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Mirzapur News: मखाने की खेती के लिए प्रसंस्करण की तकनीक समझाई
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एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत मखाना विकास कार्यक्रम पर आयोजित सेमिनार में मौजूद किसान। सोशल
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- बीएचयू के कृषि विज्ञान केंद्र में सेमिनार, वैज्ञानिकों ने उत्पादन बढ़ाने और बाजार तक पहुंच बनाने के बताए तरीके
मिर्जापुर। बरकछा के बीएचयू के कृषि विज्ञान केंद्र में बुधवार को एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत मखाना विकास कार्यक्रम पर सेमिनार हुआ। इसमें किसानों को मखाने की खेती की आधुनिक तकनीक, उत्पादन और प्रसंस्करण की जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथि मझवां की भाजपा विधायक शुचिस्मिता मौर्य ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने किसानों से औद्यानिक फसलों को अपनाकर आय बढ़ाने का आह्वान किया। उद्यान विभाग की योजनाओं की जानकारी दी।
डॉ. विपिन सिंह ने मखाने की खेती में नर्सरी तैयार करने से लेकर पौध रोपण, फसल प्रबंधन, मखाना निकालने, प्रसंस्करण और विपणन तक की तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने मखाने की खेती से होने वाले आर्थिक लाभ और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के तरीकों पर भी प्रकाश डाला। किसानों को जलभराव वाले खेतों और तालाबों में मखाने की खेती के लिए उपयुक्त परिस्थितियों और फसल की देखभाल के बारे में बताया।
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प्रो. जेपी राय ने फसलों को कीट एवं रोगों से बचाने के उपाय बताए। प्रो. गुरु प्रसाद सिंह ने आधुनिक तकनीक को पारंपरिक खेती के साथ जोड़कर खेती पर जोर दिया। डॉ. आलोक सिंह ने वानिकी संबंधी जानकारी दी।संचालन उद्यान निरीक्षक पुष्पेंद्र त्रिपाठी ने किया। इस दौरान कृषि, मत्स्य और मंडी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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मिर्जापुर। बरकछा के बीएचयू के कृषि विज्ञान केंद्र में बुधवार को एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत मखाना विकास कार्यक्रम पर सेमिनार हुआ। इसमें किसानों को मखाने की खेती की आधुनिक तकनीक, उत्पादन और प्रसंस्करण की जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथि मझवां की भाजपा विधायक शुचिस्मिता मौर्य ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने किसानों से औद्यानिक फसलों को अपनाकर आय बढ़ाने का आह्वान किया। उद्यान विभाग की योजनाओं की जानकारी दी।
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डॉ. विपिन सिंह ने मखाने की खेती में नर्सरी तैयार करने से लेकर पौध रोपण, फसल प्रबंधन, मखाना निकालने, प्रसंस्करण और विपणन तक की तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने मखाने की खेती से होने वाले आर्थिक लाभ और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के तरीकों पर भी प्रकाश डाला। किसानों को जलभराव वाले खेतों और तालाबों में मखाने की खेती के लिए उपयुक्त परिस्थितियों और फसल की देखभाल के बारे में बताया।
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प्रो. जेपी राय ने फसलों को कीट एवं रोगों से बचाने के उपाय बताए। प्रो. गुरु प्रसाद सिंह ने आधुनिक तकनीक को पारंपरिक खेती के साथ जोड़कर खेती पर जोर दिया। डॉ. आलोक सिंह ने वानिकी संबंधी जानकारी दी।संचालन उद्यान निरीक्षक पुष्पेंद्र त्रिपाठी ने किया। इस दौरान कृषि, मत्स्य और मंडी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।