यूपी: पीलीभीत में बासमती प्रशिक्षण केंद्र की रखी गई आधारशिला, किसानों को मिलेगा लाभ
पीलीभीत में बुधवार को केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र का शिलान्यास किया। यह केंद्र किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बासमती चावल उत्पादन और जैविक खेती का प्रशिक्षण देगा। इसका उद्देश्य पीलीभीत के बासमती चावल को नई पहचान दिलाना है।
विस्तार
कभी ‘चावल के कटोरे’ के रूप में पहचान रखने वाले पीलीभीत में बासमती की खुशबू फिर से लौटाने की तैयारी शुरू हो गई है। जिले को बासमती चावल के उत्पादन, प्रसंस्करण और निर्यात का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में बुधवार को महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। अमरिया तहसील क्षेत्र के टांडा विजेसी में सात एकड़ भूमि पर करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र-सह-प्रदर्शन फार्म का शिलान्यास केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद जितिन प्रसाद और प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही व जिले के प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख ने किया।
राजकीय इंटर कॉलेज, न्यूरिया कॉलोनी में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण पहुंचे। किसानों से खचाखच भरे पंडाल में बासमती की खेती, जैविक कृषि, उन्नत बीज, प्रसंस्करण और निर्यात को लेकर सरकार की भावी योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम स्थल पर कृषि एवं जैविक उत्पादों से जुड़े करीब 24 स्टॉल लगाए गए, जिनका अतिथियों ने निरीक्षण किया। कार्यक्रम के दौरान बंगाली समाज की महिलाओं ने भी बढ़चढ़कर भाग लिया व अतिथियों का स्वागत किया।
इस मौके पर बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद, बीसलपुर विधायक विवेक वर्मा, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान,भाजपा बृज क्षेत्र अध्यक्ष पूरन लाल लोधी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्या,संजीव प्रताप सिंह, निशांत प्रताप सिंह, आस्था अग्रवाल समेत जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव, एपीडा चेयरमैन अभिषेक देव, बीईडीएफ के अधिकारी और कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
किसानों को मिलेंगे मुफ्त दलहन-तिलहन बीज
कृषि मंत्री ने कहा कि इस बार धान का मूल्य 2425 रुपये होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। गन्ना किसानों के भुगतान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि योगी सरकार में गन्ना मूल्य 400 रुपये तक पहुंचा है और अब तक करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने किसानों से गन्ने के साथ मसूर की सहफसली खेती अपनाने की अपील की। कहा कि किसानों को मसूर, सरसों और चना के निशुल्क बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।
पीलीभीत फिर बासमती की खुशबू से महकेगा : जितिन
केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि पीलीभीत की पहचान कभी चावल के कटोरे के रूप में थी, लेकिन समय के साथ यहां के किसानों ने बासमती छोड़कर मोटे धान की खेती को अधिक अपनाना शुरू कर दिया। अब प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना से क्षेत्र में बासमती की खेती को नई गति मिलेगी।
किसानों का संवरेगा भविष्य : सूर्यप्रताप शाही
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि टांडा विजेसी में स्थापित होने वाला बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र किसानों का भविष्य संवरेगा। किसानों को उन्नत बीज, फसल रखरखाव, उत्पादन तकनीक, गुणवत्ता, प्रसंस्करण और पैकेजिंग तक की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
जिले के लिए की गईं प्रमुख घोषणाएं
- टांडा विजेसी में सात एकड़ में करीब 15 करोड़ रुपये से बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र।
- पूरनपुर में करीब 60 करोड़ रुपये से गोमती उद्गम स्थल के विकास की योजना।
- बीसलपुर में वाणिज्य मंत्रालय के माध्यम से औद्योगिक केंद्र स्थापित कराने का प्रयास।
- बिलसंडा में पौने दो करोड़ रुपये से कृषि कल्याण केंद्र बनाने की घोषणा।
- निर्यात के लिए 20 लाख रुपये तक सब्सिडी की व्यवस्था।
- मसूर, सरसों और चना के निशुल्क बीज उपलब्ध कराने पर जोर।
- जिले में किसानों को 2500 सोलर पंप और 213 किसानों को ट्रैक्टर व कृषि यंत्र दिए जाने की जानकारी।
- केंद्र में 45 अधिसूचित बासमती किस्मों की गैलरी और अत्याधुनिक गुणवत्ता जांच प्रयोगशाला।
बासमती की 45 किस्मों की गैलरी, डीएनए और अवशेष जांच की होगी सुविधा
प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्र में बासमती की उन्नत प्रजातियों और आधुनिक उत्पादन तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। केंद्र में 45 अधिसूचित बासमती किस्मों की इंटरैक्टिव गैलरी स्थापित की जाएगी। किसानों को बीज चयन, बीज उपचार, फसल प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण और जैविक खेती की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। केंद्र में उन्नत बीज इकाई के साथ अत्याधुनिक प्रयोगशाला भी स्थापित की जाएगी। इसमें चावल का डीएनए परीक्षण, कीटनाशक अवशेष और भारी धातुओं की जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे निर्यात के लिए तैयार होने वाले बासमती चावल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
खेत से विदेशी बाजार तक किसानों को जोड़ने की तैयारी
प्रशिक्षण केंद्र में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), उद्यमियों, स्टार्टअप, निर्यातकों और प्रसंस्करणकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। किसानों को केवल फसल पैदा करने तक सीमित न रखकर उन्हें गुणवत्ता, मिलिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन और निर्यात से जोड़ा जाएगा। बासमती की 1121 प्रजाति की मांग अधिक है। मंडल में 250 से अधिक राइस मिलें होने के बावजूद अधिकांश मिलों में मोटे धान की मिलिंग होती है।
बासमती की खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां किसानों को अलग-अलग स्रोतों से जुटानी पड़ती हैं। प्रशिक्षण केंद्र शुरू होने के बाद किसानों को खेत पर ही आधुनिक तकनीक जानने व अपनाने का मौका मिलेगा। - नरेंद्र, किसान
अच्छी फसल तैयार करने के बाद किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उचित मूल्य हासिल करने की होती है। प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से सीधे बाजार से जोड़ा जाता है तो इसका सीधा लाभ मिलेगा। - मोहन लाल, किसान