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Pilibhit News: सुरक्षा से खिलवाड़, क्षमता से अधिक स्कूली बच्चों को ढो रहे वाहन
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बिना सुरक्षा इंतजाम के स्कूली बच्चों को ले जाता ई-रिक्शा। संवाद
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मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 अभियान के तहत कार्रवाई कारगर नहीं, नियमों को रौंदकर दौड़ा रहे ई-रिक्शा व अनधिकृत वाहन
पीलीभीत। शहर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ जारी है। मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 अभियान चलने के बावजूद भी सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। बेखौफ वाहन चालक नियमों को रौंदकर क्षमता से अधिक बच्चों को लेकर वाहन पर ढोते हुए दिखाई दे रहे हैं। नतीजतन, इन पर नियंत्रण नहीं लगाया जा जा रहा है।
बच्चों को सुरक्षित ढंग से स्कूलों में ले जाने और वापस पहुंचाने के लिए शासन के निर्देश पर परिवहन विभाग की तरफ से 11 से 25 अगस्त तक मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 अभियान चलाया जा रहा है। धरातल पर स्कूली बच्चों कि सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही दिखाई पड़ रही है। शहर से लेकर कस्बों व गांवों तक तमाम ई-रिक्शा स्कूली बच्चों को क्षमता से अधिक संख्या में बैठाकर सड़कों पर दौड़ रहे है। फिर भी जिम्मेदार इस समस्या से बेपरवाह बने हुए हैं।
इस तरह की लापरवाही तब हो रही है, जब आए दिन ई-रिक्शा से होने वाले हादसे सामने आ रहे हैं। अनेक ई-रिक्शा ऐसे लोग चला रहे है, जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं है। साथ ही ऐसे ई-रिक्शा भी चल रहे है, जिनका परिवहन विभाग के आंकड़ों में पंजीकरण तक नहीं है। इसके बाद भी अफसरों का अभियान महज कागजों पर ही दौड़ रहा है। संवाद न्यूज एजेंसी टीम ने जब पड़ताल की तो यह नजारा सामने आया। संवाद
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बारिश से बचाव के भी नहीं इंतजाम
गौहनिया चौराहे की ओर जा रहे एक ई-रिक्शा में करीब चार बच्चे सवार थे। दोनों साइड में बच्चों की सुरक्षा के लिए किसी तरह के इंतजाम नहीं दिखे। वहीं, बरसात के मौसम में स्वयं को बचाने के लिए चालक त्रिपाल को लगाया हुआ था, जबकि बच्चों को पानी से बचाने के लिए भी पुख्ता इंतजाम नहीं दिखे।
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खुद की सीट पर बैठाया बच्चा, फिर भर दिया फर्राटा
टनकपुर हाईवे पर एक निजी स्कूल का संचालन होता है। सड़क पर जाम न लगे, इसलिए ट्रैफिक पुलिस की भी मौजूदगी रहती है। इसके बाद भी चालक ने इसी स्कूल से करीब सात बच्चों को ई-रिक्शे पर बैठाया। इसके साथ ही एक बच्चे को अपनी सीट पर ही जगह दे दी। इसके बाद टनकपुर हाईवे पर फर्राटा भर दिया। इसके बाद भी मौजूद पुलिस कर्मियाें ने उसे रोकने का प्रयास नहीं किया।
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हाईवे पर एक हाथ से ई-रिक्शे का संचालन करते दिखा चालक
टनकपुर हाईवे पर ही गन्ना चौराहे के पास एक ई-रिक्शा चालक छतरी चौराहे की तरफ बच्चों को लेकर जा रहा था। चालक नियमों की अनदेखी कर एक हाथ से वाहन का संचालन करते दिखा। एक बच्चा भी आगे की सीट पर बैठा हुआ था। ऐसे में अचानक से कोई चीज सामने आने पर हादसा होने का डर था। इसके बाद भी चालक लापरवाही से हाईवे पर चलता रहा।
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फैक्ट फाइल
कुल स्कूली वाहन 432
