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मिशन शक्ति : महिलाओं और बेटियांे को चुप नहीं रहना चाहिए
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संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। महिलाओं और बेटियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के साथ ही किसी भी तरह की परेशानी होने पर चुप नहीं रहना चाहिए। महिला संबंधी अपराध या उत्पीड़न की स्थिति में तत्काल पुलिस की मदद ली जा सकती है।
ये बातें बुधवार को ब्लॉक सभागार में बहू-बेटी जागरूकता के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में एएसआई राजेश कुमार सिंह ने कहा कि कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह महिलाओं, आशा व समूह सखी को महिला सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, घरेलू हिंसा और विभिन्न सरकारी सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया।
उन्होंने साइबर अपराध से बचने के लिए अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, ओटीपी और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा नहीं करने की सलाह दी। नेशनल इंटर कॉलेज मूड़ाडीहाबेग के प्रधानाचार्य मुजीबुल्लाह ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के साथ उनकी शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है। जागरूकता से ही महिलाएं अपने अधिकारों को समझकर समस्याओं का मजबूती से सामना कर सकती हैं। किसी भी परेशानी को परिवार, सगे संबंधी या संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाने की अपील की।
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कार्यक्रम में महिला हेल्पलाइन 181, आपातकालीन सहायता 112, साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 समेत विभिन्न सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय निर्धारित हेल्पलाइन का उपयोग कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
कार्यक्रम में दस गांव के समूह महिलाएं, आशा, समूह सखी शामिल रहीं। प्रशिक्षण पांच सितंबर तक चलाया जाएगा। दस-दस गांव के समूह में महिलाओं व आशा को एक दिन जागरूकता प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं और छात्राओं को महिला सुरक्षा संबंधी जागरूकता सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। इस दौरान महिला कांस्टेबल पल्लवी कश्यप, आरती सिंह आदि मौजूद रहीं।क
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सेमरियावां। महिलाओं और बेटियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के साथ ही किसी भी तरह की परेशानी होने पर चुप नहीं रहना चाहिए। महिला संबंधी अपराध या उत्पीड़न की स्थिति में तत्काल पुलिस की मदद ली जा सकती है।
ये बातें बुधवार को ब्लॉक सभागार में बहू-बेटी जागरूकता के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में एएसआई राजेश कुमार सिंह ने कहा कि कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह महिलाओं, आशा व समूह सखी को महिला सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, घरेलू हिंसा और विभिन्न सरकारी सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया।
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उन्होंने साइबर अपराध से बचने के लिए अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, ओटीपी और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा नहीं करने की सलाह दी। नेशनल इंटर कॉलेज मूड़ाडीहाबेग के प्रधानाचार्य मुजीबुल्लाह ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के साथ उनकी शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है। जागरूकता से ही महिलाएं अपने अधिकारों को समझकर समस्याओं का मजबूती से सामना कर सकती हैं। किसी भी परेशानी को परिवार, सगे संबंधी या संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाने की अपील की।
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कार्यक्रम में महिला हेल्पलाइन 181, आपातकालीन सहायता 112, साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 समेत विभिन्न सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय निर्धारित हेल्पलाइन का उपयोग कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
कार्यक्रम में दस गांव के समूह महिलाएं, आशा, समूह सखी शामिल रहीं। प्रशिक्षण पांच सितंबर तक चलाया जाएगा। दस-दस गांव के समूह में महिलाओं व आशा को एक दिन जागरूकता प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं और छात्राओं को महिला सुरक्षा संबंधी जागरूकता सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। इस दौरान महिला कांस्टेबल पल्लवी कश्यप, आरती सिंह आदि मौजूद रहीं।क