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बरेली: झोलाछाप ने कराया महिला का प्रसव, नवजात की मौत के बाद हंगामा, अस्पताल सील, आरोपी हिरासत में
Tue, 15 Sep 2026 08:33 PM IST
Mukesh Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदपुर (बरेली)
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदपुर (बरेली)
Published by: Mukesh Kumar
Updated Tue, 15 Sep 2026 08:33 PM IST
बरेली के फरीदपुर में मर्सी अस्पताल में प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल संचालक पर बिना अनुमति लिए प्रसव कराने का आरोप लगाया। उसके पास कोई मेडिकल डिग्री भी नहीं है। हंगामे के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है।
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आरोपी अस्पताल संचालक को लेकर जाते पुलिसकर्मी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
बरेली के फरीदपुर में बड़ा बाइपास के किनारे स्थित मर्सी हॉस्पिटल में मंगलवार को नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने ऑक्सीजन न मिलने की वजह से मौत होने की बात कही। अस्पताल संचालक अली अब्बास जैदी पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। पुलिस ने अस्पताल संचालक को हिरासत में लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को भी सील कर दिया।
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फर्रखपुर निवासी सचिन गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उन्होंने पत्नी मुस्कान (22) को शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल में कोई प्रशिक्षित चिकित्सक नहीं था। बिना अनुमति के संचालक ने खुद ही मुस्कान का प्रसव कराया। जबकि उसके पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं थी। शनिवार को प्रसव के बाद से ही बेटे की तबीयत बिगड़ने लगी।
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सचिन के मुताबिक, अली अब्बास जैदी ने बार-बार ऑक्सीजन मास्क हटाया। इससे बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और उसने दम तोड़ दिया। सीओ फरीदपुर संदीप सिंह ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। नवजात के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। इसकी रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग की जांच के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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कागजों में राशिद है मर्सी अस्पताल का संचालक
मर्सी अस्पताल में नवजात की मौत के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की सुस्ती को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इस अस्पताल का सात अगस्त को झोलाछाप नियंत्रण सेल प्रभारी डॉ. सुचिता गंगवार ने निरीक्षण किया था। पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज न दिखाने पर तीन दिन का समय देकर आवश्यक दस्तावेज मांगे। जो दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, उन पर संचालक का नाम राशिद अली दर्ज था, जबकि संचालन अली अब्बास जैदी करता है। इसके बाद भी सवाल नहीं उठाए गए। इसको लेकर विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
डॉ. सुचिता के मुताबिक, नोटिस का जवाब देने के लिए संचालक खुद नहीं आया। उसने पंजीयन संबंधी दस्तावेज भेजे थे, लेकिन इस पर राशिद अली का नाम दर्ज था। चूंकि, अस्पताल का पंजीकरण था इसलिए कार्रवाई नहीं की गई। अब सामने आया है कि अस्पताल का संचालन अली अब्बास जैदी करता है। यह भी चर्चा है कि सात अगस्त को निरीक्षण के दौरान भी वह ही मौजूद था। बच्ची की मौत के बाद सीएचसी की टीम भी मौके पर पहुंची। मुस्कान के परिजन ने आरोपी के खिलाफ नामजद तहरीर दी है।
फरीदपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम ने बताया कि अस्पताल में पंजीकृत चिकित्सक व अन्य स्टाफ नहीं था। अनियमितता मिलने पर उसको सील कर दिया। यहां भर्ती पांच मरीजों को सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
मर्सी अस्पताल में नवजात की मौत के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की सुस्ती को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इस अस्पताल का सात अगस्त को झोलाछाप नियंत्रण सेल प्रभारी डॉ. सुचिता गंगवार ने निरीक्षण किया था। पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज न दिखाने पर तीन दिन का समय देकर आवश्यक दस्तावेज मांगे। जो दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, उन पर संचालक का नाम राशिद अली दर्ज था, जबकि संचालन अली अब्बास जैदी करता है। इसके बाद भी सवाल नहीं उठाए गए। इसको लेकर विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
डॉ. सुचिता के मुताबिक, नोटिस का जवाब देने के लिए संचालक खुद नहीं आया। उसने पंजीयन संबंधी दस्तावेज भेजे थे, लेकिन इस पर राशिद अली का नाम दर्ज था। चूंकि, अस्पताल का पंजीकरण था इसलिए कार्रवाई नहीं की गई। अब सामने आया है कि अस्पताल का संचालन अली अब्बास जैदी करता है। यह भी चर्चा है कि सात अगस्त को निरीक्षण के दौरान भी वह ही मौजूद था। बच्ची की मौत के बाद सीएचसी की टीम भी मौके पर पहुंची। मुस्कान के परिजन ने आरोपी के खिलाफ नामजद तहरीर दी है।
फरीदपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम ने बताया कि अस्पताल में पंजीकृत चिकित्सक व अन्य स्टाफ नहीं था। अनियमितता मिलने पर उसको सील कर दिया। यहां भर्ती पांच मरीजों को सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अहमद ने बताया कि मर्सी अस्पताल का विभाग में पंजीकरण है। बच्चे की मौत का प्रकरण सामने आने के बाद अब जांच की जाएगी। पंजीयन के दौरान पैनल में किन डॉक्टरों को शामिल किया गया है, उनकी उपस्थिति के साथ ही अन्य मानकों को भी देखा जाएगा। अनियमितता मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।