नियम में सख्ती: रिश्तेदारों के नाम पर नहीं मिलेगा थोक औषधि लाइसेंस, नकली दवाओं पर अब शिकंजा; होगी जांच
अब थोक औषधि लाइसेंस रिश्तेदारों के नाम पर नहीं मिलेगा। दवाओं के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें लिप्त मिले लोगों से जुड़े व्यक्तियों की भी जांच होगी। कोडीन सिरप सहित प्रतिबंधित और नकली दवाओं के कारोबार पर सख्ती होगी।
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दवाइयों के अवैध और नकली कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने थोक औषधि लाइसेंस जारी करने के नियम और सख्त कर दिए हैं। अब अवैध दवा कारोबार में संलिप्त पाए गए लोगों के रिश्तेदारों या उनसे जुड़े व्यक्तियों के नाम पर लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त ने नकली, अधोमानक, मिलावटी और एनडीपीएस श्रेणी की औषधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, कुछ अवैध गतिविधियों में संलिप्त कारोबारी कार्रवाई के बाद अपने रिश्तेदारों, सहयोगियों या अन्य संबंधित व्यक्तियों के नाम पर औषधि लाइसेंस लेकर कारोबार करते हैं। अब ऐसे मामलों की पहचान कर लाइसेंस प्रक्रिया में आवेदक की पृष्ठभूमि के साथ ही उसके कारोबारी संबंधों की भी गहन जांच की जाएगी।
नए निर्देशों के बाद थोक औषधि लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति के साथ उसके कारोबारी साझेदारों और सहयोगियों की पृष्ठभूमि की भी पड़ताल होगी। लाइसेंस जारी करने से पहले यह देखा जाएगा कि संबंधित व्यक्ति के दस्तावेज, बिल, जीएसटी पंजीकरण, बैंक खाता और ई-वे बिल आदि लाइसेंस स्वामी के नाम पर ही हैं या नहीं।
शासन ने पहले डिबार किए जा चुके कारोबारी या उनसे जुड़े बिजनेस पार्टनर और एसोसिएट को दोबारा लाइसेंस प्रक्रिया में शामिल होने से रोकने के भी निर्देश दिए हैं। इससे अवैध कारोबार में शामिल लोगों द्वारा दूसरे व्यक्तियों के नाम पर लाइसेंस लेकर कारोबार करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सकेगी।
आजमगढ़ में भी बीते दिनों कई मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ अवैध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में कार्रवाई हो चुकी है। कोडिन सिरप सहित अन्य दवाओं के अवैध कारोबार से जुड़े मामलों में कार्रवाई के बाद अब शासन के नए निर्देशों के तहत जिले में भी सख्ती बढ़ाई जाएगी।
दवाई के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए शासन स्तर से सख्ती बरती जा रही है। अवैध कारोबारियों के रिश्तेदारों के नाम पर भी थोक औषधि लाइसेंस जारी नहीं होंगे। इससे नकली और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। - सीमा वर्मा, औषधि निरीक्षक, आजमगढ़।