{"_id":"6a89d96028d376ea6c055817","slug":"sugar-production-also-increased-along-with-the-area-under-sugarcane-ambedkar-nagar-news-c-91-1-abn1007-163356-2026-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: गन्ने के रकबे के साथ चीनी उत्पादन भी बढ़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: गन्ने के रकबे के साथ चीनी उत्पादन भी बढ़ा
विज्ञापन
मिझौड़ा स्थित चीनी मिल। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। जिले में गन्ने की खेती का रकबा लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ ही चीनी उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2024-25 के मुकाबले 2025-26 में मिझौड़ा चीनी मिल में 60,489 क्विंटल अधिक चीनी का उत्पादन हुआ।
पिछले पेराई सत्र 2024-25 में 8.60 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ था। यह उत्पादन 2025-26 में बढ़कर 9.21 लाख क्विंटल तक पहुंच गया। गन्ने की खेती के प्रति किसानों का बढ़ता रुझान इस वृद्धि का प्रमुख कारण है। वर्ष 2025 में जिले में 29,018 हेक्टेयर में गन्ने की फसल थी। यह रकबा वर्ष 2026 में बढ़कर 29,571 हेक्टेयर हो गया। इस तरह एक साल में गन्ने के रकबे में 553 हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई। मिझौड़ा चीनी मिल में करीब 58 हजार किसान पंजीकृत हैं। वर्ष 2025 में 39,005 किसानों ने मिल को गन्ने की आपूर्ति की थी। गन्ना उत्पादन के बाद किसानों को गन्ना समिति से पर्ची मिलती है। इसके बाद किसान मिल में गन्ने की तौल कराते हैं।
गन्ने से चीनी की रिकवरी में वृद्धि
जिले में गन्ने के रकबे के साथ चीनी की रिकवरी में भी सुधार हुआ है। वर्ष 2024-25 में प्रति क्विंटल गन्ने से औसतन 10.20 किलोग्राम चीनी की रिकवरी हुई थी। यह रिकवरी वर्ष 2025-26 में बढ़कर 11.10 किलोग्राम प्रति क्विंटल हो गई। इससे पहले रिकवरी करीब नौ किलोग्राम प्रति क्विंटल के आसपास रहती थी। रिकवरी बढ़ने से कम गन्ने से अधिक चीनी का उत्पादन संभव हुआ है।
विज्ञापन
रकबा बढ़ाने के लिए विभाग के प्रयास
गन्ना विभाग किसानों को उन्नतशील प्रजातियों की जानकारी देने के लिए गांव-गांव गोष्ठियां आयोजित कर रहा है। पौधशालाओं के लिए किसानों को अनुदान भी दिया जा रहा है। विभाग का जोर बेहतर प्रजातियों और आधुनिक तकनीक से प्रति हेक्टेयर उत्पादन बढ़ाने पर है। जिला गन्ना अधिकारी साहब लाल यादव ने बताया कि आगामी वर्ष में गन्ने का क्षेत्रफल 20 प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य है। किसानों को गन्ने की खेती से होने वाले लाभ की जानकारी दी जा रही है।
विज्ञापन
पिछले पेराई सत्र 2024-25 में 8.60 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ था। यह उत्पादन 2025-26 में बढ़कर 9.21 लाख क्विंटल तक पहुंच गया। गन्ने की खेती के प्रति किसानों का बढ़ता रुझान इस वृद्धि का प्रमुख कारण है। वर्ष 2025 में जिले में 29,018 हेक्टेयर में गन्ने की फसल थी। यह रकबा वर्ष 2026 में बढ़कर 29,571 हेक्टेयर हो गया। इस तरह एक साल में गन्ने के रकबे में 553 हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई। मिझौड़ा चीनी मिल में करीब 58 हजार किसान पंजीकृत हैं। वर्ष 2025 में 39,005 किसानों ने मिल को गन्ने की आपूर्ति की थी। गन्ना उत्पादन के बाद किसानों को गन्ना समिति से पर्ची मिलती है। इसके बाद किसान मिल में गन्ने की तौल कराते हैं।
विज्ञापन
गन्ने से चीनी की रिकवरी में वृद्धि
जिले में गन्ने के रकबे के साथ चीनी की रिकवरी में भी सुधार हुआ है। वर्ष 2024-25 में प्रति क्विंटल गन्ने से औसतन 10.20 किलोग्राम चीनी की रिकवरी हुई थी। यह रिकवरी वर्ष 2025-26 में बढ़कर 11.10 किलोग्राम प्रति क्विंटल हो गई। इससे पहले रिकवरी करीब नौ किलोग्राम प्रति क्विंटल के आसपास रहती थी। रिकवरी बढ़ने से कम गन्ने से अधिक चीनी का उत्पादन संभव हुआ है।
विज्ञापन
रकबा बढ़ाने के लिए विभाग के प्रयास
गन्ना विभाग किसानों को उन्नतशील प्रजातियों की जानकारी देने के लिए गांव-गांव गोष्ठियां आयोजित कर रहा है। पौधशालाओं के लिए किसानों को अनुदान भी दिया जा रहा है। विभाग का जोर बेहतर प्रजातियों और आधुनिक तकनीक से प्रति हेक्टेयर उत्पादन बढ़ाने पर है। जिला गन्ना अधिकारी साहब लाल यादव ने बताया कि आगामी वर्ष में गन्ने का क्षेत्रफल 20 प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य है। किसानों को गन्ने की खेती से होने वाले लाभ की जानकारी दी जा रही है।