
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करीब 800 वर्गमीटर क्षेत्र में बने तुलसी अपार्टमेंट में लगभग 40 फ्लैट हैं। पांचवीं मंजिल पर अतिरिक्त निर्माण पर बिल्डर और शिकायतकर्ता के बीच विवाद चल रहा है। स्वीकृत मानचित्र से अधिक निर्माण के नियमितीकरण की प्रक्रिया के दौरान भी कुछ हिस्से को ध्वस्त करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन निर्माण नहीं हटाया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेश पर एडीए को कार्रवाई करनी थी। इससे पहले सात अक्तूबर को टीम पुलिस बल के साथ पहुंची थी, लेकिन महिलाओं के विरोध के कारण केवल गेट और सीढ़ी के किनारे का कुछ हिस्सा ही तोड़ सकी थी। 12 अक्तूबर को भी टीम पहुंची, मगर पर्याप्त पुलिस बल नहीं मिलने से कार्रवाई नहीं हो पाई। बृहस्पतिवार को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोबारा अभियान चलाया गया।
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अपार्टमेंट के कुछ निवासियों ने पहले बिल्डर पर मनमानी करने और रखरखाव में सहयोग नहीं देने के आरोप भी लगाए थे। उनका कहना है कि विवाद के कारण फ्लैट मालिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्राधिकरण के सचिव राहुल कश्यप विश्वकर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के संबंध में हाईकोर्ट को अवगत करा दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को विरोध के बावजूद एडीए ने पांचवीं मंजिल के आधे से अधिक हिस्से को ध्वस्त कर दिया।