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तेहरान में मुनीर से मिले गालिबाफ: ईरान ने अमेरिका पर लगाया समझौता तोड़ने का आरोप; चीन ने क्या कहा?
Tue, 25 Aug 2026 02:35 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान/वाशिंगटन/बीजिंग।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान/वाशिंगटन/बीजिंग।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 25 Aug 2026 02:35 AM IST
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आसिम मुनीर, मोहम्मद बाघेर गालिबाफ
- फोटो : एएनआई
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ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने सोमवार को पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात की। यह मुलाकात तेहरान में हुई। मुनीर ईरान के दौरे पर हैं। इस दौरान गालिबाफ ने अमेरिका की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने जून में हुए 14 बिंदुओं वाले समझौते (एमओयू) की शर्तों को बार-बार तोड़ा है। यह समझौता पश्चिम एशिया में जंग खत्म करने और तकनीकी बातचीत के लिए रास्ता बनाने के लिए हुआ था। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत भी शामिल थी।
गालिबाफ ने टेलीग्राम पर एक बयान साझा किया। इसमें बताया गया कि उन्होंने मुनीर के साथ समझौते को लागू करने में अमेरिका की ओर से की गई 'कई बार की गईं' शर्तों की अनदेखी पर चर्चा की। गालिबाफ ने कहा, 'समझौते में सभी पक्षों की जिम्मेदारियां साफ हैं। अमेरिका ने अपनी जिम्मेदारियां नहीं निभाईं। इससे उसने क्षेत्र में स्थिरता कायम होने से रोका। साथ ही, इस देश पर अविश्वास का एक और कारण पैदा कर दिया।
ईरानी अधिकारी ने यह भी कहा कि तेहरान समझौते को लागू करने की कोशिश जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि ईरान पर बाहरी दबाव का असर नहीं हो रहा है। बयान में कहा गया, हम समझौता ज्ञापन की शर्तों को लागू करने की कोशिश जारी रख रहे हैं। अमेरिका को समझौते के आधार पर अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी।
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ये भी पढ़ें: US ने देशों को दी चेतावनी: स्कॉट बेसेंट बोले- ईरान से तोड़ें संबंध या लगाएंगे प्रतिबंध; चीन को लेकर क्या कहा?
मुलाकात के दौरान मुनीर ने भी कहा कि वह क्षेत्र में स्थिरता वापस लाने की कोशिश जारी रखेंगे। मुनीर सोमवार को ही तेहरान पहुंचे थे। वह ईरान के अधिकारियों से बातचीत के लिए वहां गए हैं। उनका यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान और अमेरिका के बीच भी लगातार तनाव बना हुआ है।
मुनीर के दौरे पर ईरान ने क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इससे पहले मुनीर के दौरे को ईरान और पाकिस्तान के बीच 'बहुत अच्छे और खास संबंधों' के तहत होने वाला दौरा बताया था। बघाई ने मुनीर के तेहरान पहुंचने से पहले प्रेस वार्ता में कहा था, ईरान और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंध इस समय अपने सबसे अच्छे दौर में हैं। दोनों देश हर क्षेत्र में इन संबंधों को लगातार मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
पश्चिम एशिया में संघर्ष के दौरान पाकिस्तान पहले भी अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर चुका है। इसमें जून में दोनों देशों के बीच एक अंतरिम समझ बनाने की कोशिश भी शामिल थी। हालांकि, बाद में यह कोशिश नाकाम हो गई।
जब बघाई से पूछा गया कि क्या मुनीर का दौरा ओमान के विदेश मंत्री बद्र बिन हमद अल बुसैदी के तेहरान दौरे से जुड़ा है, तो उन्होंने कहा कि दोनों दौरों का आपस में कोई संबंध नहीं है। दोनों दौरे सिर्फ एक ही समय पर हो रहे हैं।
अल बुसैदी मंगलवार को ईरान जाने वाले हैं। वह ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के संबंधों, क्षेत्रीय सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। समुद्री यातायात का मुद्दा भी बातचीत में शामिल हो सकता है।
मुनीर का तेहरान दौरा ऐसे समय हुआ है, जब 7 अगस्त को पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत तीनों देशों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला बाकी दोनों देशों पर भी हमला माना जाएगा।
ट्रंप ने अब क्या दावा किया?