अनुबंधित स्कूली वाहन 25
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25 अगस्त तक चलेगा अभियान, अब तक 32 वाहन सीज
मिशन सेफ अभियान 25 अगस्त तक चलाया जाएगा। इसके तहत अफसरों की टीम चेकिंग अभियान चला रही है। ऐसे में 11 से 20 अगस्त तक विभागीय अफसरों की ओर से 32 गाड़ियों को सीज किया जा चुका है, जबकि 37 वाहनों के चालान किए गए है। इन पर करीब 3.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। पांच वाहनों का निलंबन किया जा चुका है। 14 गाड़ियों को नोटिस दिया गया है, जिनकी फिटनेस समाप्त हो चुकी है।
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बिना पंजीकृत दौड़ रहे 300 से अधिक वाहन
परिवहन विभाग के जानकारों की मानें तो जिले में बिना पंजीकरण के करीब 300 से अधिक स्कूली वाहन दौड़ रहे हैं। इनमें वैन की संख्या ज्यादा है। कई स्कूलों में मानक के विपरीत गैस किट लगे वाहन भी दौड़ते देखे जा सकते हैं। ऐसे में यदि कोई हादसा हो जाए तो बच्चों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
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नियमों का उल्लंघन करने पर हो कार्रवाई
स्कूलों में स्वयं ही निजी वाहनों का हायर किया जाता है। जिन पर सुरक्षा मानकों की अवहेलना होती है। ऐसे स्कूली वाहनों का संचालन पूरी तरह से बंद कराया जाना चाहिए।-करिश्मा अवस्थी
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स्कूली वाहनों की फीस इतनी अधिक है। इससे हर कोई स्कूली वाहन नहीं कर पाता है। स्कूली वाहनों की फीस भी निर्धारित होनी चाहिए, जिससे लोग अपने बच्चों को स्कूली वाहनों से ही भेज सके।
- मयूरी अग्रवाल
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स्कूली बच्चों को सुरक्षित सफर कराया जा सके, इसको लेकर समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। मौजूदा समय में मिशन सेफ अभियान के तहत कार्रवाई की जा रही। नियम विरुद्ध तरह से वाहनों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।
- सुशील कुमार मिश्रा, एआरटीओ
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पीलीभीत। शहर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ जारी है। मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 अभियान चलने के बावजूद भी सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। बेखौफ वाहन चालक नियमों को रौंदकर क्षमता से अधिक बच्चों को लेकर वाहन पर ढोते हुए दिखाई दे रहे हैं। नतीजतन, इन पर नियंत्रण नहीं लगाया जा जा रहा है।
बच्चों को सुरक्षित ढंग से स्कूलों में ले जाने और वापस पहुंचाने के लिए शासन के निर्देश पर परिवहन विभाग की तरफ से 11 से 25 अगस्त तक मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 अभियान चलाया जा रहा है। धरातल पर स्कूली बच्चों कि सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही दिखाई पड़ रही है। शहर से लेकर कस्बों व गांवों तक तमाम ई-रिक्शा स्कूली बच्चों को क्षमता से अधिक संख्या में बैठाकर सड़कों पर दौड़ रहे है। फिर भी जिम्मेदार इस समस्या से बेपरवाह बने हुए हैं।
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इस तरह की लापरवाही तब हो रही है, जब आए दिन ई-रिक्शा से होने वाले हादसे सामने आ रहे हैं। अनेक ई-रिक्शा ऐसे लोग चला रहे है, जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं है। साथ ही ऐसे ई-रिक्शा भी चल रहे है, जिनका परिवहन विभाग के आंकड़ों में पंजीकरण तक नहीं है। इसके बाद भी अफसरों का अभियान महज कागजों पर ही दौड़ रहा है। संवाद न्यूज एजेंसी टीम ने जब पड़ताल की तो यह नजारा सामने आया। संवाद
