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कर्नाटक पेपर लीक मामला: बरेली में आईएएस ज्ञानेंद्र गंगवार के घर ईडी का छापा, कई गाड़ियों से पहुंचे अफसर
Sun, 23 Aug 2026 05:47 PM IST
Mukesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: Mukesh Kumar
Updated Sun, 23 Aug 2026 05:47 PM IST
कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) की परीक्षा में कथित पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं की जांच के बीच कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार का नाम चर्चा में है। बरेली के नवाबगंज क्षेत्र के हिमकरपुर चमरुआ गांव में आईएएस के पैतृक घर पर रविवार को ईडी ने छापा मारा। यहां शाम तक ईडी की जांच जारी रही।
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आईएएस ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार का घर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रविवार को बरेली में आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के घर पर छापा मारा। कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) की ओर से आयोजित पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में यह कार्रवाई की गई।
बरेली के नवाबगंज क्षेत्र के हिमकरपुर चमरौआ गांव स्थित उनके पैतृक निवास पर सुबह छह बजे ईडी की टीम लखनऊ नंबर की दो गाड़ियों से पहुंची और देर रात तक कार्रवाई जारी रही। ज्ञानेंद्र गंगवार के परिवार को घर में नजरबंद करके तलाशी अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने बताया कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत बेंगलुरु के जयामहल इलाके में भी गंगवार के ठिकानों की तलाशी ली गई। आईएएस अधिकारी पिछले दिनों बरेली आए थे। लेकिन यह पता नहीं चल सका है वह अपने घर में हैं या नहीं।
ज्ञानेंद्र गंगवार कर्नाटक कैडर के 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह पहले केपीएससी में परीक्षा नियंत्रक के पद पर तैनात थे। मार्च में उनका तबादला हो गया। वह अभी कर्नाटक के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में एमएसएमई निदेशक के पद पर कार्यरत हैं।
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बरेली के नवाबगंज क्षेत्र के हिमकरपुर चमरौआ गांव स्थित उनके पैतृक निवास पर सुबह छह बजे ईडी की टीम लखनऊ नंबर की दो गाड़ियों से पहुंची और देर रात तक कार्रवाई जारी रही। ज्ञानेंद्र गंगवार के परिवार को घर में नजरबंद करके तलाशी अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने बताया कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत बेंगलुरु के जयामहल इलाके में भी गंगवार के ठिकानों की तलाशी ली गई। आईएएस अधिकारी पिछले दिनों बरेली आए थे। लेकिन यह पता नहीं चल सका है वह अपने घर में हैं या नहीं।
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ज्ञानेंद्र गंगवार कर्नाटक कैडर के 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह पहले केपीएससी में परीक्षा नियंत्रक के पद पर तैनात थे। मार्च में उनका तबादला हो गया। वह अभी कर्नाटक के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में एमएसएमई निदेशक के पद पर कार्यरत हैं।
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बंगलूरू में गंगवार के लापता होने की खबर के बाद हुआ विवाद
22 अगस्त को बंगलूरू में गंगवार के लापता होने की खबर के बाद विवाद खड़ा हो गया था। बाद में, कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने इसका खंडन करते हुए कहा कि वह अपने पिता की सेहत से जुड़ी पारिवारिक इमरजेंसी के कारण बरेली अपने घर गए हुए हैं। उनके लापता होने और इसका संबंध ईडी की तलाशी से होने की खबरें गलत हैं। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हैं कि लोग ऐसा निष्कर्ष निकाल सकते हैं लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है।
22 अगस्त को बंगलूरू में गंगवार के लापता होने की खबर के बाद विवाद खड़ा हो गया था। बाद में, कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने इसका खंडन करते हुए कहा कि वह अपने पिता की सेहत से जुड़ी पारिवारिक इमरजेंसी के कारण बरेली अपने घर गए हुए हैं। उनके लापता होने और इसका संबंध ईडी की तलाशी से होने की खबरें गलत हैं। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हैं कि लोग ऐसा निष्कर्ष निकाल सकते हैं लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है।
क्या है आरोप
ईडी का आरोप है कि बिचौलियों ने उम्मीदवारों को फोन किया और चयन के लिए 70 से 80 लाख रुपये (प्रति उम्मीदवार) की मांग की। आरोपियों ने शिकायतकर्ता को भी फोन किया था। पेपर लीक, ओएमआर आंसर शीट से छेड़छाड़ और आयोग के अधिकारियों के रिश्तेदारों के चयन में मदद करने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
ईडी का आरोप है कि बिचौलियों ने उम्मीदवारों को फोन किया और चयन के लिए 70 से 80 लाख रुपये (प्रति उम्मीदवार) की मांग की। आरोपियों ने शिकायतकर्ता को भी फोन किया था। पेपर लीक, ओएमआर आंसर शीट से छेड़छाड़ और आयोग के अधिकारियों के रिश्तेदारों के चयन में मदद करने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
बरेली के एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि गांव में छापा मारने की जानकारी मिली है। हालांकि स्थानीय पुलिस को इस संबंध में कुछ नहीं बताया गया है। उम्मीद है कि जाते वक्त टीम कोई जानकारी दे।