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दबाव और बढ़ाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने ईरान को आर्थिक और कामकाज के स्तर पर बर्बादी के कगार पर बताया। ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर दावा किया कि तेहरान पूरी तरह ढह रहा है।
ट्रंप ने लिखा, ईरान पूरी तरह ढह रहा है। एक दूसरी पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि रिपब्लिकन ईरान के खिलाफ जीत रहे हैं। उन्होंने ईरान को ऐसा देश बताया, जो आर्थिक और सैन्य मौत के चक्र में फंसता जा रहा है। ट्रंप ने डेमोक्रेट्स पर भी निशाना साधा। उन्होंने देश के अंदर किए जा रहे राजनीतिक सर्वे को खारिज किया। साथ ही कहा कि दुनिया की मौजूदा स्थिति रिपब्लिकन और अमेरिका के पक्ष में है।
ट्रंप ने लिखा, कट्टरपंथी वामपंथी डेमोक्रेट फर्जी सर्वे को लेकर पागल हो रहे हैं। वे इन्हें ऐसे स्तर पर जारी कर रहे हैं, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया। इन्हें 'मनोबल गिराने वाले अभियान' कहा जाता है। इसमें वे रिपब्लिकन का मनोबल गिराने की कोशिश करते हैं, ताकि वे वोट देने के लिए बाहर न निकलें। लेकिन असली सर्वे बहुत अच्छे हैं। हमारे देश में इससे पहले कभी इतना ज्यादा उत्साह नहीं रहा। हम हर किसी के खिलाफ जीत रहे हैं। इसमें ईरान भी शामिल है। ईरान इस समय आर्थिक और सैन्य मौत के चक्र में है।
अमेरिका की देशों को धमकी पर चीन ने क्या कहा?
वहीं, चीन ने सोमवार को कहा कि प्रतिबंध लगाने और अतिरिक्त दबाव बनाने से 'मामला सुलझाने में मदद नहीं मिलेगी'। अमेरिका ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर भी नए प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बीजिंग में रोजाना होने वाली प्रेस ब्रीफिंग में यह बात कही। उन्होंने कहा, इससे तनाव और बढ़ेगा और स्थिति और बिगड़ेगी। यह किसी के हित में नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि चीन सभी पक्षों से अपील कर रहा है कि वे ऐसे कदम न उठाएं, जिनसे मतभेद और विवाद और बढ़ सकते हैं। साथ ही, वैश्विक आर्थिक विकास और वित्तीय स्थिरता को नुकसान पहुंच सकता है।
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गालिबाफ ने टेलीग्राम पर एक बयान साझा किया। इसमें बताया गया कि उन्होंने मुनीर के साथ समझौते को लागू करने में अमेरिका की ओर से की गई 'कई बार की गईं' शर्तों की अनदेखी पर चर्चा की। गालिबाफ ने कहा, 'समझौते में सभी पक्षों की जिम्मेदारियां साफ हैं। अमेरिका ने अपनी जिम्मेदारियां नहीं निभाईं। इससे उसने क्षेत्र में स्थिरता कायम होने से रोका। साथ ही, इस देश पर अविश्वास का एक और कारण पैदा कर दिया।
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ईरानी अधिकारी ने यह भी कहा कि तेहरान समझौते को लागू करने की कोशिश जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि ईरान पर बाहरी दबाव का असर नहीं हो रहा है। बयान में कहा गया, हम समझौता ज्ञापन की शर्तों को लागू करने की कोशिश जारी रख रहे हैं। अमेरिका को समझौते के आधार पर अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी।
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मुलाकात के दौरान मुनीर ने भी कहा कि वह क्षेत्र में स्थिरता वापस लाने की कोशिश जारी रखेंगे। मुनीर सोमवार को ही तेहरान पहुंचे थे। वह ईरान के अधिकारियों से बातचीत के लिए वहां गए हैं। उनका यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान और अमेरिका के बीच भी लगातार तनाव बना हुआ है।
मुनीर के दौरे पर ईरान ने क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इससे पहले मुनीर के दौरे को ईरान और पाकिस्तान के बीच 'बहुत अच्छे और खास संबंधों' के तहत होने वाला दौरा बताया था। बघाई ने मुनीर के तेहरान पहुंचने से पहले प्रेस वार्ता में कहा था, ईरान और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंध इस समय अपने सबसे अच्छे दौर में हैं। दोनों देश हर क्षेत्र में इन संबंधों को लगातार मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
पश्चिम एशिया में संघर्ष के दौरान पाकिस्तान पहले भी अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर चुका है। इसमें जून में दोनों देशों के बीच एक अंतरिम समझ बनाने की कोशिश भी शामिल थी। हालांकि, बाद में यह कोशिश नाकाम हो गई।
जब बघाई से पूछा गया कि क्या मुनीर का दौरा ओमान के विदेश मंत्री बद्र बिन हमद अल बुसैदी के तेहरान दौरे से जुड़ा है, तो उन्होंने कहा कि दोनों दौरों का आपस में कोई संबंध नहीं है। दोनों दौरे सिर्फ एक ही समय पर हो रहे हैं।
अल बुसैदी मंगलवार को ईरान जाने वाले हैं। वह ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के संबंधों, क्षेत्रीय सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। समुद्री यातायात का मुद्दा भी बातचीत में शामिल हो सकता है।
मुनीर का तेहरान दौरा ऐसे समय हुआ है, जब 7 अगस्त को पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत तीनों देशों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला बाकी दोनों देशों पर भी हमला माना जाएगा।
ट्रंप ने अब क्या दावा किया?
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दबाव और बढ़ाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने ईरान को आर्थिक और कामकाज के स्तर पर बर्बादी के कगार पर बताया। ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर दावा किया कि तेहरान पूरी तरह ढह रहा है।
ट्रंप ने लिखा, ईरान पूरी तरह ढह रहा है। एक दूसरी पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि रिपब्लिकन ईरान के खिलाफ जीत रहे हैं। उन्होंने ईरान को ऐसा देश बताया, जो आर्थिक और सैन्य मौत के चक्र में फंसता जा रहा है। ट्रंप ने डेमोक्रेट्स पर भी निशाना साधा। उन्होंने देश के अंदर किए जा रहे राजनीतिक सर्वे को खारिज किया। साथ ही कहा कि दुनिया की मौजूदा स्थिति रिपब्लिकन और अमेरिका के पक्ष में है।
ट्रंप ने लिखा, कट्टरपंथी वामपंथी डेमोक्रेट फर्जी सर्वे को लेकर पागल हो रहे हैं। वे इन्हें ऐसे स्तर पर जारी कर रहे हैं, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया। इन्हें 'मनोबल गिराने वाले अभियान' कहा जाता है। इसमें वे रिपब्लिकन का मनोबल गिराने की कोशिश करते हैं, ताकि वे वोट देने के लिए बाहर न निकलें। लेकिन असली सर्वे बहुत अच्छे हैं। हमारे देश में इससे पहले कभी इतना ज्यादा उत्साह नहीं रहा। हम हर किसी के खिलाफ जीत रहे हैं। इसमें ईरान भी शामिल है। ईरान इस समय आर्थिक और सैन्य मौत के चक्र में है।
अमेरिका की देशों को धमकी पर चीन ने क्या कहा?
वहीं, चीन ने सोमवार को कहा कि प्रतिबंध लगाने और अतिरिक्त दबाव बनाने से 'मामला सुलझाने में मदद नहीं मिलेगी'। अमेरिका ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर भी नए प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बीजिंग में रोजाना होने वाली प्रेस ब्रीफिंग में यह बात कही। उन्होंने कहा, इससे तनाव और बढ़ेगा और स्थिति और बिगड़ेगी। यह किसी के हित में नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि चीन सभी पक्षों से अपील कर रहा है कि वे ऐसे कदम न उठाएं, जिनसे मतभेद और विवाद और बढ़ सकते हैं। साथ ही, वैश्विक आर्थिक विकास और वित्तीय स्थिरता को नुकसान पहुंच सकता है।