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बरेली: बारिश और तेज हवा से धान और गन्ने की फसल गिरी, सोमवार से शुरू होगा नुकसान का सर्वे

Sun, 27 Sep 2026 04:26 PM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Sun, 27 Sep 2026 04:26 PM IST
सार
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बरेली जिले में लगातार बारिश होने से धान और गन्ने की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। कटाई के लिए तैयार धान की फसल खेतों में गिर गई है। गन्ने की फसल भी प्रभावित हुई है। फसलों को हुए नुकसान की सूचनाओं के बाद कृषि विभाग ने विकासखंड स्तर पर सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं।

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Survey of crop damage caused by rain to begin in Bareilly on Monday
खेत में गिरी धान की फसल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

बरेली जिले में लगातार तीन दिन से हो रही बारिश और तेज हवा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कटाई के करीब पहुंच चुकी धान की फसल कई इलाकों में खेतों में बिछ गई है। वहीं, तेज हवा से गन्ना भी गिरने की सूचनाएं हैं। खेतों में जलभराव से उड़द, मूंग, तिल और सब्जियों में सड़न व फंगस का खतरा बढ़ गया है। फसलों को हुए नुकसान की सूचनाओं के बाद कृषि विभाग ने विकासखंड स्तर पर सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। सोमवार से विशेष टीमें गांवों में जाकर फसलों की स्थिति का आकलन करेंगी।

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इस वर्ष जिले में धान के लिए 1,58,592 हेक्टेयर का लक्ष्य था, जबकि बुवाई 1,58,627.44 हेक्टेयर में हुई। इसमें 53,010.60 हेक्टेयर सुगंधित, 58,005.80 हेक्टेयर सामान्य और 47,611.04 हेक्टेयर अन्य श्रेणी का धान है। बारिश के साथ चली तेज हवा से कई क्षेत्रों में पकने के करीब पहुंच चुकी धान की फसल गिर गई है। इससे उत्पादन और गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। खेतों में पानी भरा रहने पर गिरी हुई फसल के खराब होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
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1.25 लाख हेक्टेयर गन्ने पर भी असर
जिले में करीब 1.25 लाख हेक्टेयर में खड़ी गन्ने की फसल भी तेज हवा से प्रभावित होने की आशंका है। कई स्थानों पर गन्ना गिरने की सूचनाएं मिली हैं। जिले में 5.44 लाख से अधिक किसान हैं और धान-गन्ना प्रमुख फसलें हैं। ऐसे में नुकसान का दायरा बढ़ने पर किसानों की आय पर असर पड़ सकता है।

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दलहनी-तिलहनी फसलों में सड़न का खतरा
बारिश से दलहनी और तिलहनी फसलों पर भी खतरा बढ़ा है। जिले में 15,063.51 हेक्टेयर उड़द, 6,365.64 हेक्टेयर तिल, 1,398.14 हेक्टेयर मूंग और 360.04 हेक्टेयर अरहर बोई गई है। लगातार नमी और जलभराव से इन फसलों में सड़न व फंगस की समस्या हो सकती है। इसके अलावा 7,761 हेक्टेयर बाजरा, 4,124 हेक्टेयर ज्वार और 946 हेक्टेयर में मक्का की खेती हुई है। सब्जी उत्पादक भी जलभराव को लेकर चिंतित हैं।

48 घंटे में दें फसल नुकसान की सूचना
उप कृषि निदेशक ओपी मिश्र ने बताया कि बारिश से धान, गन्ने समेत अन्य फसलों को नुकसान की आशंका है। विकासखंड स्तर पर टीमों को खेतों का सर्वे कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। वास्तविक नुकसान का आंकड़ा सर्वे पूरा होने के बाद ही सामने आएगा। 

किसानों को खेतों से तत्काल पानी निकालने की सलाह दी गई है। फसल बीमा कराने वाले किसान नुकसान की सूचना 48 घंटे के भीतर निर्धारित प्रक्रिया के तहत दर्ज कराएं। समस्या होने पर संबंधित ब्लॉक, कृषि अधिकारी या उपनिदेशक कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

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