{"_id":"6a87b3cfe35ba6bade04c7fb","slug":"uproar-in-private-hospital-over-death-of-pregnant-woman-2026-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: गर्भवती महिला की मौत पर निजी अस्पताल में हंगामा, डॉक्टर बोले- गंभीर हालत में लाए थे परिजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: गर्भवती महिला की मौत पर निजी अस्पताल में हंगामा, डॉक्टर बोले- गंभीर हालत में लाए थे परिजन
Fri, 21 Aug 2026 07:41 AM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Fri, 21 Aug 2026 07:41 AM IST
निजी अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि मरीज को उनके यहां लाने से पहले कई अन्य जगहों पर दिखाया जा चुका था। जब उन्हें अस्पताल लाया गया, तब तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी।
विज्ञापन
महिला की मौत के बाद हंगामा, विलाप करते परिजन
- फोटो : वीडियो ग्रैब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अलीगढ़ के थाना रोरावर क्षेत्र स्थित नादा चौराहे के पास एक निजी अस्पताल में बृहस्पतिवार को इलाज के दौरान सात माह की गर्भवती महिला की मौत हो गई। महिला की मौत से गुस्साए परिजन ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। वहीं, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि महिला की हालत बेहद नाजुक थी और उसे मरणासन्न स्थिति में यहां लाया गया था।
विज्ञापन
गोंडा रोड स्थित गोश्त वाली गली नंबर 8 निवासी हिना की शादी 5 वर्ष पूर्व अतरौली के गिजरौली में हुई। परिजन के अनुसार, हिना सात माह की गर्भवती थीं और उनकी रीढ़ की हड्डी में समस्या थी, जिसका इलाज चल रहा था। बृहस्पतिवार को तबीयत बिगड़ने पर परिजन पहले उन्हें मलखान सिंह जिला अस्पताल लेकर गए, जहां से डॉक्टरों ने जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजन के अनुसार मेडिकल कॉलेज में भी हिना की गंभीर स्थिति बताकर डॉक्टरों ने किसी बड़े सेंटर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद वह नादा पुल के पास स्थित एक निजी अस्पताल ले आए।
विज्ञापन
निजी अस्पताल के डॉक्टर दीपक ने बताया कि मरीज को उनके यहां लाने से पहले कई अन्य जगहों पर दिखाया जा चुका था। जब उन्हें अस्पताल लाया गया, तब तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। इमरजेंसी में जांच करने पर यह भी सामने आया कि मरीज को पहले ही कहीं और स्पाइनल इंजेक्शन दिया गया था, जिसमें कोई गंभीर गड़बड़ी अथवा रिएक्शन हो चुका था। डॉक्टरों का कहना है कि परिजनों के आरोप सिर्फ मौत के गहरे सदमे और गुस्से का परिणाम हैं।
विज्ञापन
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई । सीओ प्रथम संजीव कुमार ने बताया कि इस मामले में अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। यदि परिजन इस संबंध में कोई शिकायत देते हैं, तो जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।