जोखिम भरा स्कूल का सफर: तीन फीट पानी से गुजरकर पढ़ने जा रहे बच्चे, महाबल पुरवा में पुलिया बही; नाव भी नहीं
जिले के महाबल पुरवा में बाढ़ के कारण पुलिया बह गई। बच्चे जान जोखिम में डाल तीन फीट पानी से पढ़ने जा रहे हैं। घाघरा के बढ़ते जलस्तर से ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ी हैं। नाव नहीं मिलने से उनमें चिंता है। खेतों में फसल डूबने से पशुओं के चारे का संकट है। प्रभावित इलाकों में नाव उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सगड़ी तहसील क्षेत्र में उत्तर घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। महुला-गढ़वल बांध पर जमुवारी बाढ़ चौकी से सोनौरा तक कई स्थानों पर करीब तीन फीट पानी भर गया है।
नाव की व्यवस्था नहीं होने के कारण स्कूली बच्चे और बच्चियां जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से पैदल आवागमन करने को मजबूर हैं। शुक्रवार की सुबह देवारा खास राजा में मोती की मंडई के दक्षिण और महाबल के पुरवा के उत्तर बनी पुलिया बह गई। अब तेज गति से बाढ़ का पानी गांवों को घेर रहा है।
देवारा खास राजा, चक्की, बांका, बुढ़न पट्टी, शाहडीह और सोनौरा समेत अन्य गांवों में पानी पहुंचने का खतरा बना हुआ है। जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वहीं, पशुओं के चारे की समस्या भी गंभीर होने लगी है।
मानिकपुर ढाले पर फिलहाल एक नाव का संचालन किया जा रहा है, जिससे लोग आवागमन कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ प्रभावित अन्य स्थानों पर भी तत्काल नावों की व्यवस्था की जानी चाहिए।
ग्रामीण बालेंदु ने बताया कि घाघरा नदी के तेज बहाव और लगातार बढ़ते दबाव के चलते देवारा खास राजा में मोती की मंडई के दक्षिण और महाबल के पुरवा के उत्तर बनी पुलिया बह गई। ग्रामीणों के अनुसार, पुलिया का निर्माण करीब तीन-चार माह पहले ही कराया गया था।
छात्र-छात्राएं पानी से होकर पढ़ने जा रहे
महुला-गढ़वल बांध पर जमुवारी बाढ़ चौकी से सोनौरा तक सड़क पर कई स्थानों पर करीब तीन फीट पानी भर गया है। इससे होकर सोनौरा, अजगरा, अजगरा मगरबी, देवारा खास राजा के दो पुरवों के एक हजार से अधिक छात्र-छात्राएं रौनापार में बंधे से सटे तीन इंटर कॉलेज और डिग्री कॉलेज में पढ़ने के लिए आ-जा रहे हैं। शुक्रवार को कमर तक पानी से होकर बच्चियां गुजरती दिखीं।
बदरहुआ में पांच और डिघिया नाले पर चार सेंटीमीटर बढ़ा पानी
घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बदरहुआ नाले पर बृहस्पतिवार शाम चार बजे जलस्तर 71.96 मीटर दर्ज किया गया था, जो शुक्रवार को पांच सेंटीमीटर बढ़कर 72.01 मीटर हो गया। वहीं डिघिया नाले पर जलस्तर 71.24 मीटर से चार सेंटीमीटर बढ़कर 71.28 मीटर पहुंच गया है।
डिघिया नाले का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.59 मीटर निर्धारित है। वहीं बदरहुआ नाले का न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर है। दोनों नालों पर पानी खतरा बिंदु से ऊपर बह रहा है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
प्रशासन हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अब घाघरा का जलस्तर धीरे-धीरे स्थिर हो रहा है। संभावना है कि शनिवार की सुबह से जलस्तर में घटाव शुरू हो जाएगा। -विरेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड।
कटान से बांध में पड़ी दरार, गांवों तक पहुंचा बाढ़ का पानी
महाराजगंज। विकास खंड क्षेत्र के आराजी मलह पुरवा, गंगापुर और पुरैनिया गांव में घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर से ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। गंगापुर और पुरैनिया में मिट्टी पाटकर बनाए गए बांध में दरार पड़ गई है। मिट्टी कटकर नदी में बह रही है। बचाव के लिए लगाए गए परखूपाइप भी पानी में समाहित हो गए हैं। वहीं कटर भी पानी में डूब गए हैं। बांध को बचाने के लिए बोरियों में मिट्टी भरकर किनारे लगाया जा रहा है।
घाघरा का पानी गंगापुर, पुरैनिया समेत शंकरपुर, आराजी प्रकाश, काजी अमीरजोत, तिवारीपुर, कुढ़ई, हथियागढ़ और जजमनजोत गांव की ओर बढ़ रहा है। पुरैनिया गांव बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर गया है। बाढ़ का पानी संपर्क मार्ग पर बहने लगा है।
जजमनजोत के प्रधान जयप्रकाश ने बताया कि घाघरा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी गांवों तक फैल रहा है। नागूराम ने बताया कि बाढ़ का पानी गांव के करीब पहुंच गया है। मुन्नीलाल ने बताया कि चकरोड पर बाढ़ का पानी बहने से स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को भी परेशानी हो रही है।