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बारिश से बचाव के भी नहीं इंतजाम
गौहनिया चौराहे की ओर जा रहे एक ई-रिक्शा में करीब चार बच्चे सवार थे। दोनों साइड में बच्चों की सुरक्षा के लिए किसी तरह के इंतजाम नहीं दिखे। वहीं, बरसात के मौसम में स्वयं को बचाने के लिए चालक त्रिपाल को लगाया हुआ था, जबकि बच्चों को पानी से बचाने के लिए भी पुख्ता इंतजाम नहीं दिखे।
खुद की सीट पर बैठाया बच्चा, फिर भर दिया फर्राटा
टनकपुर हाईवे पर एक निजी स्कूल का संचालन होता है। सड़क पर जाम न लगे, इसलिए ट्रैफिक पुलिस की भी मौजूदगी रहती है। इसके बाद भी चालक ने इसी स्कूल से करीब सात बच्चों को ई-रिक्शे पर बैठाया। इसके साथ ही एक बच्चे को अपनी सीट पर ही जगह दे दी। इसके बाद टनकपुर हाईवे पर फर्राटा भर दिया। इसके बाद भी मौजूद पुलिस कर्मियाें ने उसे रोकने का प्रयास नहीं किया।
हाईवे पर एक हाथ से ई-रिक्शे का संचालन करते दिखा चालक
टनकपुर हाईवे पर ही गन्ना चौराहे के पास एक ई-रिक्शा चालक छतरी चौराहे की तरफ बच्चों को लेकर जा रहा था। चालक नियमों की अनदेखी कर एक हाथ से वाहन का संचालन करते दिखा। एक बच्चा भी आगे की सीट पर बैठा हुआ था। ऐसे में अचानक से कोई चीज सामने आने पर हादसा होने का डर था। इसके बाद भी चालक लापरवाही से हाईवे पर चलता रहा।
फैक्ट फाइल
कुल स्कूली वाहन 432
अनुबंधित स्कूली वाहन 25
25 अगस्त तक चलेगा अभियान, अब तक 32 वाहन सीज
मिशन सेफ अभियान 25 अगस्त तक चलाया जाएगा। इसके तहत अफसरों की टीम चेकिंग अभियान चला रही है। ऐसे में 11 से 20 अगस्त तक विभागीय अफसरों की ओर से 32 गाड़ियों को सीज किया जा चुका है, जबकि 37 वाहनों के चालान किए गए है। इन पर करीब 3.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। पांच वाहनों का निलंबन किया जा चुका है। 14 गाड़ियों को नोटिस दिया गया है, जिनकी फिटनेस समाप्त हो चुकी है।
बिना पंजीकृत दौड़ रहे 300 से अधिक वाहन
परिवहन विभाग के जानकारों की मानें तो जिले में बिना पंजीकरण के करीब 300 से अधिक स्कूली वाहन दौड़ रहे हैं। इनमें वैन की संख्या ज्यादा है। कई स्कूलों में मानक के विपरीत गैस किट लगे वाहन भी दौड़ते देखे जा सकते हैं। ऐसे में यदि कोई हादसा हो जाए तो बच्चों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
नियमों का उल्लंघन करने पर हो कार्रवाई
स्कूलों में स्वयं ही निजी वाहनों का हायर किया जाता है। जिन पर सुरक्षा मानकों की अवहेलना होती है। ऐसे स्कूली वाहनों का संचालन पूरी तरह से बंद कराया जाना चाहिए।-करिश्मा अवस्थी
स्कूली वाहनों की फीस इतनी अधिक है। इससे हर कोई स्कूली वाहन नहीं कर पाता है। स्कूली वाहनों की फीस भी निर्धारित होनी चाहिए, जिससे लोग अपने बच्चों को स्कूली वाहनों से ही भेज सके।
- मयूरी अग्रवाल
स्कूली बच्चों को सुरक्षित सफर कराया जा सके, इसको लेकर समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। मौजूदा समय में मिशन सेफ अभियान के तहत कार्रवाई की जा रही। नियम विरुद्ध तरह से वाहनों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।
- सुशील कुमार मिश्रा, एआरटीओ

बिना सुरक्षा इंतजाम के स्कूली बच्चों को ले जाता ई-रिक्शा। संवाद

बिना सुरक्षा इंतजाम के स्कूली बच्चों को ले जाता ई-रिक्शा। संवाद

बिना सुरक्षा इंतजाम के स्कूली बच्चों को ले जाता ई-रिक्शा। संवाद

बिना सुरक्षा इंतजाम के स्कूली बच्चों को ले जाता ई-रिक्शा। संवाद