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सत्ता का संग्राम: इटवा में विधायक के काम से सरकारी योजनाओं तक; जनता कितनी संतुष्ट? देखें ये रिपोर्ट
Mon, 05 Oct 2026 06:41 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, इटवा
अमर उजाला नेटवर्क, इटवा
Published by: अनुज कुमार
Updated Mon, 05 Oct 2026 06:41 PM IST
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां जोरों पर हैं। अमर उजाला की टीम ने यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में जनता का मूड जानने के लिए अपने विशेष कार्यक्रम ‘सत्ता का संग्राम’ के तहत इटवा विधानसभा पहुंचकर किसानों, व्यापारियों और युवाओं से बात की।
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सत्ता का संग्राम इटवा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन चुनावों के मद्देनजर सभी छोटे-बड़े दल अपने समीकरण साधने में जुटे हैं। सपा अपनी खोई हुई जमीन वापस पाना चाहती है, जबकि भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में आने का पूरा प्रयास कर रही है। जनता का मूड जानने के लिए अमर उजाला ने 'सत्ता का संग्राम' अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत टीम प्रदेश की सभी विधानसभाओं में लोगों से बात कर रही है। वे भाजपा सरकार के कामकाज, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर जनता की राय जान रहे हैं। इसी क्रम में अमर उजाला की टीम ने सिद्धार्थनगर जिले की इटवा विधानसभा सीट का जायजा लिया।
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खेती-किसानी के मुद्दों पर क्या बोले इटवा के किसान?
सिद्धार्थनगर के इटवा विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीणों और किसानों से विकास पर बात की गई। ग्रामीणों ने सरकारी योजनाओं के लाभ और क्षेत्र में हुए विकास पर अपने विचार साझा किए। यह चर्चा कानून व्यवस्था और आगामी चुनावों के मुद्दों पर केंद्रित रही। कुछ ग्रामीणों के अनुसार, 2017 से 2022 के बीच क्षेत्र में काफी विकास हुआ। सड़क, पानी और बिजली की स्थिति में सुधार देखा गया है। बिजली अब 22 से 23 घंटे उपलब्ध रहती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई में मदद मिली है। सरकारी योजनाओं जैसे अनाज का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है। हालांकि, कुछ ग्रामीणों ने 2022 के बाद विकास रुकने की बात कही। उन्होंने बताया कि गांव में स्कूल गिरा पड़ा है और शिक्षा की समस्या है। किसान धान, गेहूं और काला नमक जैसी फसलें उगाते हैं। कानून व्यवस्था में 2017 से बड़ा सुधार आया है। महिलाएं अब बिना डर के घूम सकती हैं। माफिया या तो प्रदेश छोड़कर भाग गए हैं या जेल में हैं। पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी को 2017 से 2022 तक इटवा के विधायक के रूप में विकास लाने का श्रेय दिया गया। हारने के बाद भी वे क्षेत्र में सक्रिय हैं और सुख-दुख में पहुंचते हैं।
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स्थानीय विधायक के कामकाज पर अधिवक्ताओं से बातचीत
सत्ता का संग्राम कार्यक्रम के तहत इटवा विधानसभा क्षेत्र के अधिवक्ताओं से बात की। उन्होंने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं की पहुंच और आगामी 2027 के चुनावों पर राय जानी। इटवा विधानसभा को महत्वपूर्ण माना जाता है, जहां सपा के माता प्रसाद पांडे लंबे समय से जीतते आ रहे हैं। अधिवक्ताओं के अनुसार, पिछले पांच साल में काम लगातार हो रहा है और सरकार अपनी इच्छा के अनुरूप कार्य कर रही है। 2017 से पहले इटवा विधानसभा का मुख्यालय ग्रामभा था, जहां बजट सीमित था। योगी सरकार बनने के बाद 2017 में बिस्कोहर में एक सरकारी डिग्री कॉलेज खुला, जो पहले नहीं था। इसी अवधि में आईटीआई, पॉलीटेक्निक कॉलेज और बालिकाओं के लिए दो इंटर कॉलेज भी स्थापित हुए। अधिवक्ताओं ने अपने लिए कैशलेस सुविधा की घोषणा को जल्द लागू करने की मांग की, जिससे कई अधिवक्ताओं को राहत मिलेगी। अधिवक्ताओं ने बताया कि योगी सरकार की योजनाएं किसानों, आम लोगों और बुजुर्गों तक पहुंच रही हैं। सड़कों का जाल बिछाया गया है, और पतली सड़कें अब स्टेट रोड बन गई हैं। बिजली की आपूर्ति में सुधार हुआ है, अब 18 से 20 घंटे बिजली मिल रही है। किसान सम्मान निधि, आयुष्मान कार्ड, आवास योजना और राशन जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों को मिल रहा है। हर ग्राम पंचायत में 50-60 आवास बने हैं।
इटवा के व्यापारियों ने बताए अपने मुद्दे?
इटवा विधानसभा क्षेत्र में राज्य सरकार और स्थानीय विधायक के कामकाज पर व्यापारियों की राय जानी। यह क्षेत्र सपा का गढ़ रहा है, लेकिन व्यापारियों ने योगी सरकार के कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की सराहना की। व्यापारियों के अनुसार, 2017 के बाद योगी सरकार आने से कानून-व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। ज्वेलरी कारोबारियों ने विशेष रूप से सुरक्षा बढ़ने पर संतोष जताया। पहले व्यापारियों को लूटपाट और प्रताड़ना का सामना करना पड़ता था, जो अब कम हो गया है। सरकार गुंडई पर अंकुश लगाने के लिए बुलडोजर का उपयोग करती है। इटवा को ग्राम सभा से नगर पंचायत में बदलने से बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव आया है। सड़कों पर इंटरलॉकिंग और रात में रोशनी की व्यवस्था हुई है, जिससे आवागमन आसान हुआ है। महिला सुरक्षा में भी काफी वृद्धि हुई है, जिससे महिलाएं रात में भी सुरक्षित महसूस करती हैं। सरकार की मुद्रा ऋण जैसी योजनाओं का लाभ युवा वर्ग उठा रहा है। स्थानीय विधायक, जो उत्तर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष भी हैं, के कामकाज से व्यापारी खुश नहीं हैं। व्यापारियों ने उन्हें 10 में से पांच से छह नंबर दिए। उनका कहना है कि विधायक सरकार में न होने का हवाला देकर काम न होने की बात कहते हैं। 2017 के बाद जब मंत्री सतीश द्विवेदी विधायक बने थे, तब विकास का पहिया तेजी से चला था। लेकिन 2022 के बाद यह गति रुक गई। व्यापारियों ने बताया कि 2017 से पहले इटवा में विकास बहुत कम था। अब नगर पंचायत बनने के बाद तस्वीर बदली है और काम धरातल पर दिख रहा है। 2027 के चुनाव में व्यापारी विकास, सुरक्षा और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर वोट करेंगे। उनका मानना है कि योगी सरकार इन क्षेत्रों में अच्छा काम कर रही है और इसके दोबारा सत्ता में आने की संभावना है।
इटवा की जनता ने बताए अपने मुद्दे?
अमर उजाला की टीम ने इटवा विधानसभा क्षेत्र में युवाओं से बात की। यह क्षेत्र नेपाल सीमा के करीब है और सपा का गढ़ माना जाता है। युवाओं ने पिछले पांच साल में क्षेत्र में विकास की कमी पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि पिछले पांच साल में तस्वीर नहीं बदली है। जो काम 20 साल पहले देखते थे, वह आज भी वैसा ही है। जो भी विकास कार्य हुए, वे 2017 से 2022 के बीच हुए। तब भाजपा के सतीश द्विवेदी विधायक थे। युवाओं ने सपा विधायक माता प्रसाद पांडे के कार्यकाल में विकास को शून्य बताया। उन्होंने कहा कि विधायक निधि का उपयोग केवल अपने समर्थकों के लिए होता है। तहसील मुख्यालय में भी पानी भरा रहता है। इटवा को राम नगरी बताते हुए लोग योगी सरकार को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने की बात करते हैं। युवाओं के अनुसार, डॉक्टर सतीश द्विवेदी ने इटवा मुख्यालय और विषकोहर को नगर पंचायत बनवाया। उनके कार्यकाल में राजकीय डिग्री कॉलेज और राजकीय पॉलीटेक्निक भी बने। बड़ी सड़कें भी भाजपा सरकार के समय में बनीं। नगर पंचायत अध्यक्ष विकास जायसवाल के मार्गदर्शन में लाइब्रेरी जैसे काम हो रहे हैं। 2017 से पहले अस्पताल में एक डॉक्टर था, अब पांच डॉक्टर हैं और व्यवस्था बेहतर हुई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि वर्तमान विधायक ने 40 साल तक राज किया, पर इटवा को नगर पंचायत नहीं बनवा पाए। उनका उद्देश्य था कि विकास करने से वोट नहीं मिलता। 2017-2022 में योगी सरकार के नेतृत्व में दो नगर पंचायत बनीं। बासी से बेलवा तक और दुईपरवा से शबरी तक डबल सड़कें बनी हैं। युवा डबल इंजन की सरकार चाहते हैं और विकास, सुरक्षा तथा बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर वोट करेंगे।
सरकार के कामकाज पर युवाओं ने रखी अपनी राय
इटवा विधानसभा क्षेत्र में युवा, किसान और एक फार्मासिस्ट से बात की। उन्होंने योगी सरकार के कामकाज और स्थानीय सपा विधायक के प्रदर्शन पर अपनी राय व्यक्त की। अधिकांश लोगों ने भाजपा सरकार के विकास और कानून-व्यवस्था की सराहना की। युवाओं ने बताया कि वे भाजपा सरकार के अच्छे कामों पर वोट करेंगे। एक युवा आइसक्रीम का कारोबार करता है और दूसरा मोबाइल का। उन्होंने मुद्रा ऋण जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया है। किसानों को ई-श्रम कार्ड, आयुष्मान कार्ड और मुफ्त राशन जैसे लाभ मिल रहे हैं। कानून-व्यवस्था की स्थिति को एकदम दुरुस्त बताया गया। लड़कियों के लिए सुरक्षा बढ़ी है और मंत्री सतीश द्विवेदी ने दो कॉलेज भी बनवाए हैं। बिजली की स्थिति में सुधार हुआ है, पहले मोमबत्ती जलाकर पढ़ाई करनी पड़ती थी। रोडवेज बसें चलने से रात में भी साधन उपलब्ध रहते हैं। लोगों के अनुसार, जब तक भाजपा सरकार थी और सतीश द्विवेदी विधायक थे, तब तक विकास की गंगा बह रही थी। योगी सरकार ने कई मेडिकल कॉलेज, डिग्री कॉलेज और शिक्षा पर ध्यान दिया है। इटवा को नगर पंचायत बनाया गया, जिससे सड़कों पर लाइटें लगीं और आवास मिले। फार्मासिस्ट ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाएं बहुत सही हैं और मोदी सरकार द्वारा 5 लाख रुपये तक का इलाज होता है।