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नाथ कॉरिडोर: बरेली में नैनीताल रोड पर सोमनाथ और पीलीभीत रोड पर बनेगा विश्वनाथ द्वार, बीडीए कराएगा निर्माण
Sat, 22 Aug 2026 09:07 AM IST
Mukesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: Mukesh Kumar
Updated Sat, 22 Aug 2026 09:07 AM IST
बरेली शहर के दो प्रमुख प्रवेश मार्गों पर बीडीए दो द्वारों का निर्माण कराएगा। नैनीताल रोड पर सोमनाथ द्वार और पीलीभीत रोड पर विश्वनाथ द्वार बनाए जाएंगे। दोनों द्वारों पर शिव प्रतिमा व फसाड लाइटिंग आकर्षण का केंद्र होंगी।
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कुछ इस तरह दिखेगी विश्वनाथ द्वार
- फोटो : बीडीए
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विस्तार
नाथ कॉरिडोर की परिकल्पना को विस्तार देते हुए बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) शहर के दो प्रमुख प्रवेश मार्गों पर सोमनाथ एवं विश्वनाथ द्वार का निर्माण कराएगा। नैनीताल रोड पर सोमनाथ द्वार और पीलीभीत रोड पर विश्वनाथ द्वार बनाए जाएंगे। दोनों द्वारों को भगवान शिव की धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपरा से जोड़ते हुए पत्थर के स्थापत्य और आधुनिक फसाड लाइटिंग से आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा।
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बरेली में नाथ कॉरिडोर के तहत पहले ही अवैधनाथ, अलखनाथ, त्रिवटीनाथ और केदारनाथ द्वार विकसित किए जा चुके हैं। अब सोमनाथ और विश्वनाथ द्वार के निर्माण से शहर के प्रमुख मार्गों पर नाथ परंपरा आधारित स्थापत्य शृंखला को और विस्तार मिलेगा। सोमनाथ द्वार में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग तथा विश्वनाथ द्वार में काशी विश्वनाथ की आध्यात्मिक एवं स्थापत्य परंपरा की झलक दिखाई देगी।
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धार्मिक प्रतीकों को दी जाएगी प्रमुखता
बीडीए की ओर से तैयार कार्य योजना के अनुसार, द्वारों की डिजाइन में भगवान शिव की प्रतिमा, त्रिशूल समेत पारंपरिक धार्मिक प्रतीकों को प्रमुखता दी जाएगी। रात में फसाड लाइटिंग के जरिए इनकी वास्तुकला और प्रमुख स्थापत्य तत्वों को उभारा जाएगा। साथ ही दोनों प्रमुख प्रवेश मार्गों के सुंदरीकरण, लैंडस्केपिंग और शहरी दृश्य-परिदृश्य को भी बेहतर बनाने की योजना है।
बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने बताया कि शहर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक शहरी विकास से जोड़ रहा है। सोमनाथ और विश्वनाथ द्वारों को भव्य स्थापत्य और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था के साथ विकसित किया जाएगा, ताकि ये शहर की सांस्कृतिक पहचान के प्रमुख प्रतीक बन सकें।
बीडीए की ओर से तैयार कार्य योजना के अनुसार, द्वारों की डिजाइन में भगवान शिव की प्रतिमा, त्रिशूल समेत पारंपरिक धार्मिक प्रतीकों को प्रमुखता दी जाएगी। रात में फसाड लाइटिंग के जरिए इनकी वास्तुकला और प्रमुख स्थापत्य तत्वों को उभारा जाएगा। साथ ही दोनों प्रमुख प्रवेश मार्गों के सुंदरीकरण, लैंडस्केपिंग और शहरी दृश्य-परिदृश्य को भी बेहतर बनाने की योजना है।
बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने बताया कि शहर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक शहरी विकास से जोड़ रहा है। सोमनाथ और विश्वनाथ द्वारों को भव्य स्थापत्य और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था के साथ विकसित किया जाएगा, ताकि ये शहर की सांस्कृतिक पहचान के प्रमुख प्रतीक बन सकें।