फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Saints Back SC Order, Seek Transparent Donation System at Krishna Janmabhoomi

बांकेबिहारी मंदिर में चढ़ावे पर SC का आदेश: संतों ने किया समर्थन, बोले- जन्मभूमि पर भी हो ये व्यवस्था

Fri, 28 Aug 2026 06:01 AM IST
Dhirendra Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: Dhirendra Singh Updated Fri, 28 Aug 2026 06:01 AM IST
सार
Register For Event

बांकेबिहारी मंदिर में चढ़ावे को निर्धारित दानपात्र में डालने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का संत समाज ने समर्थन किया है। संतों ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भी इसी तरह की पारदर्शी दान व्यवस्था लागू करने और आय-संपत्तियों की जांच की मांग की है।
 

विज्ञापन
Saints Back SC Order, Seek Transparent Donation System at Krishna Janmabhoomi
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर

विस्तार

वृंदावन के श्री बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले चढ़ावे को निर्धारित दानपात्र में ही डालने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का संत समाज ने समर्थन किया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि निर्माण न्यास ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगद्गुरु आचार्य देवमुरारी बापू ने कहा कि मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान की पारदर्शी व्यवस्था होनी चाहिए और प्रत्येक राशि का विधिवत लेखा-जोखा रखा जाना चाहिए।
विज्ञापन


आचार्य ने कहा कि बांकेबिहारी मंदिर की तरह श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा में भी श्रद्धालुओं से मिलने वाले दान को निर्धारित दानपात्र में ही डाले जाने की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2020 में उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा समेत अन्य पदाधिकारियों से अधिवक्ता के माध्यम से संस्थान के दान और संपत्तियों का लेखा-जोखा मांगा था।
विज्ञापन


 उनके अनुसार, संस्थान की ओर से यह कहते हुए जानकारी देने से इनकार कर दिया गया कि यह एक निजी ट्रस्ट है। उन्होंने कहा कि मंदिरों और धार्मिक संस्थानों को मिलने वाले करोड़ों रुपये के दान के संबंध में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े सभी ट्रस्टों और संस्थाओं की संपत्तियों एवं आय के स्रोतों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन


आचार्य ने कहा कि जिन संस्थाओं के पदाधिकारी पहले सामान्य जीवन जीते थे, उनके पास आज महंगी गाड़ियां और बड़े शहरों में संपत्तियां होने के दावे किए जा रहे हैं। इन संपत्तियों और आय के स्रोतों की जांच होनी चाहिए।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed