वाराणसी: पटाखा विस्फोट में मां-बेटे की हालत गंभीर, चांदनी के भाई ने कहा- भांजा व दादी लापता; तलाश में जुटे लोग
पटाखा विस्फोट में घायल चांदनी बेगम और उसके छोटे बेटे आदिल की हालत गंभीर है। शुक्रवार को दोनों को मंडलीय अस्पताल के आईसीयू से बर्न वार्ड में शिफ्ट किया गया। चांदनी के भाई अख्तर ने बताया कि बड़ा भांजा सेफा और उसकी दादी मुन्नी अब तक लापता हैं। चांदनी की शादी राजू खान से 18 वर्ष पहले हुई थी।
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सारनाथ के पैगंबरपुर में पटाखा बनाने के दौरान हुए विस्फोट में घायल चांदनी बेगम और उसके छोटे बेटे आदिल की हालत गंभीर बनी हुई है। शुक्रवार को दोनों को मंडलीय अस्पताल के आईसीयू से बर्न वार्ड में शिफ्ट किया गया। वहीं, परिवार के बड़े बेटे सेफा और दादी मुन्नी का अब तक पता नहीं चल सका है। परिवार के लोग अस्पताल से घटनास्थल तक अपनों की तलाश में जुटे हैं।
घटना की जानकारी मिलने पर चांदनी के भाई अख्तर और मां परवीन सोनभद्र के घोरावल से मंडलीय अस्पताल पहुंचे। अख्तर ने बताया कि शुक्रवार सुबह समाचार के माध्यम से उन्हें बहन के घर में हुए विस्फोट की जानकारी मिली। इसके बाद वह अस्पताल पहुंचे। वहां बहन चांदनी और छोटे भांजे आदिल को देखा। भांजी आरबी भी मिली, लेकिन बड़े भांजे सेफा और उसकी दादी मुन्नी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
घायलों का चल रहा इलाज
अख्तर ने बताया कि चांदनी से लंबे समय से बातचीत नहीं होती थी। राजू खान से भी उनका पारिवारिक विवाद चल रहा था। उन्हें यह जानकारी थी कि घर में पटाखे बनाने का काम होता था। चांदनी की मां परवीन ने बताया कि उनकी बेटी की शादी करीब 18 वर्ष पहले राजू खान से हुई थी। विस्फोट के बाद से परिवार के लोग अपनों की तलाश में परेशान हैं। एहतियातन मंडलीय अस्पताल में दो महिला उपनिरीक्षकों और कांस्टेबलों की ड्यूटी लगाई गई है।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार शाम पैगंबरपुर में पटाखा बनाने के दौरान हुए तेज विस्फोट से राजू खान का मकान जमींदोज हो गया था। मलबे में राजू खान और परिवार के सदस्यों के दबे होने की सूचना पर पुलिस, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ, एटीएस और बम निरोधक दस्ते की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान चलाया।
विस्फोट की आवाज करीब 400 मीटर के दायरे में सुनाई दी थी। इसकी धमक से आसपास के छह मकानों के खिड़की-दरवाजे और अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए। आसपास के कुछ लोगों को भी चोटें आईं। हादसे के बाद से लापता परिजनों की तलाश और घायलों के उपचार पर ध्यान दिया जा रहा है।